Majdur Ki Chudai – घर में मजदूरी करने आई भाभी को अकेले में ले जाकर पेला
नमस्कार मित्रों, उम्मीद है आप सब अच्छे और स्वस्थ होंगे. दोस्तों मेरा नाम है विकास और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. तथा मैं इस पोर्टल का बहुत जबरा फेन हूँ. जहाँ लोग अपनी चुदाई वाली गाथा यहाँ सांझा कर रहे है. इसी कड़ी में मेरे संग भी हुई एक Majdur Ki Chudai कहानी में मैंने अपने घर पर काम करने आई सेक्सी भाभी को जमकर पेला है.
तथा आज की इस Majdur aurat ki chudai कहानी में मैं आपके साथ उसी भाभी की कहानी बताउंगा जिस पर मेरा दिल अभी तक आया हुआ है. और आपको सच बताऊ तो वो भाभी अब मेरे को अपने घर भी चुदवाने के लिए बुलाने लगी है. सबसे पहले मैं आपको अपने बारें में बता देता हूँ, मेरी उम्र फ़िलहाल 22 बरस की हो गयी है.
और दोस्तों इससे पहले मैंने कभी चूत तक नही देखी थी. लेकिन जब से मंजू भाभी की चूत का दीदार किया है. तब से ले मेरा लंड बैठने के लिए तैयार ही नही है. पता नही क्यूँ इसे उस चूत का नशा चढ़ चूका है. दरअसल दोस्तों मंजू भाभी अभी 30 बरस की एक खुबसुरत महिला है. जिसके अभी कोई बच्चा नही है. तथा उसका पति एक दम दारुबाज है जो पुरे दिन नशे में रहता है. उसे अपनी खुबसुरत बीवी से कोई मतलब नही है. उसे तो केवल अब दारू ही चाहिए.
इसलिए अब आपको तो पता ही है ऐसे लोगों की औरतें फिर बाहर लंड लेने लग जाती है. और इसी में दोस्तों मेरे लोटरी लगी. जब मंजू भाभी ने खुद मेरे साथ आँख मिटोली करके मेरे को रिझाया और अपनी चूत की आग बुझाई.
हुआ यूँ की हमारे घर पर कारीगर का काम चल रहा था. तथा मैं इस दौरान सभी को चाय पानी पकडाने के लिए जाता था. तभी दोस्तों ये सिलसिला बहुत दिनों तक चलता रहा. यहाँ तक की मैंने जब से मंजू भाभी को देखा तो मैं हैरान रह गया और सोचा की इतनी खुबसुरत महिला भी कोई मजदूरी करती है क्या?
इसलिए मेरी और मंजू भाभी की खूब बातें होने लग गयी. और कई दिनों से हम हंसी ख़ुशी बातें कर रहे थे. तभी दोस्तों अमावस्या का दिन आता है. और केवल मजदूर का काम ही रहता है. क्योंकि ये कारीगर लोग अमावस्या के दिन छुट्टी कर लेते है. इसलिए केवल मंजू भाभी ही ऊपर कोई रेती वगेरह डालने के लिए अकेली ही आई हुई थी.
तब उस दिन मैं फिर से चाय पानी पकड़ाने के लिए चला गया और मेरे को अकेला देखकर मंजू भाभी मेरे से खूब बातें करनी शुरू कर दी. और मेरे साथ पर्सनल होना शुरू हो गयी. तभी मुझे लगा की वो एक परेशान औरत है इसलिए मैंने भी उससे बातें करना सही समझा और उसके बारें में पूछा तो उसने बताया की, उसका पति एकदम दारुबाज है उसे दारु के अलावा कुछ नही चाहिए.
तब मैंने बोला की फिर भाभी आपका टाइम पास कैसे हो जाता है?
भाभी बोली- करना पड़ता है आप जैसे जवान लड़कों को देखकर.
इतना सुनते ही मैं मुस्कुराया और बोला- मुझे देखकर या किसी और को देखकर?
भाभी- अभी पिछले 20 दिन से तो तेरे को देखकर ही टाइम पास हो रहा है.
मैं- कैसे भाभी जरा डिटेल में बताओगी?
भाभी- अब इतने तो नादान हो हो भी नही तुम जो नही जानते.
मैं- सच में भाभी, नादान ही समझ लो लेकिन बताओ प्लीज.
भाभी- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नही है क्या?
मैं- नही भाभी अभी तक कोई नहीं है.
भाभी- तभी तुम सवाल पर सवाल किए जा रहे हो.
मैं- ऐसा ही समझ लो.
भाभी- चलो फिर ये बताओ मैं तुमको कैसे लगती हूँ.
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मैं- बोला ना आप बहुत सेक्सी और हॉट टाइप की लड़की हो. अगर आप मजदूर नही होती तो मैं आपको अपनी गर्लफ्रेंड बना लेता.
भाभी- हाँ तो बना लो, इसमें क्या है? काम तो सभी को करना ही पड़ता है…
मैं- हाँ भाभी आपकी बात भी सही है. मैं आपको कैसा लगता हूँ?
भाभी- तुम एकदम जवान और हॉट हो.
इतना सुनते ही मेरे घबराते हुए बोला- अच्छा तो फिर आज से हम गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड है.
और मंजू भाभी ने तुरंत हामी भर दी. तथा मेरे से लिपट गयी. इस दौरान जब से उन्होंने मेरे को छुआ तभी से मेरे अंदर एक अजीब सी झुनझुनी मच गयी. और ख़ुशी की बात ये थी की इस दिन निचे घर वाले भी नही थे. वो भी कहीं पूजन के लिए घर से बाहर गये हुए थे. इसलिए हमको दोनों को टाइम स्पेंड करने के लिए काफी समय मिल चूका था. और हम ऊपर वाली मंजिल पर थे जहाँ बहुत ही कम लोग आया जाया करते है.
तो दोस्तो मैंने भी अब मंजू भाभी का साथ दिया और अब मैंने उनके गोरे गालों पर किस कर दी. तथा मैंने फील किया की उनके गाल एकदम मुलायम थे तथा मैं एक कच्चा खिलाड़ी था इसलिए मंजू भाभी मेरी पूरी फीलिंग्स को समझ रही थी. इसलिए उन्होंने अब अपने होठों से अपने होठ लगा दिए और वो मेरे से किस करते हुए खोने लग गयी.
और करीब 10 मिनट तक हम एक दुसरे के होठो को चुमते रहे. मेरे को इतना मजा आ रहा था की पूछो मत. इसके अलावा लिप्स किस करने के बाद अब मानों मंजू भाभी भी गर्म साँसे छोड़ने ला गयी थी. क्योंकि उन्हें पहली बार कोई जवान लड़का मिला था जो अब उनकी चुदाई की प्यास बुझाने वाला था. तो उन्होंने बोला- विकास तुमने पहले कभी सेक्स किया है?
मैं- नही मेरी भाभी मेरी जान.
भाभी- मूठ तो मारते होंगे?
मैं- हाँ भाभी.
भाभी- अच्छा, तो आज से तुम्हरा मूठ मारना बंद समझो.
इतना कहते ही उन्होंने मेरे लंड की तरफ नजर घुमाई और देखा की मेरा लंड मेरे पजामे से बाहर आने के लिए तड़प रहा था. तथा पूरा 6 इंच का लम्बा हो चूका था. इसलिए पहले तो मंजू भाभी मेरे लंड को पजामे के ऊपर से सहला रही थी. लेकिन जब से उन्होंने मेरे लंड की साइज़ को महसूस किया तब से उन्होंने मेरे लंड को देखने की ख्वाहिश कर डाली.
और मैंने भी मंजू भाभी की ख्वाहिश को पूरा करते हुए अपने पजामे को निचे करके मेरे लंड के दीदार करवा दिए. तथा मेरे लंड को देखते ही भाभी एकदम से मुस्कुराई और बोली- ओह्ह्ह…..माय…..गॉड…. ऐसा लंड है तुम्हारा…. और इतने दिन से छुपाये हुए थे….. आई लाइक इट.
मैं बोला- पहले नही देखा क्या इतना बड़ा लंड?
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भाभी- नही देखा तो है लेकिन ब्लू फिल्मों में केवल.
मैं- चलो कोई बात नही आज असल में तो देखा.
इतना सुनकर मंजू भाभी अब मेरे लंड से खेलने में लग गयी. कभी वो लंड की टोपी को किस कर रही तो कभी अंडाशय को किस किये जा रही थी. और उनका ये लंड को किस करने का अंदाज देखकर मेरे अंदर चुदाई की भावना लगातार जाग रही थी. तथा मेरे से सच पूछो तो अब रहा नही जा रहा था. क्योंकि मेरा ये पहली बार था.
इसलिए जब भाभी लगातार मेरे लंड की टोपी पर अपनी जीभ फेर रही थी तो मेरा लंड अपना पानी छोड़ने में लग गया. और लंड से जबर्दस्त पिचकारी निकली जो मंजू भाभी के गालों पर जा चिपकी…
मंजू भाभी बोली- बस इतने में ही झड़ गये?
मैं बोला- पता नही भाभी आपकी इस खुबसुरती को देखकर अब मेरा मन बिना झड़े रहा ही नही…. आप बहुत खुबसुरत हो…. प्लीज आप दोबारा से मेरे लंड को उसी अंदाज में चूमो मेरे को बहुत अच्छा फील हुआ है….
और ये सुनकर मंजू भाभी फिर से मेरे लंड को चूमने में लग गयी. और करीब 20 मिनट तक वो किसी कुल्फी की तरह मेरे लंड को चूमे जा रही थी. तथा इस दौरान अब मेरा लंड कड़क होना शुरू हो चूका था.
तभी मैंने कहा- भाभी अब आप भी नंगी हो जाओ.
भाभी बोली- मेरे को नंगी होने की जरूरत नही है, तुम तो मेरा घाघरा उठाओ और कर लो चुदाई.
तभी मंजू भाभी लेट गयी और अब मैं उनके घाघरे को ऊपर कर रहा था और धीरे धीरे उनकी मस्त-मस्त सी जांघे देख रहा था. और मेरे अंदर एक अलग ही लेवल का चुदाई का भाव जाग चूका था. क्योंकि मंजू भाभी इस दौरान इतनी मस्त लग रही थी जितनी तो कोई नही लगी मेरे को आज तक. इसलिए अब मैंने उनकी चड्डी तक घाघरे को ले गया.
और देखा की मंजू भाभी की चूत तो पहले से ही भीगी हुई थी चड्डी के ऊपर से तो मैंने उनकी चूत के ऊपर अपना हाथ टच किया. और जैसे ही मैंने टच किया मंजू भाभी- आआआआआआआआ ……….. सीईईईईईसिसिसिसिस ………. पागल…… विकास……. ईईईईईईईईई……. आआआआआआआ.
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उनकी ये तड़प देखकर में समझ चूका था की वो चुदने के लिए तैयार है. इसलिए अब मैंने उनकी चड्डी खोलनी चाही. और अब मंजू भाभी ने अपनी कमर उठाकर अपनी चड्डी को खोल दी. तथा मैंने देखा की सच में उनकी गुलाबी चूत पानी से लतपथ हो रही थी. और मानों की मुझे चाटने के लिए आमंत्रित कर रही हो.
इसलिए मैंने मंजू भाभी के टांगों को फैलाया और अपना मुंह उनकी चूत पर टिका दिया. और जैसे ही मैंने अपना मुंह लगाया… उनकी आआआआआआआअ……….. सिस्सिसिसीसिसिस………… ईईईईईई…………..आआआआआअ………… सिसिसिसिसिऐऐसीअ……………… आआआआआआआअ.
फिर से निकलनी शुरू हो गयी थी. तथा मेरे को उनकी ये आवाजें बहुत भा रही थी. इसलिए मैं लगातार उनकी चूत के नमकीन पानी को पीकर स्वाद लिए जा रहा था. और वो लगातार मेरे सर को पकड़कर अपनी चूत पर गाड़े जा रही थी….. आहाहहः…अहहहः….आह्हहहहः…..अह्हहः करके.
तभी मेरे से खुद से कण्ट्रोल नही हुआ और अब मेरा लंड मंजू भाभी की चूत को चोदने का हो चला था. इसलिए अब मैं अपने लंड को उनकी चूत पर फिराने में लग गया. और जैसे ही मैंने अपने लंड को डालने की कोशिश की साला लंड फिसले जा रहा था. क्योंकि चूत पहले से ही काफी गीली हो चुकी थी. इसलिए अब काफी देर तक ये देखकर भाभी बोली- तुम निचे सो जाओ मैं ऊपर आती हूँ.
और फिर मैंने भी ठीक वैसे ही किया मैं इस दौरान निचे सो गया और भाभी अपने घाघरे को उठाकर मेरे ऊपर आ गयी. उनकी चूत तो कांप रही थी. उन्होंने मुझे जोर से पकड़ लिया. और नाखून लगा दिए. फिर मेरे ऊपर बैठ गईं. तथा अब वो मेरे लंड को अपनी चूत पर सेट करके आगे पीछे करने में लग गयी. दोस्तों इस दौरान मेरे लंड ने भी पहली बार किसी चूत में घुसने का आनंद लिया था.
इसलिए अब वो लगातार मेरे आगे-पीछे हो रही थी और मैं तड़प रहा था मानों की मेरे को ऐसा मजा पहले कभी नही आया हो. और मैं लगातार आह….आहाहाहा….अहहहः….. भाभी मेरी जान…. आई लव यू….. आप कितनी हॉट हो….. प्लीज ऐसे ही करो…. मेरे को बहुत मजा आ रहा रहा है.
इतना सुनकर भाभी ने ऊपर से ही अपनी स्पीड बढ़ा दी और लंड को अंदर तक लेने लग गयी. और करीब 10 मिनट तक लगातार चुदाई करवाने के बाद भाभी भी आह…अहहहः….अहहहः….अहहहः…. करके जोर देते हुए मेरे लंड को अपनी चूत में ही झाड़ डाली. और फिर मेरे ऊपर ही लिपट गयी.
तथा इस दौरान वो मेरे को पागलों की तरह किस कर रही थी. तथा मैं भी लगातार उनका साथ देते हुए किस किए जा रहा था. भाभी बोली- आज पहली बार ऐसा लगा है जैसे किसी असली मर्द ने चुदाई की है.
मैं बोला- कैसे ?
भाभी- क्योंकि तेरे लंड ने मेरी चूत के अंदर तक मजा दिया है जो किसी मर्द ने आजतक नही दिया था. आई…. लव ….यू… विकास…. मेरे को बहुत पसंद आए तुम.
इतना कहकर भाभी फिर से मेरे पांव से ऊपर तक जीभ से चाटती हुई मेरी थाईज को किस और चाटने लगीं. मैं तो पागल सा हो गया था. उन्होंने मुझे आगे झुकने को कहा. तो मैं झुक गया और वो मेरी गांड चाटने लगीं. उनकी इन हरकतों से अब मेरा लंड फिर से जाग उठा. और फिर से पूरा 6 इंच का हो चला था. इसलिए अब मैंने बोला- भाभी आप निचे आओ और घोड़ी बन जाओ.
भाभी- अच्छा अब तो घोड़ी भी बनाने लगे हो.
मैं- क्या करूँ आप हो ही ऐसी चीज आपको ढंग से मजा देने का हक है मेरा.
इतना कहते ही भाभी अपने घाघरे को ऊपर करके घोड़ी बन गयी. तथा अब मैं उनकी चूत को पीछे से निहारता हुआ देख रहा था की चूत पहले से भी काफी गुलाबी हो गयी थी. अब दोस्तों मैंने भी उनकी गांड को चाटते हुए उनकी चूत तक अपनी जीभ घुमानी शुरू कर दी. और अब जैसे ही मैंने उनकी चूत पर अपनी जीभ लगाई भाभी एकदम से मचल गयी. और फिर से आहाहाहा…. विकास….. आहाहाहहाहा…… आह्हहाह….. ऐसे ही करो….. प्लीज….. बहुत मजा आ रहा है ….. भोसड़ी चटवाने में….. अहहाह.
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और मैं लगातार 10 मिनट तक उनकी चूत को चाटे जा रहा था. तभी मेरा लंड फिर से सख्त हो चला था. इसलिए अब मैंने चाटने वाले खेल को बंद करके चोदना सही समझा और अपना लंड मंजू भाभी की चूत में एकदम से दे डाला- और जैसे ही घुसाया भाभी बोली— अहहहहहः…..अहहहः…. धीरे करो…. लेकिन मैं कहाँ मनाने वाला था.
मैंने भी अब भाभी की कमर को पकड़कर ढंग से जोर-जोर से धक्के देना शुरू कर दिया. और मंजू भाभी लगातार अब आहा…आहाहहाह्हा…अहहः….अहहहः… करके अपनी चूत से पानी छोड़े जा रही थी….करीब 20 मिनट तक घोड़ी बनकर चुदवाने के बाद भाभी लगभग 2 बार झड़ चुकी थी. और लगातार उनकी चूत में से पानी निकल रहा था.
जो मेरे लंड को लुब्रीकेंट्स का मजा दे रहा था. अब मैं भी दोस्तों झड़ने ही वाला था इसलिए मैंने बोला भाभी में झड़ने वाला हूँ. भाभी बोली- हाँ झड़ जाओ चूत में ही….. प्लीज….. प्लीज….. आहाहहहः…… इतना सुनते ही मैंने अपनी स्पीड बढ़ा डाली और मंजू भाभी की चूत में ही अपना लंड का माल झाड़ दिया…. और उनके ऊपर ही पीछे से लेट गया.
क्योंकि अब मेरे को मजा और थकान दोनों महसूस हुई. जिसके बाद भाभी बोली- काश तुम मेरे पति होते.
मैं बोला- पति नही तो क्या भाभी आपने मेरे को पहली बार चुदाई का मजा दिया है इसलिए अब से तुम जहाँ बोलोगी वहां मैं तुमको चोदने आ जाऊंगा. इतना कहकर हम शाम तक कुल 5 राउंड चुदाई कर चुके थे. और दोस्तों अब मंजू भाभी कभी मेरे को अपने घर बुला लेती है तो कभी मैं उनकी साइड पर चला जाता हूँ. उनको चोदने के लिए लिए… और कभी ये सम्भव नही हो पाता है तो विडियो कॉल करके ही उनको लंड दिखाकर चुदाई का अहसास करवा देता हूँ. आगे की Majdur xxx चुदाई की कहानी मैं आपको फिर किसी एपिसोड में सुनाऊंगा.
ये Majdur sex कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Majdur aurat ki chudai कहानी बहुत पसंद आई होगी. अगर आपको मेरी Gandi Kahaniyan पसंद आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. हम आपके लिए ऐसे ही मजेदार कहानियां लेकर आते रहेंगे.