Gaon Ki Ladki Ki Chudai – मंजू ने कर डाली लंड की जबरदस्त संवारी
दोस्तों कुछ भी कहो लेकिन गाँव की लड़की की चुदाई (Gaon Ki Ladki Ki Chudai) भी हर किसी का एक सपना ही होता है. मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि गाँव की लड़की का प्यार इतना सच्चा होता है की अगर आप एक बार गाँव की लड़की चुदाई कर डालो तो फिर वह लड़की जीवन भर आपके लंड के सपने संजो लेती है. और मेरी इस Gaon Ki Chudai कहानी में भी ठीक ऐसा ही हुआ है.
दोस्तों मैं राजस्थान के बाड़मेर का रहने वाला हूँ और पिछले 10 बरस से मैं गाँव को छोड़ चूका था. क्योंकि पहले तो मैं अपनी पढाई के सिलसिले में लगे रहने के लिए जोधपुर गया हुआ था. इसके बाद मेरी नौकरी भी अब शहर में लग गयी है. इसलिए अब आपको तो पता ही है शहर में रहने के लिए कितने नखरे करने पड़ते है. और मेरा ये ही अंदाज मेरे गाँव में पास की लड़की मंजू को इतना पसंद आया की वो खुद मेरे लिए अपने कपड़े उतारने लग गयी.
और मुझे चुदाई के लिए आमंत्रित करने लग गयी. आपको बता दूँ की मंजू की उम्र अभी 22 बरस के लगभग हुई है. और घरवाले भी अभी उसकी शादी के बारें में नही सोच रहे है. क्योंकि वो अभी खुद पढाई करने में व्यस्त है. लेकिन मंजू के घरवालों को कौन बताये की मंजू अब बच्ची नही रही है. लंड की जरूरत उसे भी पड़ने लग गयी है.
दोस्तों मंजू सलवार सूट में इतनी खुबसुरत लगती है की उसके सामने शहर वाली जीन्स टॉप वाली लडकियाँ भी फ़ैल है. मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि वह एक हट्टी – कट्टी खाते पीते घर की लड़की है. जिसके गाल उभरे हुए एकदम गोरे गटक हो रखे है. मैंने तो जब से उसे गाँव में जाकर देखा तो मन किया की उसके गालों पर एक पप्पी दे दू.
लेकिन एकदम से ऐसा करना सम्भव नही है. इससे दोस्तों मामला बिगड़ सकता है. इसलिए अब मैं पिछले 10 दिन से गाँव में ही था. और मंजू का घर मेरे सामने वाला घर था. मतलब मेरे और मंजू के घर की दुरी होगी ज्यादा से ज्यादा 100 मीटर. इसलिए जब भी मैं शाम को निकलता था टहलने के लिए तब मंजू भी शाम को जंगल में जाती थी अपने घर के लिए लड़कियां लेने के लिए.
पहले 1-2 दिन तो सब कुछ नार्मल था क्योंकि मैं इन दिनों मैं जब भी मंजू मेरे को देखती थी तब एक प्यारी सी स्माइल दे देता था. जिसके बाद से मंजू भी समझ गयी थी की अब मैं रमेश को पसंद आने लगी हूँ. इसलिए अगले रोज जब मैं शाम को टहलने के लिए निकला तो मंजू भी मानों मेरा ही इन्तजार कर रही थी. इसलिए वो भी मेरे साथ रस्ते में हो गयी. और हम खूब बातें करते-करते जंगल जाने लग गये.
इसी बीच ये सिलसिला करीब अगले 5-7 दिन तक चलता रहा. और मेरे को मंजू की प्यारी बातें इतनी पसंद आने लगी की अब मेरे को हमेशा घड़ी में शाम के 4 बजे का इंतजार होने लगा. और सोचता था की कब 4 बजे और कब मैं जंगल जाऊ मंजू के साथ. यहाँ तक की मुझे लड़कियां तोड़नी भी नही आती थी लेकिन मैं मंजू का लकड़ी तोड़ने में भी भरपूर साथ देने लग गया.
और मेरा ये काम करने का अंदाज देखकर मंजू भी आख़िरकार पिघल ही गयी. और बोली- आपकी शहर में कोई गर्लफ्रेंड है क्या?
मैं बोला- नही मेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है, यहाँ तक की मेरे को शहर की लडकियाँ भी पसंद नही है.
मंजू- अच्छा तो फिर आपको कैसी लड़कियां पसंद है?
मैं- मेरे को ऐसी लड़कियां पसंद है जो नार्मल रहती हो, और उनका पहनावा भी एकदम नार्मल हो.
मंजू- इसका मतलब आपको गाँव की लड़कियां पसंद है?
मैं- हाँ कुछ ऐसा ही है, क्योंकि मेरे को वो लड़की चाहिए जो सुंदर भी हो आपकी तरह और काम करने में भी चंचल हो. इसलिए घरवाले मेरे लिए लड़की भी देख रहे है. लेकिन अभी तक उन्हें ऐसी लड़की मिली नही है.
मंजू- तो क्या मैं आपको इतनी सुंदर लगी जो आप मेरी तारीफ पे तारीफ किए जा रहे है?
मैं- हाँ यार आप तो हो ही स्मार्ट, इसमें कौनसी कोई शक करने वाली बात है. यहाँ तक की अगर आप बुरा न मानों तो मैं आपको एक बात बताऊ?
ये Gaon Ki Ladki Ki Chudai कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है.
मंजू- बोलो, मैं किसी से नही कहूँगी.
मैं- मैं जब से गाँव आकर आपको देखा हूँ मेरे को आपसे प्यार होने लगा है. अब पता नही ये सही है या गलत लेकिन मेरे को आप सच में बहुत खुबसुरत लगी. और अब तो मन करता है की बस आपसे बातें करता रहूँ और आपको ही देखता रहू.
मेरे ये शब्द सुनकर अब मंजू भी पिघल गयी और बोली- आप अकेले नही हो इस लिस्ट में क्योंकि मैं भी आपको बहुत पसंद करती हूँ. आपकी ये स्मार्टनेस बहुत पसंद आई मेरे को.
मैं- चलो फिर ऐसा है तो आप अपने मोबाइल नंबर दे दो हम दोनों फ़ोन पर खूब बातें कर सके.
मंजू- मैं मोबाइल नही रखती, आप पापा वाले फ़ोन पर कर लेना.
मैं- नही, मैं आपको मेरा दूसरा वाला मोबाइल दे देता हूँ तुम उसे छुपाकर रख सकती हो.
इसके बाद हम घर पर आ गये और मैंने अपना दूसरा मोबाइल मंजू को दे दिया. जिसके बाद हम रात को प्यार की बातें करने में लग गये. और फिर मेरे को पता चला की मंजू तो पहले से ही चुदाई की आग में जल रही है. क्योंकि वो एक तो देहाती टाइप की लड़की ऊपर से वो कुछ भी बोलती थी वो खुलकर बोलती थी. मंजू की ये बातें सुनकर मेरे को ऐसा लगने लगा की अभी जाकर उसकी चुदाई कर दू.
लेकिन दोस्तों मैं इस इलाके से अनजान था इसलिए मैं उसके घर नही जा पाया. फिर एक दिन मैं मंजू से होटल जाने के बारें में पूछा- तो उसने बड़ी मुश्किल से हामी भरी.
और फिर हम दोनों अगले दिन होटल में चल दिए. जहाँ पहले तो हमने खाना खाया इसके बाद हम दोनों ने एक कमरा बुक किया. और अब कमरे के अंदर मैं और मंजू दोनों ही मौजूद थे. इस दिन मंजू लाल रंग का सूट पहन रखी थी. जिसमे वह किसी अंग्रेजन से कम नही लग रही थी. मेरे को तो लगता है की होटल वालों का भी मंजू को देखकर लंड खड़ा का खड़ा ही रह गया होगा.
क्योंकि वो भी मंजू को खूब निहारे जा रहे थे. अब दोस्तों हम जब कमरे में थे तो मंजू पहले-पहले तो थोड़ा शर्मा रही थी. लेकिन फिर मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया. और अब उसके गोल-मटोल गालों पर अपना प्यार भरा हाथ सहलाने में लग गया. और मेरे को सच कहू तो ऐसा फील हुआ की पूछो मत. क्योंकि मंजू के गाल एकदम मुलायम और सॉफ्ट थे की उन्हें छुते ही मेरे लंड में झुनझुनी होनी शुरू हो चुकी थी.
इसके बाद मेने उसके गालों पर किस करनी शुरू कर दी. और ये सब देखकर अब सामने से भी मंजू मेरे को मेरे गालों पर करनी शुरू कर दी. जिसके बाद हम गालों को छोड़कर अब लिप्स किस करने में लग गये. और देखते ही देखते करीब 10 मिनट तक हम एक दुसरे में किस करते हुए खोने लग गये. और हम दोनों को इस वक्त पता भी नही लगा की इतना वक्त भी हो चला है.
क्योंकि मंजू के एक तो होठ इतने रसीले ऊपर से उसने लाल रंग की जो लिपस्टिक लगाई थी वो भी मेरे को खूब मिठास दिए जा रही थी. इसलिए मेरे मन नही किया की मंजू के होठों से दूर हो जाऊ. और इसलिए अब मैंने लिप्स किस करते हुए मंजू के एक दूध पर अपना हाथ रख दिया. जिसके बाद मंजू ने किस करते हुए अपने आप को छुड़ा लिया और आह्ह्हहः…आआआआआ…… करने में लग गयी.
मैं पूछा- क्या हुआ?
मंजू- पता नही मेरे अंदर कुछ अजीब सी ख़ुशी और गुदगुदी महसूस हो रही है.
मैं बोला- अच्छा मैं समझ गया तुम चिंता मत करो और मेरे को अपने आप से दूर मत हटाओ प्लीज मेरे को बहुत मजा आ रहा है.
मेरे मुंह से ये बात सुनकर अब मंजू भी मेरी फीलिंग्स को पूरा-पूरा समझने में लग गयी. और अब उसने मेरा कोई विरोध नही किया उल्टा वह बोल रही थी जब आप मेरे दूध को मसल रहे हो तब मेरे को बहुत आनंदित महसूस हो रहा है. प्लीज अब इन्हें और दबाओ…. प्लीज…. प्लीज….प्लीज…. प्लीज…..प्लीज.
ये Gaon Ki Ladki Ki Chudai कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है.
उसकी ये प्यास देखकर अब मैं भी आश्चर्यचकित रह गया और अब मंजू खुद ही अपनी सलवार का नाड़ा ढीला करने में लग गयी. ताकि मेरे को जब मैं चूत की तरफ आगे बढूं तो कोई समस्या न आये. और अब मैं भी ठीक उसके दूध को छोड़कर मंजू की चूत (gaon ki ladki ki chut) के ऊपर हाथ रख दिया. और मैंने महसूस किया की सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत काफी उबल रही थी.
क्योंकि मंजू ने पेंटी नही पहन रखी थी. इसलिए अब मेरे को सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत एकदम नर्म लगी. और सलवार के ऊपर से ही मुझे गीला-गीला सा महसूस होने को लग गया. जिसके बाद अब मेरे से भी रहा नही गया. तो मैंने अब मंजू को बैठा दिया और अब मैंने उसके हाथों को ऊपर करवाकर कुरता खुलवा दिया.
जिसके बाद मेरे को उसके 34 के बूब्स नजर आए. और जैसे ही मेने उसके बूब्स को ठीक से देखा तो देखता ही रह गया. और फिर मैंने अपने दांतों से उसके बूब्स को काटने में लग गया. और मेरी इस हरकत से अब मंजू उछलने लग गयी थी. क्योंकि अब उसको चुदाई का पूरा नशा चढ़ चूका था. और अब वो केवल और केवल चुदवाना चाह रही थी.
इसलिए अब उसने खुद से ही अपने हाथ को मेरे लंड पर रख दिया और पेंट के उपर से ही सहलाने में लग गयी. और साथ में अपनी गर्म-गर्म साँसे छोड़े जा रही थी. जिसके बाद मैंने मंजू को और तडपाना सही नही समझा और अब मैंने उसका सलवार उतार दिया. लेकिन जैसे ही सलवार उतारा तो देखा की उसकी दो फाड़ वाली चूत एकदम मतीरे जैसी थी.
मेरा मन कर रहा था की अभी मंजू की चूत को खा जाऊ. क्योंकि वो लाल रंग की चूत अब सिर्फ और सिर्फ लंड लेने के लिए पतले पानी से सन्नी हुई थी. और इसी को देखकर अब मैंने अपना मुंह मंजू की चूत के दाने पर टिका दिया. तथा साथ में अपनी बीच वाली ऊँगली भी मंजू के चूत के छेद में डाल दी. और मुझे इस दौरान उसकी चूत ऐसी लगी की मानों को जलती हुई भट्टी हो.
इसलिए अब मैं लगातार उसकी चूत में ऊँगली किए जा रहा था. तथा साथ में उसकी चूत को चाटे जा रहा था. इसके अलावा एक हाथ से मंजू के बूब्स को मसले जा रहा था. ये सब होता देख मंजू से बिलकुल भी रहा नही जा रहा था. और वो उछलने में लग गयी. तथा लगातार वह उछल-उछलकर अपनी चूत से पानी का फव्वारा छोड़े जा रही थी.
उसका ये चुदाई वाला अंदाज देखकर मेरे से भी अब कण्ट्रोल नही हो रहा था. इसलिए अब मैं करीब 15 मिनट तक उसे गर्म करके अपनी पेंट उतार दिया. और अपना 6 इंच का लंड मंजू से सामने ला दिया. जिसे देखकर मंजू बोली- ये अंदर कैसे जाएगा?
मैं बोला- अभी ऊँगली भी तो गयी थी ना वैसे ही जाएगा तुम चिंता मत करो.
मंजू- चिंता नही लेकिन दर्द मत कर देना ….. प्लीज…. प्लीज…. अब मेरे से भी रहा तो नही जा रहा है इसलिए डलवाना भी जरूरी हो गया है.
इतना सुनते ही मैं मंजू की चूत के सामने आ गया अपना तंतानाता हुआ लंड लेकर और फिर मंजू की चूत के ऊपर अपने लंड को सहलाने में लग गया. जैसे ही मेरे लंड की टोपी मंजू की चूत को छूई मंजू ने प्यार आआआआ….आआआआअ…..आआआआआ….. करने लंड अंदर लेने की अपील कर डाली.
जिसके बाद अब मैंने धीरे-धीरे करके मंजू की चूत में अपने लंड को जाने दिया. लेकिन उसकी चूत काफी टाइट थी इसलिए पहले तो लंड फिसले जा रहा था. लेकिन फिर मंजू ने खुद से ही अपनी चूत के छेद पर मेरे लौड़े को सेट किया और बोली- अब जाने दो अंदर.
जिसके बाद मैंने एक जोर का झटका दिया और मेरा लंड मंजू की चूत को चीरता हुआ आधा घुस गया. और जैसे ही लंड आधा घुसा मंजू एकदम से चिल्लाई आआआआआआ……….ईईईईईईई ……… ऊऊऊऊऊऊऊ……… मार डाला….. प्लीज इसे बाहर निकालो…… आआआआआआआआ………. ऊऊऊऊऔआउअ…… प्लीज.
उसकी ये चीख सुनकर मैंने अपने लंड को वापस बाहर निकाला और देखा की मंजू की चूत में से अब हल्का-हल्का खू:न टपक रहा था. क्योंकि वह एक वर्जिन लड़की थी इसलिए अभी-अभी उसकी चूत की सील टूटी थी. इसलिए वह काफी तड़प रही थी. इसलिए अब मैंने उसको मनाया फिर से लंड लेने के लिए और वो अब कैसे जैसे होकर मानी.
ये Gaon Ki Ladki Ki Chudai कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है.
तथा बाद में मैंने फिर से अपने लंड को मंजू की चूत में जाने दिया. और अब भी वह आह…आह्हाह…अहहहाह्हा….. अहहहहाहाहा….. अहहहहह्हा….. अहहहह्हा….अहहहहाह्हा….. किए तो जा रही थी. लेकिन अबकी बार मैंने उसकी चिलाहट रोकने के लिए लिप्स पर अपने लिप्स धर दिए. जिसकी वजह से उसकी चिलाहट कम हुई.
और अब मैं निचे से अपने लंड को मंजू की चूत में आगे-पीछे करने में लग गया. और करीब 5 मिनट बाद ही मंजू का दर्द अब मजे में बदलने लग गया. और वो अब मेरे को जोर से चोदने के लिए कहने लग गयी. इतना सुनते ही अब मैंने अपने चोदने की स्पीड को दोगुना कर दिया. जिसके बाद अब मंजू की आँखे भी तैरने में लग गयी. और मेरा लंड भी अब उसकी चूत की गहराई तक जाने लग गया.
तथा चुदाई के दौरान वह मेरे को लगातार आई… लव….यू…. रमेश….. बोले जा रही थी. करीब 15 मिनट की पहली चुदाई में मंजू ने अपनी चूत में से काफी पानी बहा दिया था. और वह अब झड़कर निढाल हो गयी थी. उसका ये प्यार वाला अंदाज देखकर अब मेरे से भी रहा नही जा रहा था. इसलिए मैं भी अब आह….अहहहः…. मेरी जान…. मंजू…. आई…. लव यू……. कहकर उसकी चूत में ही अपने माल को झाड़ दिया.
जिसके बाद हम दोनों एक दुसरे से अलग हुए. और अब वो पास में रखा एक कपडा लेकर अपनी चूत को पोंछने में लग गयी. और फिर से नंगी अवस्था में ही मेरे पास आकर लेट गयी. और बोली- आज मिला है मुझे इस जवानी का असली मजा, काश आप मेरे पति बन जाओ. मेरी तो जिन्दगी बन जाएगी.
इतना कहकर मंजू ने एक पैर को मेरे पैर पर रख दिया. और अब वह मेरे लंड को पकड़ ली. और बोली- क्या लंड है आपका मानना पड़ेगा, क्या मैं भी आपके लंड को किस कर सकती हूँ?
मैं बोला- हाँ क्यों नही मेरी जान आज से ये लंड सिर्फ तुम्हारा ही है. तुम जो चाहो वो करो.
इतना सुनते ही मंजू फिर से बैठ गयी और मैं लेटा रहा. तथा मंजू अब मेरे लंड को किस करते-करते अपने मुंह में लेने को लग गयी. करीब 5 मिनट तक लंड को मुंह में लेकर वो मेरे को लगातार मुठ मार रही थी. जिसकी वजह से मेरा लंड फिर से सख्त हो गया. और अब मैं बोला- मेरी जान फिर से मेरा मन आपको चोदने का करने लगा है.
मंजू बोली- हाँ तो चोद लो आपको किसने मना किया है? आज से ये चूत तुम्हारी ही है, तुम जैसे चाहो वैसे चोदो चाहे.
इतना सुनकर अब मैंने मंजू को पास में ही लिटा दिया. और अब मैं उसका एक टांग उठाकर लेटे-लेटे ही अपना लंड फिर से मंजू की चूत में डाल दिया. इस बार के राउंड में मंजू तो शुरू से ही चुदने का खूब मजा लेने में लग गयी. और लगातार मेरे झटकों से खुश हुए जा रही थी. करीब आधे घंटे तक चोदने के बाद मैंने निचे देखा तो पता चला की मंजू आधे घंटे में अपनी चूत से काफी पानी बहा चुकी है. और वो अब मेरे को लगातार किस किए जा रही है.
क्योंकि मेरी चुदाई से वो इतनी संतुष्ट हुई की अब मेरे को भी पिघलने पर मजबूर कर दी. जिसके बाद अब मैंने उसकी गोरी-गोरी जाँघों को सहलाते हुए कसकर पकड़ लिया. और अब मैं खुद झड़ने पर आ गया. इसलिए अब मैंने एक बार फिर से अपने लंड का माल मंजू की चिकनी चूत में ही छोड़ दिया.
इस प्रकार हमें यहाँ पर चुदाई करते हुए पिछले 2.5 घंटे हो चुके थे. इसलिए अब हमे घर भी जाना था. तो हम दोनों उठे अपने-अपने कपड़े पहने. तथा होटल के रूम से बाहर निकलकर घर पहुँच गये. इस दिन के बाद से मंजू और मैं लगातार चुदाई का मजा लेने लगे है.
यहाँ तक की दोस्तों अब मैं और मंजू दोनों शादी भी करने वाले है. और थैंक गॉड की मेरे और मंजू के घरवाले हमारी शादी के लिए सहमत है. अब जब हमारी शादी हो जाएगी तो दोस्तों मैं आपके साथ मेरी सुहागरात वाली चुदाई कहानी भी जरूर लेकर आऊंगा. इसलिए आप मेरा इंतजार जरूर कीजिएगा.
ये Gaon ki ladki ko choda कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Gaon ki desi chudai कहानी बहुत पसंद आई होगी. अगर आपको मेरी Gandi Kahaniyan पसंद आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. हम आपके लिए ऐसे ही मजेदार कहानियां लेकर आते रहेंगे.