Muslim Sex Kahani – चाची जान को चोदकर दिया सन्तान का सुख
सभी पाठकों को आदाब, आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiKahaniyan.com के Muslim Family Sex Story के नए एपिसोड में. पेश है आपके सामने एक बार फिर से शाहरुख़ जी द्वारा भेजी गयी Muslim Sex Kahani लेकर. इस कहानी में शाहरुख़ जी बताते है की उन्होंने अपनी सगी चाची को सेक्स का मजा देकर सन्तान का सुख प्रदान क्या है.
सुनिए अब शाहरुख़ जी की जुबानी से- दोस्तों मेरा नाम शाहरुख़ है और में पाकिस्तान के बलोच का रहने वाला हूँ. तथा मेरी इस प्यारी सी Muslim chudai kahani में मेने अपनी सगी चाची शबनम को चोदकर ऐसा मजा दिया है की वो आज तक मेरे लंड को भुला नही पा रही है. क्योंकि चाचू तो लगभग अपने काम में बीजी रहने के कारण विदेश में पड़े रहते है.
लेकिन वो ये नही सोचते की घर पर बीवी भी है. और उसकी चुदाई का ख्याल कौन करेगा? दरअसल मेरी शबनम चाची इतनी हॉट है की दोस्तों किसी का भी लौड़ा खड़ा कर दे. और वो अभी कुछ ज्यादा उम्र की भी नही हुई है. वह फ़िलहाल केवल 32 बरस की हुई है. और उनकी मेरे सोहेल चाचू के साथ निकाह हुए करीब 7 बरस होने को आए लेकिन अभी तक उन्हें कोई बच्चा नही हुआ है.
अब जैसा की मैंने आपको पहले भी इसका ठोस कारण बताया है की मेरे चाचू घर से बाहर रहते है. शायद इसलिए उन्हें अभी तक कोई बच्चा नही हो पाया है. इसके अलावा सच्चाई क्या थी वो तो फिर मेरे को जब चाची ने चुदाई का मजा लिया तब पता चला. और चाची ने बताया की चाचा का लंड मेरे कोई असर नही कर पाता है. क्योंकि उनको सेक्स की कोई समस्या है इसलिए वो ठीक से चुदाई भी नही कर पाते है. इसलिए मुझे बच्चा नही हुआ है.
और जब से मैंने चाची के मुंह से ये सच्चाई जानी तब से तो मानों की मेरे अंदर और चुदाई का जोश आ गया. और फिर चाची को कुल 5 दिन लगातार चोदकर आख़िरकार प्रेग्नेंट करके ही छोड़ा. असल में दोस्तों में और शबनम चाची दोनों घुले मिले रहते है. क्योंकि हमारा घर एक संयुक्त परिवार है. जिसमे सभी लोग शामिल है.
और हमारी हवेली भी 3 मंजिला है. जहाँ तीसरी मंजिल पर कोई भी नही जाता है. सभी लोग दूसरी मंजिल तक ही शिफ्ट हो रखे है. इसलिए पिछले कई दिनों से मुझे सच बताऊ तो शबनम चाची की हरकतें कुछ अजीब सी लगने लगी थी. क्योंकि दोस्तों मैं भी कोई कम हेंडसम नही हूँ. मैं डेली जिम जाता हूँ और हमेशा अपने शरीर को फिट रखने की कोशिश करता हूँ.
इसलिए मेरे पर कॉलेज में भी कई लड़कियां मरती है. लेकिन मैं कभी उन पर कुछ ख़ास ध्यान नही दिया. क्योंकि मुझे इससे पहले चुदाई का कोई नॉलेज नही था. लेकिन फिर एक दिन मैं और शबनम चाची दोनों अकेले ही बातें करने में लगे हुए थे. इसी दौरान चाची ने बताया की मैं कल शोपिंग के लिए गयी थी. और वहां से मैं अपने लिए ये सलवार सूट लेकर आई हूँ. तुम बताओ शाहरुख़ ये सलवार सूट मेरे पर कैसा लगेगा?
मैं बोला- अब क्या ही बताऊ चाची जब आप पहन लोगी तब पता चल जाएगा. वैसे भी आपके इस खुबसुरत बदन पर हर कोई कपड़ा सेट हो ही जाता है. इसलिए आप बेफिक्र रहो इस मामले में.
लेकिन दोस्तों ये ही मेरी शबनम चाची की चुदवाने की चाल साबित हुई क्योंकि अब उन्होंने बोला की, चलो ठीक है फिर मैं तेरे को पहन कर दिखाती हूँ. फिर मुझे बताना की ये सलवार सूट मेरे पर अच्छा लगता है या नही.
मैं बोला- ठीक है चाची पहन लो, मैं बाहर चला जाता हूँ.
चाची बोली- अरे तुम बाहर क्यूँ जा रहे हो इधर ही बैठे रहो, और सिर्फ बता देना.
इतना सुनकर मैं फिर वहीँ चाची के कमरे में ही बैठा रहा. और फिर चाची मेरे सामने ही अपना पहले वाला सलवार खोलने में लग गयी. जहाँ अब मेरे को उनकी गोरी-गोरी टाँगे साफ़-साफ़ दिखने में लग गयी. ये सब देखकर दोस्तों मेरे अंदर मानों एक अजीब सा जूनून पैदा हो गया. और फिर चाची भी चाहकर मेरे को ये सब दिखने में लगी हुई थी.
जहाँ अब वह बिना सलवार पहने ही कुरता भी खोलने में लग गयी. तथा अब वो मेरे सामने अपना स्लिम सा बदन लेकर केवल ब्रा और पेंटी में ही खड़ी थी. और मेरी इस दौरान उनका ये बदन देखकर कम्पन होना स्टार्ट हो गया था. क्योंकि मैंने पहली बार कोई ऐसी हुस्न की मलिका देखी थी. और अब मेरा मन उनको ऐसे ही ब्रा-पेंटी में देखने के लिए बेताब होने लग गया.
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तथा मैं अब शबनम चाची को केवल एक नजर से घूरे जा रहा था. इधर मेरा लंड अब बड़ा से बड़ा होने में लगा हुआ था. मुझे अब ऐसा फील हो रहा था की अब जाकर बस शबनम के कूल्हों पर अपना हाथ सहलाऊ. लेकिन दोस्तों अभी मेरे मन में डर था क्योंकि मुझे नही पता था की शबनम चाची ऐसा सब मेरे से चुदवाने के लिए कर रही है.
अब वो मेरे को डायरेक्ट मुंह पर तो बोल नही सकती थी. इसलिए वो ये चेंजिंग वाला नाटक कर रही थी. और चेक कर रही थी की कब ये मेरे को पकड़कर चुदाई चालू करेंगा. इसलिए मैं भी कुछ देर तो ये सब देखता रहा. लेकिन अब मेरे से रहा नही जा रहा था. और अब शबनम चाची पहले तो अपना नया वाला कुरता डाल ली जिसके बाद उन्होंने सलवार पहने के लिए गांड को मेरी तरह किया.
और अब जैसे ही वो निचे हुई मेरे को उनकी चिकनी गांड भी दिख गयी. जिसके बाद से मेरे से बिलकुल भी बर्दाश्त नही हुआ और मैंने अपना हाथ शबनम चाची के गोरे-गोरे कूल्हों पर टच कर दिया. और मेरा हाथ टच होता देख शबनम चाची बोली- रुको अभी पहनने तो दो.
मैं बोला- चाची पहन तो लो लेकिन मेरे से अब रहा नही जा रहा है, मेरा अब आपके साथ कुछ करने का मन हो गया है.
चाची- इतने कच्चे खिलाड़ी हो क्या शाहरुख़ तुम?
मैं- ये सब मेरे को नही पता लेकिन जब से मैंने आपको इस रूप में देखा है तब से मेरे से बिलकुल भी नही रहा जा रहा है. और मेरा जी कर रहा है की अब मैं जल्द से जल्द आपकी पेंटी उतार दू.
चाची- अच्छा, इतनी सेक्सी लगी मैं तेरे को?
मैं- हाँ चाची….
चाची- चल फिर तूझे जो करना है वो कर ले लेकिन किसी से इस बात का जिक्र मत कर देना.
मैं बोला- नही चाची बिलकुल नही करूँगा….
चाची बोली- अब जा जाकर कमरे की कुण्डी लगाकर आजा मेरे पास.
इतना सुनते ही मैं झट से कुण्डी लगाने के लिए चला गया. और कुण्डी लगाकर अब मैंने शबनम चाची को अपनी बाहों में भर लिया. और जैसे ही मैंने उन्हें अपनी बाहों में भरा तो मैंने फील किया की चाची पहले से ही काफी गर्म हो रखी है. इसलिए अब मैंने सीधा अपना हाथ उनकी पेंटी के ऊपर से चूत पर लगा डाला. जहाँ मैंने देखा की उनकी चूत के अंदर से तो पहले से ही चिपका हुआ माल निकल रहा है.
मैं पूछा- चाची आपने अभी पेशाब किया है क्या?
चाची बोली- नही पागल ये तेरे लिए मैंने अपनी चूत को गीला किया है, ताकि तू मेरे साथ ढंग से मजे कर सके.
मैं- तो फिर आप चाचू के साथ भी ऐसे ही गीली करती हो क्या?
चाची बोली- उनके पास गीली करने से कोई फायदा नही है.
मैं- क्यूँ चाची?
चाची- उनसे कुछ होता तो है नही बस टाइम पास करते है वो इसलिए अभी तक मेरे को 7 बरस हो गये लेकिन बच्चा नही हो पाया है. आज तुम मेरी ऐसी चुदाई कर देना की मैं अब बच्चे का सुख देख सकूं.
इतना बोलकर चाची ने मेरे को पास में पड़ी एक खटिया पर लिटा दिया और अब वो मेरे ऊपर चढ़ गयी. तथा अब वो मेरे को पागलों की तरह किस करने में लग गयी. मैं भी कौनसा कम था मैंने भी शबनम चाची का इस मामले में भरपूर साथ दिया. और मैं भी उनको कभी गालों पर तो कभी गर्दन पर किस करने में लग गया.
इसके साथ ही अब मैं नीचे चाची की चूत को भी छेड़ रहा था. उसने एक हाथ चूत पर रखा और उसे ढक लिया. इससे निप्पल्स आज़ाद हो गए. मैंने उँगलियों से निप्पल्स को खींचा और घूमाने लगा. अब मैंने एक हाथ से उसकी चूत से हाथ हटाया और चूत को रगड़ने लगा. उसकी चूत अब गीली हो रही थी.
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मैं समझ गया की अब उसका भी मन चुदाई का था. मैंने अपनी मिडिल फिंगर चूत में डाल दी. इसके बाद मैंने भी निप्पल्स मुँह में लेके खूब चूसे और बूब्स को हल्का-हल्का काटा भी. फिर मैं उठा और शबनम चाची की टांगो को खोला और नीचे बैठ गया. उसकी चूत पर हलके-हलके बाल थे. मैंने चूत पर किस की और चारो तरफ चाटा और फिर चूत के ऊपर जीभ फेरने लगा.
अब जैसा की चाची ने पहले भी बताया था की चाचू का लंड आजतक उनकी चूत में पूरा नही घुस पाया था. इसलिए उनकी चूत काफी टाइट और रसीली थी. मैंने अब उनकी चूत चाटते हुए जीभ अंदर डाल दी. शबनम चाची एक पल के लिए चीख पड़ी. फिर आँखें बंद करके लेट गयी. मैंने जीभ अंदर-बाहर की और उसका जूस निकालने लगा.
अब मैं उठा और शबनम चाची की टाँगे ऊपर उठा ली. फिर लंड चूत पर रगड़ा. इस दौरान चाची अब खामोश थी. और अपनी गर्म सांसे लगातार छोड़े जा रही थी. ऐसा लग रहा था की आज उसकी सुहागरात हो. मैंने लंड चूत के होल पर सेट किया और एक झटका दिया. आधा लंड अंदर चला गया और वो चिल्लाने लगी. आआआआ…….आआआआअ…….. शाहरुख़…… मर गयी. उसकी आँखों से आंसू निकल आये. मैंने लंड अंदर ही रहने दिया और झुक के निप्पल्स चूसने लगा.
क्योंकि मैंने भी चुदाई की ट्रिक फिल्मों में पहले सिख रखी थी. इसलिए मैं अब धीरे-धीरे करके चाची की चूत के मजे लेने में लगा हुआ था. क्योंकि मैं अगर कोई भी जल्दबाजी करता तो चाची कब का ही मेरे से नाराज हो जाती. इसलिए मैं चाह रहा था की आज शबनम चाची की ऐसी चुदाई करूँ जो वो अपनी जिंदगी भर याद रखे.
इसी को ध्यान में रखते हुए अब मैं कुछ देर बूब्स चूसने के बाद जब शबनम चाची थोड़ा शांत हुई तो दूसरा झटका दिया. अब पूरा लंड अंदर चला गया. और अब मैं करीब 5 मिनट तक चाची की चूत में आगे-पीछे करता रहा. कुछ देर बाद ही शबनम चाची की चीखें मज़े की आह्हः आह….आहाहहहहहः…..अहहहहहः….. में बदल गयी और नीचे से गांड भी उछालने लगी.
और अब शबनम चाची मेरे को जोर जोर से चोदने के लिए कहने में लग गयी. जहाँ मेने भी उनकी ये बात मानी और अब मैं उनको जोर-जोर से झटके देकर चोदने में लग गया. तथा अब चाची एकदम से मेरे को कसकर पकड़ ली. और आह…आह्हह…अहहहह्हा…अहहहः….. करने में लग गयी.
मुझे लगा की अब मेरा लंड पूरा अंदर जा रहा है इसलिए शायद चाची ऐसा कर रही है. लेकिन फिर चाची बोली- मजा आ रहा है…प्लीज ऐसे ही मेरे को चोदना जारी रखो… मेरी जान …. शाहरुख़…. प्लीज…. प्लीज…. प्लीज…. ऐसा करके अब वो लगातार अपनी चूत में से पतला-पतला जूस वाला पानी छोड़ने में लग गयी.
और अब मेरे झटके भी जोर जोर से होने के कारण चाची तो झड़कर निढाल हो गयी. लेकिन अब करीब 20 मिनट तक चोदने के बाद मेरा अब झड़ने का मन हो चला था. इसलिए मैंने बोला- चाची मेरा भी अब निकलने वाला है.
चाची बोली- प्लीज इसे अंदर ही निकाल देना. मेरे को बच्चा चाहिए, सिर्फ बच्चा.
चाची की ये बात सुनकर अब मैंने उनको जोर-जोर से पेलना शुरू कर डाला. और अब मैं उनके अंदर ही जोर लगाकर झड़ गया. तथा चाची भी आह…आहाह…आहाह्ह…. चुदाई हो तो ऐसी…. काश तू मेरे को पहले ही चोद लेता …. कितना मजा आता.
मैं बोला- चाची आपने पहले कब बोला मेरे को चोदने के लिए?
चाची- आज भी कहाँ बोला था लेकिन चुदाई के लिए बोला नही जाता पागल, बस चुदाई कर ही ली जाती है.
मैं- अच्छा ठीक है अब से ध्यान रखूँगा.
चाची- हाँ अब से सिर्फ मेरा ही ध्यान रखना कहीं तुम कॉलेज में लड़कियों का ध्यान रखने में लग जाओ.
मैं- ना चाची आपकी जितनी चिकनी चूत उनकी कहाँ है.
चाची- चलो फिर एक राउंड और चुदाई कर लेते है इस बात पर.
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मैं- हाँ चाची मेरा भी अब फिर से मन होने लग गया है.
चाची- चलो फिर तुम मेरे को पहले अपना लंड चुसाओ.
इतना कहते ही मैंने अपना लंड चाची के सामने ला दिया. और अब वो मेरे लंड को चूसकर खड़ा करने में लगी हुई थी. तभी मेरा लंड फिर से पूरा 6 इंच का हथियार बन चूका था. और अब चाची बोली- अब तैयार है तेरा लंड फिर से चोदने के लिए.
मैं बोला- चाची आप प्लीज घोड़ी बन जाओ. मैंने फिल्मों में देखा है घोड़ी बनाने के बाद चुदाई दमदार होती है और ज्यादा.
चाची- ओह्ह मेरी जान…. अल्लाह तेरे को सलामत रखे…. तूने तो मेरे मुंह की बात छीन ली.
इतना कहकर चाची फिर दीवार का सहारा लेकर घोड़ी बन गयी. और अब मैंने पीछे से देखा की उनकी वो गोरी-गोरी गांड मेरे लंड को बेताब किए जा रही थी. इसलिए अब मैं नीछे झुककर देखा और पाया की चाची की चूत को चाट लिया जाए. इसलिए मैं पीछे से ही चाची की चूत को चाटने में लग गया. और उनकी चूत का रस फिर से पिने में लग गया.
चाची भी अब अपनी चूत को चुस्वाकर आह…आहाहाह…आहाह्हः…आह्हाह…हहहाहा…. मेरी जान…. और चाटो…. बहुत मजा आ रहा है…. प्लीज….. किए जा रही थी. और मैं भी लगातार उनकी चूत को चाटे जा रहा था.
करीब 5 मिनट तक लगातार चूत चाटने के बाद अब मैंने चाची की कमर को पकड़ा और अपना लंड उनकी चूत में सेट कर दिया. तथा अब मैं उनको पीछे से दमदार झटके देने में लग गया. तथा मेरे हर झटके से चाची की चूत में से रस निकलना शुरू हो गया. तथा करीब करीब आधे घंटे तक मैं चाची को इसी अंदाज में घोड़ी बनाकर चोदता रहा.
मेरी इस चुदाई से चाची करीब 3 बार झड़ चुकी थी. और अपनी चूत से काफी पानी बहाने में लगी हुई थी. लेकिन उनकी लंड लेने की प्यास कम न हो रही थी. इसलिए फिर मैं जोर-जोर से चोदते हुए फिर से चाची की चूत में ही अपना माल निकाल फेंका. और करीब 2 मिनट तक चाची की कमर को कसकर पकड़कर अपना लंड गाड़े रखा.
जिसके बाद मैंने अपना लंड निकाला और फिर मेरी चाची भी मेरी इस दमदार चुदाई से थक गयी थी. इसलिए वह बोली- अब रात को करेंगे चुदाई.
मैं बोला- ठीक है मेरी जान… अब आप अपना सलवार पहन लो.
और फिर मेरी शबनम चाची अपना पुराना वाला सलवार ही पहनने में लग गयी. तथा इस दिन के बाद से करीब अगले 5 दिन तक हमने दमदार चुदाई का मजा लिया. और अब शबनम चाची मेरे बच्चे की माँ भी बनने वाली है. जिसके लिए वो मेरे को हरदम थैंकयू बोलती है…!
ये Muslim Sex Kahani आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Muslim chudai kahani बहुत पसंद आई होगी. अगर आपको मेरी Gandi Kahaniyan पसंद आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. हम आपके लिए ऐसे ही मजेदार कहानियां लेकर आते रहेंगे.