Didi Ki Chudai Kahani – गंदी फिल्म दिखाकर दीदी ने चुदवाई अपनी प्यासी चूत
सभी भाइयों और बहनों को मेरा प्यारा सा नमस्कार, मैं उम्मीद करता हूँ की आप अपनी जिन्दगी में एकदम कुशल मंगल होंगे. मेरा नाम है आदिल और इस Bhai bahan ki chudai ki kahaniyan एपिसोड में आपके सामने लाया हूँ मेरी एक सच्ची घटना Didi Ki Chudai Kahani. दोस्तों इस Didi ki chudai story के दौरान मेने मेरी खाला की लड़की आयशा को चूत चुदाई का भरपूर मजा दिया है.
दोस्तों आयशा दीदी के साथ घटी मेरी ये कहानी आज के 5 बरस पहले की है. लेकिन जब से इस पोर्टल पर अपनी-अपनी कहानी सांझा करने के लिए कहा गया है. तब मैंने भी सोचा की क्यूँ न मैं भी आपके संग अपनी पहली चुदाई वाली कहानी सांझा करूँ? और इसलिए आज मैं आपके सामने मेरी दीदी के साथ हुई चुदाई के बारें में बताने जा रहा हूँ.
सबसे पहले मैं आपको अपने बारें में बताऊ तो दोस्तों मैं इस समय 20 बरस का जिम जाने वाला लौंडा हूँ. तथा मैं अभी एक मोबाइल शॉप पर मिस्त्री का कार्य करता हूँ. और मुझे इस काम में काफी महारत हासिल है. और अभी मेरी आयशा दीदी की उम्र हो चली है करीब 24 बरस की हालाँकि अभी तो 2 बरस पहले उनका निकाह अयूब खां के साथ हो गया है.
लेकिन दोस्तों अभी भी वो मेरे संग हुई पहली बार वाली चुदाई भुला नही पाई है. इसलिए जब भी वह अपने मायके आती है तब मेरे को अपने घर बुलाकर अपनी चूत की खाज जरूर मिटवा लेती है. और मैं भी आपको सच बताऊ तो आयशा दीदी की चूत का इतना बड़ा फैन हूँ की जी करता है मैं उनकी चूत से ही चिपका रहूँ. लेकिन जो नसीब में नही उसका क्या ही कहना…
अब मैं आपको अपने परिवार के बारें में बताऊ दोस्तों तो मेरे परिवार में मैं एकलौता लड़का हूँ. तथा मेरी खाला की बेटी आयशा भी एकलौती ही है. इसलिए खाला पहले मेरे को अपने घर पर बुलाती रहती थी. और मैं जब भी अपने स्कूल की छुट्टियाँ रहती थी तो खाला के घर पर चला जाता था. क्योंकि खाला का घर मेरे घर से महज 2 KM ही दूर है. इसलिए वहां जाना मेरे लिए आम बात थी.
अब दोस्तों जब मैं एक बार खाला के घर गया हुआ था तो मैंने देखा की आयशा दीदी मेरे से इस बार कुछ ज्यादा ही मुस्कुराकर बातें कर रही है. क्यूंकि उस समय वो भी अपनी जवानी के चरम पर थी. तथा मैं भी अब खिलने लगा था. क्योंकि अब मेरे को भी स्कूल में लड़कियां तो पटानी थी. इसलिए हम दोनों की अदाए ही दोनों को भा रही थी.
तभी कुछ दिन बाद एक दिन शाम के समय जब हम खाना खाकर अपने-अपने रूम में जाने लगे तो आयशा दीदी ने मेरे को पढाई के बहाने अपने रूम में बुला लिया. और मैं उसने सवाल सोल्व करवा रहा था. तभी दोस्तों जब मैं सवाल सोल्व कर रहा था तो आयशा दीदी अपने फ़ोन में कुछ ऐसा देख रही थी जिसकी ना तो आवाज आ रही थी ना कुछ और बस मैं नोटिस कर रहा था की आयशा दीदी केवल मुस्कुराये ही जा रही है.
इसलिए काफी वक्त गुजर चूका था और मैं भी ये सब देखकर हैरान था की आखिर ऐसा क्या देख रही है आयशा दीदी जिसकी वजह से वो केवल मुस्कुरा ही रही है. और इसमें कोई आवाज भी नही आ रही है. इसलिए मैंने दीदी से बोला- दीदी ऐसा क्या सीरियल देख रही हो मेरे को भी दिखाओ ना मेरा होमवर्क कम्पलीट हो चूका है… प्लीज.
दीदी बोली- नही तेरी अभी उम्र नही हुई है.
मैं- अच्छा, सीरियल देखने की भी कोई उम्र होती है क्या?
दीदी- हाँ, बिलकुल होती है, क्योंकि कुछ-कुछ सीरियल ऐसे भी होते है जो केवल उम्र को ध्यान में रखकर ही देखे जाते है.
मैं- तब तो दीदी मैं भी ज़रूर देखूंगा, प्लीज दिखाओ ना…. मैं जिद्द करने में लग गया.
तभी दीदी बोली- दिखा तो दूंगी, लेकिन प्रोमिस कर की किसी को बतायेगा नही?
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दीदी के मुंह से ये बात सुनकर मैं चौक गया. और सोचने लगा की ऐसा क्या है जो दीदी मेरे को दिखा नही रही है, उल्टा मेरे से प्रॉमिस करने को और बोले जा रही थी.
तो मैंने ऐसे ही झूट-मूट का प्रॉमिस कर दिया. और फिर दीदी ने मेरे को अपने पास में लिटा लिया तथा अब अपनी गंदी फिल्म शुरू से दिखाने में लग गयी. जहाँ पहले वो लड़का लड़की सिर्फ बातें कर रहे थे. इसके बाद वो किस करने में लग गये और फिर सीधा एक दुसरे को नंगा करने लगे.
अब ये सब देखकर मैं दीदी की तरफ देखा तो दीदी बोली- तुम प्लीज ना देखना हो तो मत देखो अम्मीजान को मत बता देना.
मैं बोला- दीदी ये सब देखकर मेरे को कुछ-कुछ होने लगा है. मैं किसी को कुछ नही बताऊंगा लेकिन आप मुझे ये बताओ की आप कब से ये सब देखने में लग गयी हो?
दीदी- मुझे ये सब देखते हुए करीब 3 बरस हो गये है. इन्ही को देखकर अपना टाइम पास कर लेती हूँ.
मैं- इनसे टाइम पास कैसे होता है? जरा बताओगी डिटेल में?
दीदी- अरे पागल अब तेरे को कैसे समझाऊ, अभी तुम देखे तो तुम्हारे निचे कुछ – कुछ होने लगा है ना?
मैं- हाँ हो रहा है अभी भी.
दीदी- ठीक वैसे ही जब मैंने देखा तो मेरे निचे भी कुछ – कुछ हो जाता है… इसलिए इन्हें देखकर मैं अपनी चूत में ऊँगली कर लेती हूँ.
मैं- लेकिन दीदी ये तो चूत में लंड डाल रहा है, आपको लंड नही डलवाना क्या?
दीदी- किसका डलवाऊ कोई है ही नही जो मेरे को इस प्रकार से चोद सकें जैसे ये लड़का इस लड़की को चोदे जा रहा है.
मैं- लेकिन दीदी अभी तो मेरा मन आपको चोदने का कर रहा है… सच्ची में.
दीदी- अच्छा, तो फिर एक काम कर तू उठ और कमरे के कुण्डी लगाकर मेरे पास वापस आ.
इतना सुनते ही मैंने कमरे के कुण्डी लगा दी. और झट से मैं आयशा दीदी के पास आकर लेट गया. तथा हम दोनों इस दौरान करवट लेकर एक दुसरे को किस करने में लग गये. ठीक वैसे ही जैसे उस फिल्म में वो लड़का और लड़की किस किए जा रहे थे. और करीब 10 मिनट तक एक दुसरे को चूमने के बाद अब दीदी ने मेरे लंड पर अपना हाथ रख दिया.
और अब वो मेरे लंड को सहलाने में लग गयी. तभी मेरा लंड भी एकदम सख्त हो चूका था. और आपको सच बताऊ तो दोस्तों जैसे ही दीदी ने मेरे लंड को सहलाना शुरू किया. मेरे लंड ने पिचकारी छोड़ दी. और अब वह मेरे पजामे में ही झड़ गया. क्योंकि मैंने अभी तक मूठ भी नही मारी थी. इसलिए मेरा लंड चोदने के लिए काफी उतावला हो रखा था.
अब दीदी लगातार मेरे लंड को सहलाये जा रही थी. और फिर उन्होंने महसूस किया की मेरा पजामा तो पहले से ही गीला हो चूका है. इसलिए बोली- क्या आदिल तू तो कच्चा खिलाड़ी निकला?
मैं- कैसे मेरी जान?
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दीदी- बस हाथ लगाने से ही तेरे लंड ने अपना माल छोड़ दिया ये चूत में जाकर तो क्या ही कर पाएगा?
मैं- मेरा मन आपको बहुत चोदने का कर रहा है, अभी मेरा लंड फिर से खड़ा होने के लिए तैयार हो गया है. आप चिंता मत करो मैं आपको उस फिल्म वाले लड़के की तरह ही चोदुंगा.
दीदी बोली- कसम खाओ की तुम्हारा पहली बार है?
मैं- कसम से मेरी जान मेने आजतक चूत भी नही देखी है…
दीदी- कोई बात नही मेरी जान आज मैं तुमको चूत भी दिखा दूंगी, लेकिन प्लीज मेरे को उसी तरह से चोदना जैसे वो लड़का चोद रहा था.
मैं- कोशिश करता हूँ.
इतना कहकर दीदी मेरे ऊपर आ गयी. और अब फिर से मेरे को किस पर किस करे जा रही थी. उसके वो रसीले होठ और मुलायम गाल मेरे को जैसे ही टच हुए मेरे अंदर एकदम से चोदने की भावना जग उठी. और अब मेरा लंड भी फनफनाने को लग गया. यहाँ तक की मैंने नोटिस किया इतना बड़ा लंड मेरा आजतक नही हुआ था. क्योंकि अब मेरा लंड पजामे के ऊपर से निकलने के लिए तैयार हो गया था.
तभी मैं आयशा दीदी के ऊपर आ गया. और अब मैं भी दीदी के गालों पर तो कभी माथे पर तो कभी गर्दन पर पप्पी ले रहा था. मेरे को और दीदी को दोनों को खूब मजा आने लगा था. यहाँ तक की अब दीदी भी अपनी गर्म सांसे छोड़े जा रही थी. और मेरे कूल्हों पर हाथ धरकर अपनी चूत की तरफ जोर लगाये जा रही थी. तभी मैं खड़ा हुआ और दीदी को बिठा दिया तथा दीदी का मैंने अब कुर्ता उतार दिया.
और अब मेरे सामने उसके वो गोल-मटोल बूब्स नजर आने लगे थे. जिन्हें देखकर अब मेरा मन बस उनका दूध पिने का कर रहा था. इसलिए मैंने दीदी को किसी छोटे बच्चे की तरह अपनी गोद में बिठाया और एक हाथ दीदी के बूब पर रखा तथा एक बूब को मैं अपने दांतों से काटे जा रहा था… ये सब होता देख अब दीदी की आः…आहाहाहाह्ह….आदिल…… मेरी जान….. आई लव यू….. आआआआअ….. आहाहाह्हाहा….. बहुत मजा आ रहा है.
जोर से मसलो मेरे बूब्स को…. प्लीज… आदिल….. सिसिसिसीसिसिसिसीस……आआआआआआआ ऐसे किए जा रही थी. दीदी की ये चुदाई की भूख देखकर मैंने उसको कस के पकड़ा और भूखे शेर की तरह उसके ऊपर टूट पड़ा. अब वो भी मेरा साथ देने लगी.
इसके बाद फिर मैंने देर न करते हुए अपने हाथ उसके लोवर के अंदर डाल दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा. मैंने अपनी बीच वाली उंगली से उसकी चूत के दाने को खूब हिलाया और फिर अपनी पूरी उंगली उसकी चूत में एक ही झटके में घुसा दी. और जैसे ही मैंने ऊँगली घुसाई दीदी-आआआआआ……..आआआआआअ……ईईईईई……….ऊऊऊऊ……. मार डाला……. पागल….. आआआआअ…. करने में लग गयी. और एकदम तड़पने में लग गयी.
ऐसा लग रहा था की अब दीदी लंड घुसाने के लिए बेताब हो रही हो. लेकिन मैं कहाँ इतनी जल्दी अपना लंड दीदी की चूत में डालने वाला था. क्योंकि मेरे को भी उसकी गर्म-गर्म चूत में ऊँगली करने में बहुत मजा आ रहा था. इसलिए मैं जोर-जोर से आयशा दीदी की चूत में ऊँगली करे जा रहा था. तभी उसकी चूत में से पानी की धारा बहने लगी. जिसे महसूस करके अब मेरा मन और जोर जोर से ऊँगली करने को किया. और फिर मैंने अपनी ऊँगली की स्पीड बढ़ा दी. तथा मेरी बढती स्पीड से दीदी उछलने लग गयी. तथा अपना माल छोड़ने के साथ ही पेशाब भी निकाल फेंकी.
और पूरा पेशाब बेड पर ही टपक पड़ा. जिसे देखकर मैंने बोला- आपने पेशाब कर दिया?
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दीदी- कोई बात नही सुबह मैं धो दूंगी, तुम तो प्लीज जो कर रहे हो वैसे ही करते रहो. बहुत मजा आ रहा है मेरी जान.
आयशा दीदी के मुंह से ये प्यार भरा अंदाज सुनकर मैं अब उनके लोअर को उतार दिया. जहाँ अब मेरे को उनकी गुलाबी चूत के दर्शन करने को मिले. और मैंने देखा की उनकी चूत (didi ki chut) तो पहले से ही वीर्य से सन्नी हुई थी. क्योंकि वो मेरी ऊँगली से ही काफी पानी छोड़ चुकी थी. और काफी चिपचिपी हो रखी थी. तथा मैंने देखा की आयशा दीदी की चूत पर एक भी बाल नही था.
शायद उन्होंने कोई क्रीम लगाकर आजकल में ही अपनी चूत की सफाई की हो. इसलिए मुझे उनकी चूत चाटने का मन हो गया. और मैंने अब कोई आव देखा न ताव सीधा दीदी की चूत पर अपनी जीभ टिका दी. और अब मैंने दीदी की चूत रस पिने में लग गया. और उधर दीदी मेरे माथे को पकड़कर आः…अआः….आहाहहः….आह्हाह्हा….आह्हहः…अहहहः… किए जा रही थी.
करीब 5 मिनट तक चूत का रस पिने के बाद अब मेरा लंड भी दीदी की गुलाबी चूत में घुसने के लिए तड़पने लग गया. और मैं भी अब अपना पजामा खोलकर अपना लंड लिए दीदी की चूत के सामने आ गया. और मेरा तना हुआ लंड देखकर दीदी बोली- ओये पागल, इतना बड़ा लंड है तेरा…. हाए…अल्लाह… फाड़ दो मेरी चूत को इस लंड से.
तभी मैं दीदी की चूत पर अपने लंड की टोपे को सहलाने में लग गया. और अब दीदी से रहा नही गया इसलिए दीदी ने खुद से ही अपनी चूत के छेद पर मेरे लंड को सेट कर दिया और बोली- अब घुसा भी दो अपने लंड को मत तडपाओ मेरे को. अब वो पूरी गरम हो गई इसलिए मैंने जोरदार धक्का मारा. मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ आधा उसकी मुलायम चूत में घुस गया.
आयशा दीदी दर्द से चिल्लाई और मैंने उसके होंठ चूसते हुए धीरे धीरे धक्के मारे और अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में था. उसकी सील टूट चुकी थी और चूत से खू:न निकल रहा था. अब उसको मजा आने लगा. फिर मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी. और उसकी गुलाबी चूत को फाड़ के रख दिया.
मेरा लंड दीदी की चूत में घुसकर इतना खुश फील कर रहा था की मैं अब लगातार अपनी स्पीड बढ़ा रहा था. मेरे बढ़ते हुए धक्कों से दीदी दर्द से चिल्ला रही थी लेकिन मैंने उसके होठों पे हाथ रखा लेकिन अपनी स्पीड कम नहीं की. अब उसका दर्द भी कम होने लगा और वो मेरा साथ देने लगी.
करीब 20 मिनट तक आगे पीछे करने के बाद मेरा छूटने वाला था. इसलिए मैंने आयशा दीदी को कसकर पकड़ लिया और अपने लंड को अंदर तक जोर देकर अपना माल दीदी की चूत में ही छोड़ दिया. और फिर मैं दीदी के ऊपर ही पसर गया. तथा अब दीदी मेरे ऊपर अपना प्यार भरा हाथ सहलाने में लग गयी.
मेरी चुदाई से खुश होकर दीदी बोली- बड़ा कमाल का बन्दा है तू तो उस फिल्म के लडके से सभी तगड़ा चोद लेता है.
मैं बोला- अब आपके जितनी खुबसुरत बला सामने होगी तो कौन दमदार तरीके से नही चोदेगा.
दीदी- ध्यान रखना किसी को बता मत देना अपनी इस चुदाई के बारें में.
मैं- पागल हो गयी हो क्या ऐसी सीक्रेट बाते भी भला किसी से शेयर की जाती है?
इतना सुनते ही दीदी फिर से मेरे से लिपट गयी. और अब वह फिर से मेरे को पप्पी पर पप्पी देने में लग गयी. और मैं भी अब कहाँ शांत रहने वाला था. मैंने भी दीदी का भरपूर साथ दिया. और फिर से हम चुदाई करने में लग गये. अब दोस्तों आपको बताऊ सुबह तक हमने कुल 5 राउंड चुदाई के कर डाले. और दीदी की हालत ऐसी हो गयी थी की अब उससे ठीक से चला भी नही जा रहा था.
लेकिन वो बता रही थी की दर्द कम मजा ज्यादा आ रहा है. तुम मेरे दर्द की परवाह मत करो तुम तो सिर्फ मेरे को इसी अंदाज में चुदाई का मजा दे दिया करो. तो दोस्तों उन दिनों मैं मौसी के घर करीब 7 दिन तक रहा और पुरे 7 दिन आयशा दीदी की चूत को खोखला कर दिया.
अब भी उनका निकाह हो चूका है लेकिन वो मेरे लंड को नही भूली है. तथा जब भी मायके आती है तो मुझे फोन करके बुला लेती है. तथा मेरे से चूत जरूर मरवाकर जाती है. काश ऐसी बहन सभी को मिले..!
ये दीदी की चुदाई कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Badi didi ki chudai कहानी बहुत पसंद आई होगी. अगर आपको मेरी Gandi Kahaniyan पसंद आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. हम आपके लिए ऐसे ही मजेदार कहानियां लेकर आते रहेंगे.