Naukar Ne Malkin Ko Choda – सेठजी ने मालकिन को किया मेरे हवाले
हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों, आशा करता हूँ की आप एकदम मस्त और अच्छे होंगे. दोस्तों जैसा की हम आजकल देख रहे है कई पति अपनी पत्नी को ढंग से मजा नही दे पा रहे है. और इसी की वजह से या तो पत्नी चुपके से दुसरे के साथ सेट हो जाती है. या फिर पत्नी को उसका पति खुद दुसरे के चुदवाना शुरू कर देता है. और इसी का मजा मेरे को मिला है. क्योंकि मेरी इस Naukar Ne Malkin Ko Choda कहानी में मैंने अपनी खुबसुरत की सेठानी को जमकर चुदाई का मजा प्रदान किया है.
और ऐसा मजा दिया है की वो कहती है की भगवान करें मेरे को अगले जन्म में भी तेरे जैसा हट्टा कट्टा पति मिले. क्योंकि दोस्तों मेरी इस Malkin naukar sex कहानी में मेरे सेठजी ने खुद मेरे को सेठानी को चोदने के लिए आमंत्रित किया था. इसलिए मेरे को अब किसी का डर भी नही है. दरअसल दोस्तों वैसे तो मैं बिहार का रहने वाला हूँ. लेकिन अभी फ़िलहाल इंदौर में एक सेठ के नौकरी करता हूँ.
जहाँ पहले तो कम्पनी में गत्ते बनता था. लेकिन एक दिन जब मैं सेठजी के घर पर किसी काम से गया तो सेठानी मेरे को देखकर इतनी खुश हुई की, इसके बाद उन्होंने सेठजी से खुद को चुदवाने की मांग कर डाली. और हो भी क्यों ना क्योंकि दोस्तों मैं भी दिखने में एकदम हेंडसम टाइप बन्दा हूँ. और मेरी हाइट पूरी 6 फिट और लंड की साइज़ 6 इंच की है.
कोई चुदाई की भूखी औरत तो मुझे देखकर वैसे ही फ़िदा हो जाती है. और इसी में मेरी प्यारी सी सेठानी भी शामिल हो गयी. क्योंकि सेठजी उन्हें वो मजा नही दे पाते थे जो उन्हें चाहिए था. असल में दोस्तों सेठजी की ये दूसरी लुगाई है. क्योंकि आपको तो पता ही है पैसे के दम पर घरवाले बिना उम्र का लिहाज किए किसी के साथ भी किसी का विवाह कर देते है.
और इसी की चपेट में मेरी प्यारी सी सेठानी भी फंस गयी. क्योंकि उनकी उम्र अभी तक 30 बरस की भी नही है. और सेठजी ठहरे पुरे 50 के. इसलिए दूसरों से चुदना तो लाजमी था. क्योंकि अगर चुदाई समय पर नही करोगे तो फिर घर में कलेश बढेगा. और जब कलेश बढेगा तो घर की शांति बेहाल हो जाएगी. इसलिए दोस्तों जब से मेरे पर सेठानी जी की नजर पड़ी वो मानों मेरे पर लट्टू हो गयी और वैसे तो उस दिन उन्होंने मेरे से खूब बातें भी की. लेकिन मेरे को नही पता था की सेठानी जी को चुदवाने की आग लगी हुई है.
इसके बाद जब सेठजी घर पर आए तो सेठानी जी ने मेरे बारें में बताया और बोली की मैं उसके साथ सेक्स करना चाहती हूँ. अब आपको तो पता ही है बनिया बुद्दी का आदमी पैसे से ज्यादा मतलब रखता है. इसलिए सेठजी ने भी सोचा की ठीक है कम से कम इसी बहाने घर में कलेश तो नही होगा. इसलिए सेठजी अगले दिन जब मैं दुकान गया तो मेरे को बोले की तुमको घर पर ही काम करना है.
हालाँकि मैं पहले तो बोला- सेठजी मेरे को घर का बिलकुल भी काम नही आता है. प्लीज आप मेरे को इधर ही काम पर रख लो.
सेठजी- जितना बोला है उतना करो.
मैं- फिर भी सेठजी काम क्या है?
सेठजी- कुछ नही बस घर का छोटा मोटा काम करना है.
मैं- मेरे को खाना वगेरह नही बनाना आता है अभी.
सेठजी- तेरे को जरूरत ही नही है खाना बनाने की. तेरी सेठानी खुद ही बना देगी खाना तेरे लिए.
इतना कहकर मेरे को सेठजी ने घर भेज दिया. जहाँ सेठानी मानों मेरा इंतजार कर रही हो. अब जैसे ही मैं घर पहुंचा तो सेठानी बोली- इधर आओ.
मैं चला गया और बोला- जी मालकिन बोलिए.
सेठानी- कुछ नही बैठ जाओ, तुम्हारा नाम क्या है?
मैं- रमेश.
सेठानी- कब से काम कर रहे हो यहाँ?
मैं- अभी पिछले महीने ही लगा हूँ.
सेठानी- अच्छा, तो तुम्हारी शादी हो गयी.
मैं- नही, अभी नही हुई घर वाले बात जरूर कर रहे है.
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सेठानी- कोई गर्लफ्रेंड वगेरह का चक्कर थोड़ी है?
मैं- हाँ गाँव में है मेरी एक गर्लफ्रेंड.
सेठानी- कितनी खुशनसीब होगी तुम्हारी गर्लफ्रेंड.
मैं- कैसे सेठानी जी?
सेठानी- यु ही तुम कितने हॉट और सेक्सी बंदे हो इसलिए.
मैं- आपको मैं हॉट और सेक्सी लगा?
सेठानी- हाँ हो ही, इसमें क्या शक वाली बात है… मेरे को तुम पसंद आए इसलिए तो सेठजी ने तुम्हे यहाँ भेजा है.
मैं- मतलब सेठानी जी मैं कुछ समझा नही.
सेठानी- अरे सेठजी ने यहाँ तुम्हे काम करने के लिए थोड़ी भेजा है.
मैं- तो फिर?
सेठानी- तुम बुरा तो नही मानोगे ना?
मैं- नही सेठानी जी बताओ प्लीज…. मेरे को बिलकुल भी आईडिया नही है.
सेठानी- तुम जब से यहाँ घर पर आए थे तभी से तुम मेरे को पसंद आए इसलिए मैंने खुद ही तेरे को घर पर रहने के लिए बुलाया है, वैसे तुम बताओ मैं तुमको कैसी लगती हूँ?
मैं- आप तो खुद ही हॉट और सेक्सी हो सेठानी जी.
सेठानी- अच्छा तब ठीक है, कभी सेक्स वगेरह भी किया है?
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मैं- हाँ कई बार किया है अपनी गर्लफ्रेंड के साथ.
सेठानी- अच्छा तब तो वो तुमसे बहुत खुश रहती होगी?
मैं- हाँ लेकिन पापी पेट की वजह से इधर कमाने के लिए आना पड़ा है.
सेठानी- कोई बात नही, क्या जिस प्रकार तुम अपनी गर्लफ्रेंड को मजा देते हो मुझे भी दे सकते हो?
मैं- हाँ लेकिन सेठजी को पता चल गया तो?
सेठानी- अरे बोला ना सेठजी ने खुद ही भेजा है तुमको मेरे साथ सेक्स करने के लिए.
मैं- अच्छा तब ठीक है.
इतना कहकर सेठानी मेरे को अपने बेडरूम में ले गयी. फिर मेरे को पास बैठकर किस करने में लग गयी. अब मैं भी देख रहा था की सेठानी जी की चुदाई की प्यास कुछ ज्यादा ही बढ़ी हुई थी. और उनका ये रूप देखकर लग रहा था की सेठजी ने काफी दिनों से उनकी चुदाई नही की होगी. इसलिए मैंने पूछा- आपको सेठजी सेक्स का मजा नही देते क्या बिलकुल भी?
सेठानी- अगर उनसे ही कुछ होता तो तुमको बुलाने की नौबत थोड़ी आती. इतना कहते ही मैंने सेठानी को लिटा दिया. और अब मैं खुद ही धीरे-धीरे उनके कपड़े उतारने में लग गया. पहले मैंने उनका ब्लाउज उतारा और देखा की उनके 34 के मम्मे एकदम तने हुए नजर आ रहे थे. और मानों मेरे को आवाज दे रहे हो की चुसो मुझे और मसलो.
इसलिए उन्हें देखते ही मैंने सेठानी में म्मों को मसलना शुरू कर दिया. और जैसे ही मैंने ये काम शुरू किया सेठानी की तो आआआआआ………आआआआआ…….स्सीसिस्सीसिसिसिसिस्सी………ईईईईईइ शुरू हो गयी. तथा इसके बाद भी मैं उनकी ये तड़प देखकर उनको चूसता ही रहा.
तथा कभी उनको गालों पर किस करता तो कभी उनके मम्मों को चूस रहा था. और मेरे को भी इस दौरान चुदाई का खूब नशा चढ़ चूका था. क्योंकि सेठानी भी किसी सेक्सी औरत से कम नही थी. एकदम गोरी-चीटी लड़की थी वो भी. इसलिए इस दौरान मैं एक मम्मे को चूसता तो दूसरा दबाता, निप्पल जो की भूरे रंग की है, दांत से काटता. दांत लगते ही वो सिसक पड़ती.
इसके बाद मैंने पहले उनके होंठो को चूमा, फिर कान के इर्द गिर्द जीभ फेरी, फिर गर्दन चूमा और चूचियाँ दबाता रहा. और फिर इसके बाद मैंने सेठानी को अपनी साड़ी उतारने के लिए बोला. जिसके बाद सेठानी खड़ी हुई और अपने पुरे कपड़े निकाल फेंके. तथा इस दौरान वह मेरे सामने एकदम नंगी थी. और मैंने देखा की उनकी चूत…. आए….हाए…..एकदम गुलाबी लकीरी वाली…..देखते ही मूंह में पानी आ गया.
और मेरे धडकन भी तेज हो चुकी थी. इसके बाद मैंने सेठानी को फिर से लिटाया और अब मैं फिर से उनकी नाभि से होते हुए बुर तक पहुंचा. सेठानी की बुर ज्यादा बड़ी नहीं थी, लेकिन बुर के होंठ थोड़े से निकले हुए थे, जिससे की बुर और भी अच्छी लग रही थी. मैंने जैसे ही बुर पे अपनी जीभ फिराई, सेठानी के मुंह से आवाज निकली…आआआअ……….ईईईईई………….रमेश……..चाटो……प्लीज.
और सेठानी अपने पैर फैला दी. मैं बुर के होंठ को जीभ से मस्ती मे चाट रहा था, कभी ऊँगली डाल देता, कभी जीभ डाल देता. ऐसे 10 मिनट्स करने के बाद अचानक से सेठानी ने अपनी पैर मेरे कंधे पे दबा दिये और जोर से बुर को मेरे मुंह पे लगा दी और झड़ने लगी. उनकी बुर से पानी की फव्वारा निकलने लगा. मेरा पूरा मुंह भीग गया, फिर वो अपनी बॉडी को ढीला छोड़ दी और हाँफने लगी.
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इसके बाद मैंने भी अपना लंड निकाला और सेठानी को चुसाना शुरू किया. मैंने धीरे धीरे पूरा का पूरा लंड सेठानी के हलक तक उतार दिया और सेठानी का सर पीछे से पकड़ के लंड हलक में दबाये रखा. हलक की गर्मी पा कर मेरा लंड फूलकर पूरा मोटा हो गया. ऐसे ही मैंने 8-9 बार किया. जब बाहर निकला तो सेठानी की आँखों से आंसू निकल रहे थे. मेरा लंड देखते ही सेठानी का मुंह खुला का खुला रह गया.
क्योंकि चूसने के बाद अब मेरा लंड पूरा सख्त और टाइट हो चूका था. इसलिए सेठानी बोली- इतना बड़ा लंड है तेरा कसम से जो सोचा था वैसे का वैसा ही है तू. अब प्लीज मेरे को और न तड़पा और बुझा दे अपनी सेठानी की चूत की आग.
इतना सुनते ही मैंने भी देर ने करते हुए सेठानी को घोड़ी बना लिया. और फिर पीछे से अपने दोनों हाथ से सेठानी की गर्दन पकड़ के जोर की पकड़ बनाई और एक जोरदार करारा धक्का मारा. मेरा पूरा लंड सेठानी की बुर को चीरता हुआ सीधे बच्चेदानी को टकराया, मुझे भी जोर का झटका लगा. सेठानी इतनी जोर से चिल्लाई कि मैं बता नहीं सकता.
मैंने झट से उनका मुंह हाथों से बंद कर दिया लेकिन वो छटपटाने लगी. फिर मैंने उनका मुंह छोड़कर उनके होंठ को अपने होंठ से दबा लिया और चूचियों को दबाने लगा. उनकी आवाज मेरे मुंह में ही दब गयी. फिर मैंने जोरदार धक्के पे धक्के देने शुरू कर दिए.
सेठानी रोने लगी, उनकी आँख से आंसू की धार निकलने लगी. फिर थोड़ी देर बाद जब उनका दर्द कम हुआ तो वो शांत हुई और मैंने भी उनके होंठ छोड़ दिए. फिर उनके आंसू को चाट लिया और उनकी चूचियों को पकड़ कर उनको चोदने लगा. उन्हे भी अब मजा आने लगा. मेरा हर धक्का उनकी बच्चेदानी को लगता और वो सिसक जाती.
सेठानी बोली – रमेश तुमको पता नहीं आज पहली बार मेरे बच्चेदानी तक लंड गया है, बच्चेदानी में चोट लगने से दर्द तो करता है लेकिन मजा भी आ रहा है, अब तुम मेरे दर्द की फ़िक्र न कर, लगा जोर जैसे तुमने मेरी बुर फाड़ी है वैसे ही मेरी बच्चेदानी भी फाड़ दे, लेकिन जम कर चोद मुझे. क्योंकि जो काम तेरे सेठजी से न हो पाया वो तू करके दिखा दे…. प्लीज बहुत मजा आ रहा है… मेरी जान रमेश…. आई लव यू….. कितना स्मार्ट है तू.
इतना कहकर मुझे किस करने में लग गयी. और मैं सेठानी को इस दौरान घोड़ी बना रखा इसलिए पीछे से ही गर्दन पकड़कर किस किए जा रहा था. फिर किस करते करते मैं भी उनको कुछ नहीं बोला और उनको जोर-जोर से चोदने लगा. थोड़ी देर बाद मैंने सेठानी के एक पैर को उल्टा किया तो वो समझ गई की क्या मैं चाहता हूँ और वो उलट गई, वो जैसे ही उलटी उनकी बुर से फट की आवाज के साथ मेरा लंड बाहर निकल गया. मैं भी अब पीछे से सेठानी के दोनों चूतड़ पकड़ कर लंड बुर पे लगाया और एक ही झटके में पूरा डाल दिया. फिर से वह सेठानी की बच्चेदानी से जा टकराया.
इसके बाद सेठानी आगे को झुक गई और फिर मैं उनके दोनों चूचियों को पकड़ कर धक्के पे धक्के देने लगा. करीब 30 मिनट्स में सेठानी की बुर से फव्वारा निकलने लगा और वो झड़ गई. उनकी बुर के पानी की गर्मी से मेरा लंड भी जवाब देने लगा. मैंने झट से सेठानी को सीधा किया. और लंड बुर में डालकर चोदने लगा.
इसके बाद मेरा लंड करीब आधे घंटे तक सेठानी की चुदाई करने के बाद झड़ने के लिए तैयार हो गया. तो मैंने बोला- सेठानी जी मेरा लंड का माल निकलने वाला है, बाहर निकालू या अंदर निकालू?
सेठानी बोली- ऐसी चुदाई करके भी कोई बाहर निकालता है क्या प्लीज इसे अंदर ही निकाल दे मैं भी तेरे से एक औलाद चाहती हूँ. जो फौलाद जैसी मजबूत हो.
इतना कहते ही मैंने अपने झटकों की स्पीड दोगुना कर दी और अब मैं भी पीछे से सेठानी की गांड को कसकर पकड़कर आह…आहाहाह…आह्हह…अहहह्हः….आह्हहहः… करते हुए अपना सारा माल सेठानी की चूत में छोड़ डाला. और फिर मैं तथा सेठानी दोनों ही थककर बेड पर लेट गये.
मेरी इस पहली चुदाई से सेठानी इतनी खुश हुई की वो लगातार मेरे को प्यार किये जा रही थी. और करीब 15 मिनट के बाद फिर से मेरा सेठानी को चोदने का मन हो चला था. इसलिए अब मैंने फिर से सेठानी को अपना लंड चुसाया और फिर से उनको इस बार पास में रखी टेबल पर ले गया और उनके टांगों को चौड़ा करके फिर से चोदने (naukar malkin ka sex) में लग गया.
चूँकि पहली चुदाई से सेठानी बहुत खुश हुई थी इसलिए उनकी चूत से काफी पानी निकल रहा था. इसलिए अब जैसे ही मैंने लंड के धक्के मारे उनकी चूत से फट…फट…फट…फट…फट… जैसी आवाज आ रही थी. जो मेरी चुदाई में चार चाँद लगा रही थी. और मैं पागलों की तरह उनकी चूत को बजने में लगा हुआ था.
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सेठानी बोली- रमेश बहुत बढ़िया आज मेरी बुर की प्यास बुझी है चोद जोर जोर से चोद! फाड़ तो दिए हो मेरी बुर और फैलाओ इसको चोदो और सिसकारी भरने लगी.. आह आह उम्म उम्म! तेरा लंड तो वहां तक जा रहा है, जहाँ तक तेरे सेठजी सोच भी नहीं सकते मेरा नाभि लगता है जैसे फट जाएगा. चोद और चोद प्लीज और अपनी इस पहली चुदाई को यादगार बना दे….आअहहह….अहह्हहहः…अह्हहहः…अहह्हः…हाह्हः…बहुत मजा आ रहा है रमेश….मेरी जान…. चोदो.
ये सब सेठानी के मुंह से सुनकर मैं और गच गच गच करके चोदने लगा. मेरा टट्टे सेठानी की बुर से टकराते ही फच फच की आवाज से कमरा गूंज उठा. दोपहर का टाइम था, आस पास पड़ोस के सब सोये हुए थे, इसलिए सेठानी पूरे मज़े से चुद रही थी. मैं भी अब सेठानी को जोर जोर से उसकी चूची पे थप्पड़ मार मारके चोदने लगा.
सेठानी नीचे से अपनी गांड उठा उठा के मेरा साथ दे रही थी… यस मेरे रमेश चोदो अपनी सेठानी को! बोलकर मेरा उत्साह बढ़ा रही थी. वो जितना बोलती उतनी जोर से मैं उनको धक्के मारता, उनका पूरा बदन थर थर कांपने लगा. करीब 1 घंटे तक मैं उनको सिर्फ टेबल पर ही चोदने के बाद झड़ने को आया. सेठानी इस बीच 3 बार झड़ चुकी थी.
मैंने फिर से सेठानी को बोला- मेरा फिर से निकलने वाला है.
सेठानी बोली- प्लीज फिर से गाड़ दे अपने लंड को मेरी चूत में.
इतना सुनते ही मैंने सेठानी की चूत में फिर से झटके बढ़ाये और आह..अहहः…अहहः….अहहः… करके फिर से अपने लंड को गाड़ दिया. और इस दौरान सेठानी ने भी मेरे को कसकर मज्बूत तरीके से पकड़ लिया. और अब वो मेरे को छोड़ने का नाम ही नही ले रही थी. क्योंकि इस दौरान वो मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर तक वाले हिस्से में महसूस कर रही थी.
करीब 10 मिनट तक चिपके रहने के बाद सेठानी ने मेरे को छोड़ा. और फिर मैंने बोला- अब जाऊ सेठानी जी में?
सेठानी- अब से तुम मेरे को सेठानी नही बोलोगे, आज से तुम सिर्फ मेरी जान हो और तुम भी मेरे को जान ही बोलोगे. तथा रही बात जाने की तो अब तेरे को कहिनी नही जाने दूंगी. तुम सिर्फ मेरे पास ही रहो प्लीज मेरे घर पर ही. आई लव यू रमेश.
मैं- आई लव यू मेरी जान… मेरे को भी आप बहुत पसंद आई हो. लेकिन काम करना तो जरूरी है ना तुम जब चाहो बुला लेना मेरे को.
सेठानी- काम पैसे के लिए करते हो ना बताओ कितने पैसे चाहिए मैं ऐसी ही दे दूंगी तुमको.
इसके बाद से दोस्तों सेठानी ने मेरे को कभी भी दुकान पर नही जाने दिया. यहाँ तक की जब मैं अपने घर बिहार भी जाता हूँ तो मेरे को फोन पर फोन करके वापस बुला लेती है. और पुरे दिन भर बस मेरे से चूत मरवाती रहती है. काश ऐसी सेठानी सभी को मिले. आगे की कहानी फिर कभी सुनाऊंगा दोस्तों इन्तजार कीजिएगा मेरा..!
ये Malkin ne naukar se chudwaya कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Naukar malkin ki chudai hindi mein कहानी बहुत पसंद आई होगी. अगर आपको मेरी Gandi Kahaniyan पसंद आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. हम आपके लिए ऐसे ही मजेदार कहानियां लेकर आते रहेंगे.