Soti Hui Maa Ki Chudai – मम्मी ने अपनी अदाओं के जाल में फंसाकर चुदवाया
हेल्लो दोस्तों, उम्मीद है की आप सब बढ़िया होंगे अपने जीवन में. मेरा नाम है रघु और आज में आपके लिए लेकर आया हूँ Mom sex stories in hindi के नए एपिसोड में मेरी एक सच्ची और मजा दे देने वाली मेरी Soti Hui Maa Ki Chudai कहानी. दोस्तों मेरी इस कहानी में मेने अपनी सौतेली माँ को ऐसा चूत चुदाई का मजा दिया है जो आज तक मेरा ठरकी बाप नही दे पाया होगा.
शायद इसलिए मेरी सौतेली माँ अब मेरे लंड की ऐसी दीवानी बन चुकी है की पुरे दिन अब मेरे लंड को सख्त होने का ही इंतजार करती रहती है. अब दोस्तों आप ही बताओ बुढ़ापे की उम्र में क्या जरूरत थी मेरे बाप को दूसरी शादी करने की? क्योंकि अब मेरे बाप की उम्र 55 बरस की हो चली है और पैसों के दम पर उसने मेरे लिए एक 30 बरस की सौतेली मम्मी को घर पर ला दिया.
इसलिए अब उसको मुझे ही सम्भालना पड़ता है. क्योंकि मेरा बाप तो पुरे दिन बैंक में काम करता रहता है. आपको बता दूँ की मेरा बाप बैंक में क्लर्क के रूप में कार्यरत है. हालाँकि अभी 5-6 बरस के बाद वह रिटायर्ड हो जाएगा. लेकिन फिर अगर वो बीवी को सम्भालने के लिए आएगा तो उसके पास वो दम भी नही रहेगा जो आज मेरी इस प्यारी सी निकिता मम्मी को चाहिए है.
दरअसल दोस्तों मेरी असली माँ को गुजरे हुए 2 बरस ही हुए थे की मेरे बाप ने चुदाई के लिए दूसरी लड़की से शादी कर डाली. और यहीं मेरी निकिता मम्मी थी. हालाँकि मैंने पहले तो इसका काफी विरोध किया था. लेकिन अब जब से मुझे उनकी चुदाई का मजा आने लगा है तब से सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है. क्योंकि ये उम्र मेरे विवाह को करवाने की थी.
लेकिन बुढ़ापे में कोई इन्सान ठरक पर उतर जाए तो कुछ भी कर सकता है. इसलिए उन्होंने 30 बरस की एकदम स्लिम टाइप की लड़की से शादी रचा ली. अभी दोस्तों मैं आपको अपने बारें में बताऊ तो मेरी उम्र 23 बरस की हो गयी है. और अभी मैं अपनी इंजीनियरिंग की पढाई कर रहा हूँ. तथा मेरे को कॉलेज में ऋचा नाम की लड़की से भी प्यार है. इसलिए मैं अब उसी से ही शादी करने की सोच रहा था.
फिर जब से निकिता माँ की चूत के दीदार हुए है तब से ऐसा मानों की मैंने ऋचा को तो भुला ही दिया है. क्योंकि अब मेरे को वो चीज हमेशा मिलने लग गयी है जो मैं ऋचा से पीछे पड़कर लिया करता था. दरअसल हुआ ये की ये शनिवार का दिन था. और मेरे कॉलेज की 2 दिन की छुट्टी थी. इसलिए मैं अपने घर पर ही था. और दोपहर को अपने बेड पर लेटा हुआ था.
क्योंकि मैं एक हेंडसम टाइप का बन्दा हूँ इसलिए मेरी और निकिता माँ की पहले दिन से ही खूब बनती थी. हालाँकि उन्होंने कभी अपनी फीलिंग्स मेरे साथ शेयर नही की थी. लेकिन अब इन्सान कितना ही पीछे हट जाए एक दिन तो फीलिंग को बाहर आना ही पड़ता है. इसी दौरान मैं देखे जा रहा था की मेरी माँ अब मेरे को प्यार भरे अंदाज से देखने में लग गयी थी.
और मेरे लिए कमरे में ही वो खाने-पिने की चीजे लाने लगी थी जैसे मेरे असली माँ लेकर आती थी. निकिता माँ का ये रूप देखकर अब मैं भी धीरे-धीरे पिघलने लगा था. इसलिए अब वो मेरे को बहुत अच्छी लगने लगी थी. हालाँकि अब तक मैंने उनकी चुदाई के बारें में सोचा तक नही था. लेकिन इरादे तो माँ के ठीक नही थे इसलिए उन्होंने ही अपनी तरफ से पहल कर डाली.
हुआ यूँ की जब मैं सो रहा था तो मेरे को घर में अकेला पाकर अब मेरी माँ को चुदवाने की आग लग पड़ी. और वो मेरे कमरे में आ धमकी तथा मेरे साथ बेड पर लेट गयी. इस दौरान मैं भी गहरी नींद में था. इसलिए पहले तो पास में आकर उन्होंने एक पैर मेरे पैर पर डाल दिया. तथा वो भी पूरा-पूरा सोने का नाटक किए जा रही थी.
हालाँकि मेरे को लगा की ये मैं कोई सपना देख रहा हूँ. इसलिए मैंने इस पर ज्यादा ध्यान नही दिया. इसके बाद मेरी माँ ने अपना प्यार भरा हाथ मेरे पजामे के ऊपर से मेरे लंड पर लगाना शुरू कर डाला. और जैसे ही मैंने ये सब महसूस किया तो मैंने धीरे से अपनी आँख खोली और सामने पाया की मेरे संग तो मेरी सौतेली माँ सोई हुई है.
फिर मैंने भी नींद वाली नौटकी जारी रखी और सोचने लगा की माँ को करने दो देखे क्या-क्या करती है. क्योंकि मेरे को भी जब वो लंड छुई तब से चुदाई का नशा चढ़ चूका था. और अब वो लगातार मेरे लंड पर अपना प्यार भरा हाथ सहलाने में लगी हुई थी. उनका ये अंदाज देखकर तुरंत मेरा लंड 6 इंच लम्बा हो गया. और इसे देखकर अब माँ को भी बहुत मजा आने लगा.
इसलिए वह बिना रुके ही मेरे लंड को लगातार सहला रही थी. इसके बाद मेरे लंड में से थोड़ा-थोड़ा पतला पानी निकलना भी शुरू हो चूका था. जो की पजामे के ऊपर भी साफ़-साफ़ दिख रहा था. मेरे लंड से निकलते हुए पानी को देख अब निकिता माँ से भी रहा नही गया और उन्होंने तुरंत उस पानी को चाटना शुरू कर डाला.
अब मैं भी कहाँ सोया हुआ था मुझे अब पक्का यकीन हो चला था की माँ को चुदाई की आग लगी हुई है. इसलिए वह अब मेरे के पानी को पी रही है. इसलिए जैसे ही उन्होंने लंड की टोपी पर पजामे के ऊपर से चाटना शुरू किया मेरी एकदम से आआआअह्ह्ह्ह….. निकल पड़ी. इतने में ही झट से माँ ने मेरे लंड को छोड़ दिया. और अब मैंने भी आँख खोल डाली और बोला- माँ आप इधर?
ये Soti Hui Maa Ki Chudai कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है.
माँ बोली- अरे मेरे को लगा की बिजली का बिल बहुत आता है इसलिए मैं इधर तेरे कमरे में ही आकर सो गयी. सोचा की एक ही AC में काम चल जाएगा.
मैं बोला- वो सब तो ठीक है लेकिन आप ये क्या कर रही हो?
माँ- क्यूँ तेरे को अच्छा नही लगा क्या? अगर नही लगा तो छोड़ देती हूँ ये सब करना तेरे साथ.
मैं- वो बात नही है माँ लेकिन मुझे यकीन नही हो रहा की आप मेरे साथ ये सब करके मेरे को मजा दे रही हो.
माँ- इसका मतलब तेरे को मजा आया?
मैं- हाँ मजा तो खूब आया है ऐसा लग रहा था की मैं जन्नत में पहुँच गया हूँ.
माँ- अगर ऐसा है तो फिर उतार दे अपने पजामे को पूरा ताकि तेरे को आज जन्नत की सैर ही करवा दूं.
मैं- लेकिन आप पापा को मत बता देना ये सब वरना वो तो मेरे को मार ही डालेंगे.
माँ- उस बूढ़े की चिंता मत कर तू, उससे तो कुछ होता नही है. उल्टा जो करता है उसे भी रोकेगा क्या वो?
मैं- क्या मतलब …?
माँ- अरे ऐसा है की तेरे पापा ने बस नाम की शादी की है मेरे साथ और उनसे कुछ भी नही हो पाता है. इसलिए मैंने सोचा की अभी बाहर कहीं मुंह मारूंगी इससे अच्छा तो घर में ही एक स्मार्ट सा लड़का है उससे ही अपनी चुदाई करवा लेती हूँ. इससे तुम भी खुश हो जाओगे और मेरी भी चूत की प्यास बुझ जाएगी.
मैं- ओह्ह….माय…. गॉड… कितनी अच्छी माँ हो आप. मेने तो झूठा ही विरोध किया था पापा से आपके संग शादी करने का.
इतना कहते ही मैं और मेरी माँ दोनों एक दुसरे में लिपट गये. और एक दुसरे को चूमाचाटी करने में लग गये. मेरे को इस दौरान ऋचा जैसी फीलिंगस आने लगी थी. और आपको सच बताऊ तो मेरी माँ ऋचा से भी काफी हॉट लग रही थी. इसलिए पता ही नही चला की कब हमें पुरे 15 मिनट हो चले है एक दुसरे के होठ चुमते-चुमते.
मेरा ये होठ चूमने का अंदाज देखकर माँ बोली- तुम तो एक्सपर्ट लगते हो इस काम में? सच-सच बताओ पहले किसी के साथ भी किए हो?
मैं- हाँ माँ मेरी गर्लफ्रेंड ऋचा के साथ मेने बहुत बार किया हुआ है.
माँ बोली- इसका मतलब तुमने उसके साथ सेक्स भी किया हुआ है..?
मैं- हाँ, लेकिन प्लीज किसी को बता मत देना.
माँ- अरे यार तुम फिर से ऐसी बातें कर रहे हो, मैं भला क्यूँ बताउंगी.
ये Soti Hui Maa Ki Chudai कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है.
इतना कहकर अब माँ ने मेरे पजामे को खोल दिया. और अब उनके सामने मेरा 6 इंच का लंड फनफनाता हुआ खड़ा हुआ था. उसे देखकर माँ से बिलकुल भी रहा नही गया. और एकदम से मेरे लंड पर चाटने के लिए टूट पड़ी. और इस तरह अब वो मेरे लंड को चूमे जा रही थी जैसे वो ब्लू फिल्मों में लड़कियां चूमती हो.
उनका लंड चूमने का अंदाज ऐसा था का पूछो मत. ऊपर से अब वो जैसे ही झुकती थी तो उनके बूब्स लटके हुए मेरे को और पागल किए जा रहे थे. इसके बाद मैं भी साथ में उनके बूब्स ब्लाउज के ऊपर से ही दबाने के लिए लग गया. फिर ये सिलसिला करी अगले 10 मिनट तक चलता रहा. और हम दोनों माँ बेटा चूसने दबाने का मजा लिए जा रहे थे.
जिसके बाद अब मेरा लंड अब माँ के मुंह में ही झड़ गया. क्योंकि वो इतना प्यार से जो चमे जा रही थी. और हद तो तब हो गयी जब मेरे निकले हुए माल को बिना सोचे ही माँ ने अपने अंदर गटक लिया. और फिर आआआआअह्ह्ह्ह…. आआआआअह्ह्ह्ह… काश ऐसा लंड तेरे बाप का भी होता ऐसे बोलने में लग गयी.
मैं बोला- बाप का नही है तो क्या हुआ मैं हूँ ना मेरी जान अब तुम्हारे लिए. चलो अब आप भी अपने कपड़े उतारो मेरे को भी आपकी चूत का रस पीना है.
इतना सुनते ही माँ ने तुरंत अपनी साड़ी को खोल डाला और साथ में पेटीकोट तथा ब्लाउज भी खोल डाला. अब वो मेरे सामने केवल पेंटी और ब्रा में ही मौजूद थी. दोनों ही ब्रा और पेंटी काले रंग की थी. जिसकी वजह से उनका वो गोरा बदन काफी खिल रहा था. और अब मेरे से रहा नही जा रहा था. क्योंकि मेरी माँ अब किसी हूर से कम नही लग रही थी.
अगर कोई उन्हें इस अवस्था में भी देख ले तो बिना हाथ लगाये लंड झड़ जाए. इसलिए अब मैंने माँ को खड़ा कर दिया. और अब अब मैं बैठ गया तथा उनकी पेंटी उतारने में लग गया. तथा मैंने देखा की उन्होंने अपनी चूत को अभी आजकल में ही सेव किया हो. क्योंकि माँ की चूत काफी रसीली और चिकनी हो रखी थी. तथा उनकी चूत की वो गुलाबी सी पंखुडियां ऐसे लग रही थी की मानों मेरे को चाटने के लिए आमंत्रित किए जा रही हो.
इसलिए मैंने उनकी पेंटी को आधा खोलकर अब रहने दिया और अब माँ की चूत को चौड़ा करके देखने में लग गया. तथा अब धीरे-धीरे करके अब माँ की चूत पर जीभ फेरने में लग गया. और आपको बताऊ दोस्तों मेरी माँ की चूत में इतना स्वाद आ रहा था की मन कर रहा था बस अब चूमे ही जाऊ. तो करीब 5 मिनट तक चूत चूमने के बाद माँ से भी रहा नही गया और खड़े-खड़े चुसवाना भी अच्छा नही लग रहा था उन्हें.
इसलिए अब वो खुद ही अपनी पूरी पेंटी खोल डाली. और बेड पर चौड़े पैर करके लेट गयी. त्तथा अब मैंने फिर से अपना मुंह माँ की चूत पर टिका दिया. और एक हाथ से उनके बूब्स को दबा रहा था. और वो अब आह….आहाहहह्हः….. मेरी जान…. और चुसो….. बहुत मजा आ रहा है…. आह्हहहः….अहहाहः…… आह्हहहाह्ह…… अहहहहः…. प्लीज….. करके अपनी चूत से पानी पर पानी निकाले जा रही थी.
उनका ये चुदाई भरा अंदाज देखकर मेरे से भी बिलकुल कण्ट्रोल नही हो रहा था. इसलिए अब मेरा लंड भी उनकी चूत चूमने के कारण फिर से सख्त हो चला था. तथा अब था वक्त माँ की चूत चोदने का. इसलिए अब मैं बिना कहे ही माँ की चूत के सामने अपना लंड ले आया और उनकी चिकनी चूत पर अपने लंड को फिसलाने में लग गया.
लंड को ऐसा फील हो रहा था की जैसे वो माँ की गर्म चूत में ही घुस रहा हो. क्योंकि इस दौरान माँ की चूत काफी रसीली हो रखी थी. इसलिए लंड को काफी देर तक फिसलता देख माँ की तड़प और बढ़ गयी और बोली- अब डाल भी दो…. बिलकुल बर्दास्त से बाहर हो रखा है…. प्लीज मेरी जान…. प्लीज….प्लीज.
माँ की ऐसी चुदाई की तड़प देखकर अब मेरे से भी बिलकुल रहा नही गया और अब मैंने खुद से ही उनके चूत के छेद पर अपना लंड सेट कर दिया. और अपना आधा लंड चूत में घुसा डाला. जैसे ही मेरा लंड माँ की चूत में घुसा तभी से माँ एकदम से चिल्लाई…. आहाह्हा…. अहहहः….अहहहहह्ह… मार डाला….. इतना बड़ा लंड भी किसी का होता है क्या????
पागल….. धीरे…. धीरे करो….. ये चूत तुम्हारी ही है. इसके बाद अब मैं माँ की चूत में धीरे-धीरे झटके दे रहा था. तथा करीब 5 मिनट तक झटके देने के बाद अब माँ भी चुदाई के मजे में मदहोश हुए जा रही थी. और अब वो खिलने लग गयी थी. इसलिए मैं समझ चूका था की अब माँ पूरा लंड लेने के लिए बेताब हो गयी है. लेकिन कह नही पा रही है.
इसलिए अब मैंने अपना पूरा 6 इंच का लंड माँ की चूत में घुसेड़ दिया. और जैसे ही पूरा लंड गया माँ की फिर से आह…आह्ह्ह्ह…अहहहः…. शुरू हो गयी. मैं बोला- क्या हुआ माँ दर्द हो गया क्या..?
माँ बोली- ना रे पागल…. बहुत मजा आ रहा है, तुम तो अपनी स्पीड को बढाओ.
ये Soti Hui Maa Ki Chudai कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है.
और माँ के ये शब्द मेरे लिए किसी वरदान से कम नही थे. इसलिए मैंने अब तेज-तेज करके माँ की चूत में झटके देने शुरू कर डाले. इसके बाद करीब 20 मिनट की चुदाई चली और इस दौरान माँ भी उछल – उछलकर मेरे लंड को अपने अंदर लिए जा रही थी. तथा करीब 2 बार झड़ भी चुकी थी. तथा अब वो काफी संतुष्ट लग रही थी.
लेकिन हार अभी भी माँ ने नही मानी थी. क्योंकि वो अब भी लंड को और लेने की बातें किए जा रही थी. शायद उन्होंने पहली बार उनके मन के मुताबिक लंड मिला हो. इसलिए वो अब लगातार लंड की डीमांड कर रही थी. और मेरी पीठ को सहला रही थी. उनका ये प्यार भरा अंदाज देखकर अब मेरा भी झड़ने का मन हो गया था. इसलिए मैंने बोला- माँ मेरा निकलने वाला है.
माँ बोली- कोई बात नही मेरी जान… निकाल दे मेरी चूत में ही …. और बुझा दे इसकी प्यास.
इतना सुनते ही अब मैंने अपने झटकों को और तेज कर दिया. तथा माँ को कसकर पकड़ लिया. तथा आह…आह….आह्ह्ह….आहाहहः… करके अपने लंड का पानी माँ की चूत में छोड़ दिया.. और अब मैं करीब 5 मिनट तक उनके ऊपर ही लेटा रहा. और माँ फिर मेरे को सहलाती रही बड़े प्यार से… जैसे कोई माँ अपने बच्चे को प्यार करती हो ठीक वैसे ही.
अब मेरा लंड खुद ब खुद माँ की चूत से निकल पड़ा. जिसके बाद माँ बोली- उठ जा बेटा अब प्लीज अपने लंड को साफ़ कर लो तथा मुझे भी अपनी चूत को साफ़ कर लेने दो.
इतना सुनते ही मैं उठा और लंड को साफ़ करने में लग गया. और फिर माँ जैसे ही उठकर चूत को साफ़ करने में लगी थी मेरे को फिर से चुदाई की इच्छा होने लग गयी. क्योंकि अब मेरे को उनकी गांड पसंद आ गयी थी. इसलिए मैं बोला- माँ प्लीज मेरे को फिर से चोदना है.
माँ- हाँ तो आ जा चोद ले आज से ये चूत तेरे ही हवाले है… तेरे को जैसे चोदना है वैसे चोद.
इतना सुनते ही दोस्तों मैं माँ को फिर से घोड़ी बना दिया और अब पीछे से पहले तो उनकी गांड को चाटा और फिर उनकी चूत की और बढ़ा और मैंने देखा की उनकी चूत अब फिर से लंड की डीमांड करने में लग गयी थी. इसलिए अब मैंने उनकी कमर पकड़ी और जोर-जोर से ऐसे झटके दिए की मेरे लंड के गोले भी उनकी चूत से टकरा रहे थे.
जिसके बाद करीब 1 घंटे तक मैं माँ को लगातार घोड़ी बनाकर चोदता रहा. और वो करीब अब फिर से 3 बार अपनी चूत से झड़कर पानी छोड़ चुकी थी. तथा अब मैं जैसे ही उनकी चूत में झटका देता था तो मेरे को पुच…पूछ….पुच….पुच…. जैसी आवाज सुनाई देने लगी. जिससे मेरे को और मजा आने लगा और फिर अंत में मैं भी 1 घंटे की चुदाई के बाद फिर से माँ की चूत में झड़ गया.
मेरी चुदाई से माँ इतनी खुश हुई की अब वो इस दिन के बाद से मेरे साथ ही सोने को लग गयी. तथा मेरा बाप अब दारु पीकर रात को अकेला ही पड़ा रहता है. और मैं तथा मेरी Sauteli maa ke sath sex का मजा लेने लगे है. अब तो सच बताऊ तो मेरे को ऐसा लगने लगा है की मैं और निकिता माँ ने शादी ही कर ली हो. क्योंकि मेरा जी करता है तभी मैं माँ की चूत को चोद लेता हूँ.
ये Sauteli maa ko choda कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Soti hui maa ko choda कहानी बहुत पसंद आई होगी. अगर आपको मेरी Gandi Kahaniyan पसंद आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. हम आपके लिए ऐसे ही मजेदार कहानियां लेकर आते रहेंगे.