Vidhva Ki Chudai – मालकिन की चुदाई की जिम्मेदारी अब मेरी हुई
दोस्तों वफ़ादारी ऐसी हो की कोई इन्सान आपको अपने घर जैसा ही समझे. क्योंकि मैं पिछले 10 बरस से मेरे सेठजी के यहाँ नौकरी करता हूँ. और अभी 6 महीने पहले ही मेरे सेठजी का निधन हो गया है. लेकिन जब सब कुछ खत्म सा हो गया तब मेरी सेठानी की मैं ही एक आस बनकर उभरा हूँ. इस Vidhwa sex stories के नए एपिसोड के अंदर मैं आपको अपनी Vidhva Ki Chudai कहानी बयाँ करूंगा.
क्योंकि मैं रोज इस पोर्टल पर लोगों द्वारा भेजी गयी कहानियां पढता हूँ. तथा मेरे को यहाँ लोगों द्वारा बताई गयी अपनी-अपनी कहानियां पढ़कर बहुत मजा आता है. और इसी से ही मेरा गुजारा हो जाता है. ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि मेरा अभी विवाह नही हुआ है. मैं बिहार के गया का रहने वाला हूँ और इधर महाराष्ट्र के नासिक में सेठजी के यहाँ 10 बरस से नौकरी कर रहा हूँ.
इसलिए वैसे तो मेरे घरवाले अब मेरे लिए लड़की देख रहे है. लेकिन दोस्तों मेरे को अब नही लगता की मेरे को शादी करने की भी कोई जरूरत होगी. क्योंकि जब से मैंने अपनी प्यारी सी सेठानी को चोदा है तब से वो मेरी दीवानी हो चली है. और मेरे को अब मालकिन अपने दूर नही होने देती है. तथा अब तो ऐसा लगने लगा है की मालकिन को सेठजी की बिलकुल भी कमी महसूस न हो रही हो.
अब सेठजी ठहरे पैसे के लालची आदमी और जब से सेठानी ने असली दमदार लंड लिया है. तब से वो असली चुदाई का मजा जान चुकी है. हालाँकि पैसे के दम पर सेठजी अपने से 10 बरस छोटी सेठानी तो ब्याहकर ले आए. लेकिन अब जरूरत थी सेठानी जी को ढंग से बजाने की और वो काम सेठजी से कभी सम्भव नही हो पाया. और इसलिए आज सेठानी मेरी दीवानी बन चुकी है.
दरअसल हुआ यूँ की अभी जब से सेठजी गुजरे तब से सेठानी जी एकदम उदास-उदास सी रहती थी. इसलिए दोस्तों मैं उनका खास नौकर था तो वो अपने घर पर सिर्फ मेरे को ही रखती थी. ताकि मैं उनसे बातें कर सकूं और साथ में उनकी देखभाल भी कर सकूं. लेकिन मैं अपने काम में इतना होशियार आदमी हूँ की आज तक किसी काम में मैं ताने नही सुने.
और इसलिए मैं सेठानी जी की ऐसी देखभाल करता था की वो अब मेरे पर फ़िदा होने लग गयी. और ये सब तो होना ही था क्योंकि मैं अभी एक जवान और हेंडसम टाइप का लौंडा जो ठहरा. इसलिए एक दिन जब दोपहर के वक्त मैं सेठानी के घर था तो सेठानी जी उस दिन कुछ खिली-खिली सी नजर आ रही थी. इसलिए मेरे को उनको दोपहर 2 बजे उनके कमरे में जाकर चाय पकड़ाकर आना था.
और अब मैंने चाय बनाकर सेठानी जी के कमरे में देने के लिए गया तो वहां का नजारा देखकर मैं दंग रह गया. क्योंकि सेठानी जी इस दौरान अपने लैपटॉप को खोलकर उसमे ब्लू फिल्म चलाकर अपनी चूत के निचे तकिया रखकर एकदम पागल हुए जा रही थी. और वो शायद मुझे ये सब दिखाने के लिए कर रही थी. इसलिए पहले तो मैं ये सब देखकर डर गया.
फिर इसके बाद सेठानी ने मेरे को आवाज दी- अरे माधव आ जाओ अंदर, क्या हुआ?
मैं- नही सेठानी जी, मुझे माफ़ करना मैंने आपको इस रूप में देख लिया है. मुझे नही पता था की आप ये सब कर रही है.
सेठानी- एक बार कमरे के अंदर तो आओ पागल.
इसके बाद मैं डरता-डरता हुआ सा सेठानी के कमरे में गया. और अब सेठानी ने अपनी साड़ी को सही कर लिया था और अपने लैपटॉप को भी बंद कर लिया था. तथा अब सबकुछ नार्मल सा था. तो मेरे को चुप हुआ देखकर सेठानी बोली- सॉरी माधव, मेरे को पता नही था की अब तेरे चाय का टाइम हो चला है. लेकिन किसी को बता मत देना की सेठानी ये सब करती है.
मैं- नही सेठानी जी ऐसी बातें भी भला किसी को बताई थोड़ी जाती है. आपकी पूरी परेशानी अब मै समझ चूका हूँ.
सेठानी- अच्छा, इसका मतलब तुम तो काफी स्मार्ट लड़के हो यार. तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नही है क्या?
मैं- नही आज तक मैंने इस बारें में ध्यान ही नही दिया. बस आपको देखकर ही मन को राजी कर लेता हूँ.
सेठानी- इसका मतलब तुम मेरे को पसंद करते हो?
मैं- हाँ सेठानी जी, लेकिन आप प्लीज मेरी इस बात का बुरा मत मानना. और आपको सच कहूँ तो सेठानी जी मैं भी आपको ही याद करके पिछले 5 बरस से जब आप इस घर शादी करके आई हो तब से काम चला रहा हूँ.
सेठानी- इसका मतलब तुम मेरे को याद करके मूठ मारते हो?
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मैं- हाँ सेठानी जी, लेकिन प्लीज आप बुरा मत मान जाना मेरी बात का.
सेठानी- अरे नही माधव, इसमें बुरा मानने वाली कौनसी बात है, वैसे मैं भी तेरे को ही याद करके अपनी चूत में ऊँगली कर रही थी. हाहाहा
मैं- सच में सेठानी जी? आपको भी मैं पसंद हूँ?
सेठानी- पसंद हो तभी तो तेरे को घर पर रखा है मैंने स्पेशल, वरना मैं कोई और लड़के को नही रख लेती.
मैं- हाँ तो फिर हम दोनों ही दुःख पा रहे है, इससे अच्छा तो मैं कहता हूँ की खूब मजे ले लिए जाए.
सेठानी- अरे वाह, शुभ काम में देरी किस काम की. चलो आओ मेरे पास.
इतना कहते ही मैं सेठानी के पास जाकर लेट गया. और अब उनसे खूब प्यार करने लग गया. कभी उनके गोरे-गोरे गालों पर तो कभी उनके गर्दन पर पप्पी लिए जा रहा था. मेरा ये चुदाई वाला अंदाज देखकर ही सेठानी की सिसकारियां बढ़ने को लग गयी. और वो लगातार मचल रही थी. ऐसा लग रहा था की कभी सेठजी सेठानी जी को ढंग से चोद ही नही पाए थे.
इसलिए वो बिन पानी वाली मछली की तरह तड़प रही थी. और मैं इस दौरान लगातार उनको किस पर किस किए जा रहा था. उनका बदन छूकर मेरे को किसी मुलायम गद्दे जैसा अहसास हो रहा था. इतनी सॉफ्ट लड़की कभी मेरे को टच भी करने देगी क्या? ये मेरे को यकीन नही हो रहा था. हालाँकि मैं अभी भी ये सोच रहा था की मैं कोई सपना तो नही देख रहा हूँ?
लेकिन फिर मैंने प्यार भरे अंदाज से सेठानी को देखा तो हम दोनों ही मुस्कुरा रहे थे. और फिर सेठानी बोली- क्या देखे जा रहे हो मेरी जान? इतना प्यार करना कैसे सीख लिया तुमने?
मैं बोला- जब आपके जितनी हॉट और सेक्सी लड़की निचे हो तो प्यार करना अपने आप सिख जाता है इन्सान.
और फिर से मैं सेठानी को खूब किस पर किस किए जा रहा था. तथा साथ में उनके 34 के बूब्स को भी मसलता जा रहा था. और जब से मैंने उनके बूब्स को अपने हाथ में लिया तो उनकी सिसकारियां और बढ़ने को लग गयी. और वो आह…आहाहाह….अहहहहाहः……हहहहहः…. करते हुए अपने ब्लाउज के पुरे बटन खोलने में लग गयी.
तथा अब उन्होंने बटन खोलकर अपने बूब्स को निकालकर मेरे सामने ला दिया. और बोली- लो माधव पि लो मेरे बूब्स का दूध प्लीज…. बहुत मजा आ रहा है तेरे हाथ लगाने से मात्र ही. प्लीज…. प्लीज… और मेरे को सामने से किस पर किस किए जा रहा रही थी.
इसके बाद मैं अपना मुंह सेठानी के बूब्स पर टिका दिया और एक बूब्स को अपने हाथ से मसले जा रहा था. सेठानी के इतने चिकने बूब्स थे की जी कर रहा था बस इनके साथ खेलता ही रहूँ. और ये सब करते-करते मेरे को करीब 15 मिनट हो चले थे. अब तो मानों की सेठानी से बिलकुल भी बर्दाश्त नही हो रहा था. इसलिए वो लगातार मेरे को किस किए जा रही थी.
तथा साथ में अपनी गर्म-गर्म साँसों को छोड़े जा रही थी. उनका ये चुदाई भरा अंदाज देखकर अब मेरा लंड तो बिना हाथ लगाये ही तनकर खड़ा हो गया था. तथा अब सेठानी के निचे चुभने भी लग गया था. तभी सेठानी बोली- अब माधव तुम प्लीज जल्दी से अपनी पेंट उतारो, और मेरे को अपना लंड चुसवावो.
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सेठानी की बात मानते हुए मैं ऊपर से उठा और अपनी पेंट उतारकर अपना 6 इंच लम्बा व 2.5 इंच मोटा लंड सेठानी के सामने लाकर रख दिया. मेरे लंड को देखकर सेठानी एकदम हैरान रह गयी. और बोली- ओह्ह्ह… माय…. गॉड… इतना तगड़ा लंड है तेरा मेरे को तो आज पता चला. काश मैं पहले ही चुद गयी होती माधव तुमसे.
मैं बोला- कोई बात नही सेठानी जी देर आए, दुरस्त आए. आप तो अब अपनी चूसने वाली इच्छा को पूरा करो. मेरे से भी रहा नही जा रहा था. इतना सुनते ही सेठानी अब मेरे लंड पर टूट पड़ी और लगातार मेरे लंड को सहलाये जा रही थी. तथा उनके सहलाने मात्र से ही मेरा लंड उनके मुंह पर पिचकार छोड़ दिया. और सेठानी मेरी पिचकारी को अपनी मुंह में लेकर पि गयी.
तथा अब वो मेरे सोये हुए लंड को अपने मुंह में लिए जा रही थी. यहाँ तक की दोस्तों मैं पहली बार किसी लड़की को अपना लंड हाथ में दिया था. इसलिए अगले 5 मिनट में ही मेरा लंड फिर से वैसा का वैसा ही हो चला था. और फिर मैं बोला- सेठानी जी अब चुदाई कर लेते है वरना ये आपके चूसने से ही झड़ जाएगा.
सेठानी बोली- हाँ तुम ठीक कह रहे हो माधव, मेरे से भी बिलकुल रहा नही जा रहा है.
इतना कहकर अब सेठानी बिना कहे ही अपनी साड़ी व पेटीकोट को खोलकर साइड में रख दी. और अब वह सिर्फ मेरे सामने अपनी लाल रंग की चड्डी में मौजूद थी. जहाँ उनकी वो गोरी-गोरी गांड… आए…. हाए…. क्या कहना. मेरा जी कर रहा था की अब सेठानी की गांड को खा जाऊं…. फिर इसके बाद सेठानी लेट गयी. और अब मैं उनकी गोरी-गोरी जाँघों पर अपना हाथ सहला रहा था.
और इधर सेठानी से बिलकुल भी बर्दाश्त नही हो रहा था. इसलिए वह खुद से अपनी गांड उठाकर चड्डी खोलने में लग गयी. जहाँ मैंने उनकी चूत को देखा. और पाया की सेठानी की चूत एकदम पतले पानी से सन्नी हुई थी. और एकदम चिकनी तथा मस्त खुशबु छोड़ रही थी. इसलिए अब मेरा मन सेठानी की चूत का रस पिने का हो गया. और मैं अब अपना मुंह सेठानी की चूत के दाने पर टिका दिया.
और जैसे ही मैंने अपना मुंह टिकाया एकदम से सेठानी की आआआ….आआआ….आआआ…….आआअ…. माधव….. अहहहहः…. अहहहहः…. अहहाहा….हहहहः… किए जा रही थी. और उनको इस अंदाज में तडपता देखकर मेरे को भी अब और तडपाना अच्छा लग रहा था. इसलिए मैं लगातार सेठानी की चूत का रस पिए जा रहा था. तथा वह अपनी गांड उठाकर अपनी चूत को मेरे मुंह की तरफ धकेलने में लगी हुई थी.
सेठानी ठीक वैसे ही किए जा रही थी जैसे वो गंदी फिल्म चलाकर तकिये के साथ कर रही थी. अब करीब 10 मिनट तक लगातार ये सिलसिला चलता ही रहा. और इस दौरान सेठानी की चूत से काफी पतला पानी निकलने लग रहा था. तभी मैं समझ गया था की अब सेठानी चुदाई के फुल मूड में आ चुकी है. इसलिए अब मैंने देर नही की. और अब सेठानी के टांगों को अपने कंधों पर रखा.
तथा अपने लंड की टोपी को सेठानी की चूत पर सेट करने में लग गया. जहाँ मेरे लंड को टच होने मात्र से ही सेठानी की आह…आहाहाह….अहहहः….अहहहहः… बढ़ने लग गयी. इधर मेरे लंड को उनकी चूत को छुते ही अंदर जाने की इच्छा और प्रबल हो गयी. और फिर मैंने एकदम से एक जोर का झटका दिया.
और मेरा लंड एकदम से सेठानी की चूत को फाड़ता हुआ अंदर चला गया. मुझे ऐसा लगा की शायद आज ही सेठानी की सील टूटी है. क्योंकि मेरा लंड जाते ही सेठानी खूब चिल्लाई…. आह्हहहहः…. हाह्हाहः….. माधव…. मार डाला….. कोई ऐसे ही डालता है क्या भला???? पागल….. अहहहः…..हहहह्हा …. बाहर निकालो अपने इस हथियार को.
और फिर मैंने बाहर निकाला तो पाया की सेठानी की चूत में से हल्का-हल्का खू:न निकल रहा था. तो सेठानी बोली- ओह्ह्ह माय गॉड… शायद आज ही मेरी सील टूटी है…. तेरे सेठजी से तो आज तक मेरी सील भी नही टूटी थी…. शायद इसलिए वो मेरे को कभी मजा नही दे पाए. तुम अब धीरे-धीरे करना.
इतना सुनते ही मैंने अब फिर से अपना लंड सेठानी की चिकनी चूत में डाला और अब मैं धीरे-धीरे सेठानी की चूत को चोदे जा रहा था. करीब 5 मिनट तक तो मेरे लंड को सेठानी की चूत में जगह बनाने में लग गयी. और फिर मानों की सेठानी ने पूरा लंड लेने की ख्वाहिश कर डाली. इसलिए अब मैंने पूरा लंड डाल दिया. और जैसे ही पूरा लंड गया सेठानी फिर से आअह्हहहह….. अहहहहः…. अहहहः…. माधव…. अहहहः….हहहाहा… धीरे करना.
फिर से मैं धीरे-धीरे करने में लग गया. और फिर जब मजा बढ़ने लगा तो सेठानी ने मेरे को अपनी स्पीड बढ़ाने के लिए बोल दिया. तथा मैं भी मानों उनके मुंह से स्पीड बढाने वाले शब्द सुनने के लिए बेताब था. क्योंकि जैसे ही मैंने वो शब्द सुने मेने अपने चोदने की स्पीड में चार चाँद लगा दिए. और अब मैं रुकने वालों में नही था. क्योंकि अब मेरे को भी जोर-जोर से चोदने में बहुत मजा आ रहा था.
इसलिए पहले पहले तो सेठानी खूब आह…आह्हहः…अहहह्हः….अहह्हहः… माधव… अहहाह…करके तड़प रही थी. लेकिन अब मैंने उनकी एक न सुनी. और उनकी चूत चोदने की रेल बना डाली. और लगातार मैं आगे-पीछे हुए जा रहा था. और वो अब मेरी पीठ को लगातार सहलाये जा रही थी. और मेरे लंड को अपने अंदर तक फील किए जा रही थी.
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उनका ये अंदाज देखकर मैं भी लगातार उनके गोरे-गोरे गालों पर किस किए जा रहा था. और लगातार उनकी चुदाई की आग को बुझा रहा था. मेरा लंड उनकी चूत के काफी अंदर तक जा रहा था. इसलिए वो अब काफी पागल हुए जा रही थी. और मानों की पहली बार उन्होंने ऐसा लंड लिया हो इसलिए वो लगातार मेरे से चुदाई वाली बातें किए जा रही थी.
जिन्हें सुनकर मेरे लंड में भी तनाव कम न हो रहा था. और करीब आधा घंटा तक चोदने के बाद मेरा लंड झड़ने को आ गया. तो मैंने बोला- सेठानी जी मेरा लंड झड़ने वाला है.
सेठानी बोली- झड़ जाने दो साले को…. लेकिन बाहर मत निकाल देना…. मेरी चूत की आग तेरे माल से ही बुझेगी… माधव ….. आई लव यू…. काश तू मेरे को पहले ही चोद लेता…. तो मेरे को इतना परेशान नही होना पड़ता.
मैं बोला- मेरी जान अब आप बीते हुए दिनों को भूलो और अभी चुदाई का मजा लो.
और इतना कहकर अब मैंने अपनी स्पीड को और बढ़ा दी. तथा अब मैंने सेठानी की जाँघों को कसकर पकड़ लिया. तथा अब मैंने उनके ऊपर जोर-जोर से फट…फट…फट…फट…फ.ट…. करते हुए झटके पर झटके दी जा रहा था. और जैसे ही लंड सेठानी की चूत को छूकर आ रहा था उनका मूत निकल रहा था. ये सब देखकर अब मैं आहाहह्हः….अहहहः… अहहहहः…. सेठानी जी…. आई लव यू….. अआहह्हा… करके सेठानी की चूत में ही झड़ गया.
और फिर करीब 10 मिनट तक उनके ऊपर ही लेटा रहा. जहाँ अब सेठानी जी मेरे को सहला रही थी. और मेरे को लगातार अपना प्यार दिए जा रही थी. और साथ में अपनी चुदाई का अनुभव भी बता रही थी. तब मेरे को पता चला की आज जाकर सेठानी जी की अच्छे से चुदाई हुई है.
इसके बाद तो दोस्तों उस दिन मैंने सेठानी को करीब 3 बार दिन में ही बजा डाला था. फिर सेठानी मेरी चुदाई से इतनी इम्प्रेस हुई की अब वो मेरे को अपने से दूर नही होने देती है. तथा अब तो मेरे को भी ऐसे लगने लगा है की मैं उनका नौकर कम और पति ज्यादा हूँ. ऐसा इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि मैं अपनी प्यारी सी सेठानी को पिछले 6 माह से विधवा होने का बिलकुल भी अहसास नही होने दे रहा हूँ.
मेरे को अब vidhwa aurat ka bf बनकर इतनी ख़ुशी मिल रही है की पूछो मत. अब कभी और किसी दिन मेरी सेठानी के साथ की दमदार चुदाई का किस्सा आपके साथ जरूर शेयर करूंगा. आप तो बस भगवान् से दुआ करो की हमारी ये नौकर और मालकिन की जोड़ी हमेशा ऐसे ही बनी रहे.
ये Vidhwa ko choda कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Vidhwa Sex Story बहुत पसंद आई होगी. अगर आपको मेरी Gandi Kahaniyan पसंद आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. हम आपके लिए ऐसे ही मजेदार कहानियां लेकर आते रहेंगे.