Chachi Bhatija Sex Story – मुझे चाचा समझ चुद गयी ममता चाची
कभी-कभी धोखा भी ऐसा होता है की वो मजे का सबब बन जाता है. और मित्रों ठीक ऐसा ही मेरे साथ हुआ है. आज के इस Chachi sex stories के नए एपिसोड के अंदर मैं आपके लिए लेकर आया हूँ मेरी एक सच्ची और मजेदार Chachi Bhatija Sex Story. दोस्तों मेरी इस Chachi sex story के अंदर मेने अपनी खुबसुरत सी ममता चाची को ऐसा मजा दिया है की वो अब चाचा के लंड को तो फीका समझने लग गयी है.
यहाँ तक की वो अब दिन में एक बार मेरे से चूत चुदवा ही लेती है. और इसी का अनुभव मैं आपके सामने सांझा कर रहा हूँ. बरहाल दोस्तों मैं आपको अपने बारें में बताऊ तो मैं अभी 18 बरस का लौंडा हूँ. और फ़िलहाल मैं अपनी कॉलेज की पढाई कर रहा हूँ. हालाँकि दिखने में काफी हेल्थी टाइप का लड़का हूँ. और शायद इसलिए कॉलेज में भी मेरे ऊपर बहुत लड़कियां मरती है.
लेकिन आपको सच बताऊ तो मैंने आजतक किसी भी बला पर इतना ध्यान नही दिया. क्योंकि मैं स्कूल टाइम से ही पढाई में काफी इतेलिजेंट था और इसलिए कॉलेज में भी सबसे फर्स्ट आने के लिए दिन रात कोशिश करता रहता हूँ. लेकिन दोस्तों एक रात ऐसी आई की फिर पढाई को छोड़कर चुदाई वाला पाठ पढने को मजबूर कर गयी.
क्योंकि मेरी ममता चाची जो काफी हॉट और जवान लड़की है. उनकी मुकेश चाचा के साथ अभी 3 बरस पहले ही शादी हुई थी. और ममता चाची अभी मानकर चलो की ज्यादा से ज्यादा 25 बरस की हुई होगी. इसलिए वैसे तो मैंने कभी उनको उस वाले अंदाज से नही देखा लेकिन जो वाकया मेरे साथ हुआ उसके साथ देखना जरूरी हो गया.
दरअसल दोस्तों हम लोग मध्यप्रदेश के मोरेना जिले के रहने वाले है. और हमारा परिवार एक खेती करने वाला परिवार है. इसलिए हम लोग एक ही हवेली में संयुक्त रूप से रहते है. और इसलिए कोई भी किधर भी किसी भी कमरे में रह सकता है. इसके लिए कोई पाबन्दी नही है. इसलिए हुआ यूँ की कोई पास में शादी थी इसलिए सभी लोग शादी में गये हुए थे.
हालाँकि मैं भी गया हुआ था बारात के अंदर. लेकिन फिर मैं तो खाना खाकर वापस आ गया तुरंत ही रात के 10.30 बजे. लेकिन फिर मेरे मुकेश चाचा जो है उनको विदाई के वक्त तक दुल्हे ने वहीँ पर रोक लिया. अब दोस्तों घर पहुंचते-पहुँचते हमें 11.30 बज गये. और अब तक मेरा काफी सोने का मन हो गया था. इसलिए मैं घर आते ही चाचा के रूम में कोई नही था.
तो मैं समझा की यहाँ ही सो जाऊ तो बेहतर होगा. इसलिए दोस्तों मैं चाचा के रूम में ही रजाई ओढ़कर सो गया. हालाँकि इस दौरान ममता चाची बाथरूम गयी हुई थी. इसलिए वो जब आई तो देखा की उनका पति यानी की मुकेश चाचा ही बारात से लोटकर आ गये है. इसलिए उन्होंने तुरंत लाइट को बंद कर दिया. और मेरे पास ही आकर लेट गयी.
हालाँकि तब तक मेरे को नींद आ गयी थी. क्योंकि मैं बारात में काफी थक चूका था. इसलिए अब मेरी चाची को तो इतना भी पता नही था की मैं हूँ या उनका पति. इसलिए चाची मेरे से लिपटकर सो गयी. अब दोस्तों मेरे को उनके बदन की ऐसी खुशबु आई की मैंने अपनी आँख खोल ली. और अब मैं चाची से कहूँ तो कैसे कहूँ की चाची मैं हूँ मुकेश चाचा नही.
काफी देर तक लिपटने के बाद अब मेरा तो उनका वो मुलायम सा बदन टच होने के कारण लंड तनकर खड़ा होने लग गया. और अब दोस्तों मेरे से बिलकुल भी रहा नही जा रहा था. क्योंकि मेरी चाची भी कुछ ऐसी ही हरकते मेरे साथ लगातार चाचा के भरोसे किए जा रही थी. वो इस दौरान मेरे लंड पर टच कर रही थी. इसलिए अब मेरे से बिलकुल भी रहा नही जा रहा था.
और अब करीब 10 मिनट तक वो मेरे लंड को सहलाये जा रही थी जिसकी वजह से मेरा लंड पूरा 7 इंच जितना लम्बा हो चुका था. और मैं शर्मा रहा था. क्योंकि ममता चाची ये सब मुकेश चाचा के भरोसे जो किए जा रही थी. अब दोस्तों मैंने भी शर्म वाला हिस्सा छोड़कर चाची के कूल्हों पर हाथ फेरना शुरू कर डाला. जिसकी वजह से दोनों तरफ से ही सहलाना शुरू हो चूका था. इधर चाची लंड को सहला रही थी उधर मैं उनके कूल्हों को.
जिसके बाद अब चाची ने खुद से ही अपने सलवार का नाड़ा खोल दिया और साथ मैं अपनी पेंटी को भी उतार डाला. तथा अब वो मेरे पास निचे से एकदम नंगी होकर पड़ी हुई थी. तथा लगातार मेरे लंड से छेड़खानी करे जा रही थी. और अब मैं फिर से जैसे ही उनकी गांड पर हाथ फेरा तो दोस्तों मेरे को बहुत ही अच्छा फ़ील हुआ.
और इसके बाद अब मैं कभी उनके टांगों पर तो कभी कूल्हों पर लगातार अपना हाथ फेरे जा रहा था. जिसके बाद मेरा हाथ उनकी चूत की तरफ चला गया. हालाँकि जैसे ही मैंने चाची की चूत को टच किया तो पाया की काफी गर्म चूत थी उनकी. शायद वो सर्दी के मारे ही ज्यादा गर्म लग रही हो. लेकिन चाची की चूत किसी हीटर से कम नही थी.
यहाँ तक की उनकी चूत भी इतनी सॉफ्ट थी की मानों उनकी चूत कोई नई चूत हो. क्योंकि उस पर कोई भी बाल का हिस्सा तक नही था. इसलिए अब दोस्तों मैंने एक ऊँगली उनकी चूत की दो फाड़ में लगा डाली. जहाँ मैंने पाया की उनकी चूत में से कुछ चिपका-चिपका सा मटेरियल निकल रहा है. और मेरी ऊँगली को एकदम फिसला रहा है. इसलिए मैंने अपनी ऊँगली हटा ली.
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जिसके बाद चाची ने बिना बोले ही मेरे हाथ को पकड़कर खुद से अपनी चूत की तरफ वापस धकेल दिया. और मैं समझ चूका था की चाची को अब चूत पर हाथ फिरवाना अच्छा लग रहा है. इसलिए अब दोस्तों मैं लगातार चाची की चूत के ऊपर करीब 10 मिनट से हाथ सहलाये जा रहा था. और अब चाची की चूत में से लगातार पानी निकले जा रहा था.
तथा साथ में चाची की सांसे भी अब काफी गर्म होने को लग रही थी. इसलिए अब मेरे से भी रहा नही जा रहा था. क्योंकि मैंने भी किसी की चूत पर पहली बार जो हाथ लगाया था. इसलिए मन में थोड़ा डर भी था साथ में उत्साह का लेवल तो पूछो ही मत. इसलिए अब मेरा मन चाची की चूत में ऊँगली करने को हो गया. और मैंने अपनी बीच वाली ऊँगली चाची की चूत में धीरे से डाल भी दी.
और जैसे ही मैंने ऊँगली डाली. चाची नींद में ही आह…. आह्हहः… अहहहः…. अहह्हहः… मेरी जान…. ऐसे ही करो…. बहुत मजा आया …. आई लव यू…. आआआ…आ.अ.अ.आ… प्लीज.
उनकी ऐसी चुदाई वाली आवाज सुनकर दोस्तों अब मेरा भी मन उनकी चूत में जोर-जोर से ऊँगली करने को होने लग गया. इसलिए मैंने उनकी चूत में जोर-जोर से ऊँगली करनी शुरू कर डाली. और वो लगातार आह… आहाह…. आह्हह…. अहहहह्ह…. अहहः…. करके पानी पर पानी छोड़े जा रही थी. लेकिन मैं रुकने का नाम नही ले रहा था.
अब दोस्तों चाची का मन एकदम लंड लेने के लिए हो गया. और अब उन्होंने खुद से ही मेरे पेंट को खोला और साथ में चड्डी को निचे कर डाला. तथा अब मेरा आधा पेंट खुला था. और अब चाची मेरे लंड को लगातार सहलाये जा रही थी. उनका सहलना मुझे इतना भा रहा था की अब मन कर रहा था चाची के जल्द से जल्द ऊपर आ जाऊ.
लेकिन अभी भी मेरा पेंट जो आधा खुला हुआ था इसलिए अब मैंने पहले तो रजाई के अंदर ही कैसे जैसे करके अपने पेंट को पूरा खोला और साथ में चड्डी भी उतार डाली. अब मैं भी दोस्तों निचे से पूरा नंगा हो चूका था. और अब मैं सीधा चाची के ऊपर आ गया. तथा अब चाची के गालों पर किस करने में लग गया. और इधर चाची चुदाई के लिए इतना पागल हो चुकी थी की, नींद में ही मेरे को बोल रही थी – थोड़ा ऊपर हो जाओ ताकि मैं लंड को चूत में डाल लू.
और मैं भी अपनी कमर उठा लिया. जिसके बाद चाची ने मेरे लंड को अपनी चूत में सेट कर लिया. और अब मैंने भी एक जोर का झटका दे डाला. इधर पूरा लंड एकदम से घुस गया. और चाची एकदम से चिल्लाई…. आहाह्हहहः…. आह्हहः… आज क्या खाकर आए हो…. इतना बड़ा लंड कैसे हो गया आपका???
वापस निकालो इसे मेरे को बहुत दर्द हो रहा था. जिसके बाद मैंने बिना बोले ही अपने लंड को वापस निकाल डाला. और अब फिर से चाची की चूत में धीरे-धीरे लंड डालना मैंने सही समझा. इसलिए अब मैं आधा लंड डालकर ही चाची की चूत को लगातार पप्पी लेते हुए चोदे जा रहा था. मेरे लंड को महसूस करके चाची को इतना मजा आने लगा था की अब वो पूरा लंड डलवाने के लिए अपील करने में लग गयी.
और फिर मैंने भी झट से अपना पूरा लंड चाची की चूत में समा डाला. इधर चाची भी मेरे लंड को पूरा अंदर जाता देख लगातार आह्ह… आह्हह…. आह्हाह….ईईई…… ईईईईई……. मार ही डालोगे आज तो… क्या खाकर आ गये बारात में ऐसा??? बहुत अच्छा लग रहा है…. ऐसे ही चोदो…. बहुत मजा आ रहा है…. आहाहा… अहहः…अहहह्ह… करें जा रही थी.
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अब दोस्तों मेरे को उनकी वो चुदाई से संतुष्ट होने वाली बातें सुनकर बहुत ही अच्छा फील हो रहा था. इसलिए अब मैं भी अपनी स्पीड को 3 गुना बढ़ा चूका था. जिसके बाद तो उनकी चूत से लगातार चिपकने वाला पानी झड़ने लग गया. और वो हर झटके पर बूंद-बूंद पानी छोड़े जा रही थी. मेरे को भी अब हर झटके में फट…फट..फट…फक…फक..क… जैसा सुनाई दे रहा था.
इसलिए अब उनकी चूत काफी लुब्रीकेंट् हो चुकी थी. जिसकी वजह से मेरे लंड को काफी मजा आने लग गया. और करीब 15 मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद अब मेरा लंड झड़ने पर मजबूर हो गया. और अब मैंने आह…. आह्हह…हहहः….अहहह्हः…. करके चाची की चूत में ही जोर लगाकर झड़ गया. इधर मेरी आवाज सुनकर चाची को भी शक हो गया. और बोली- अरे शिवम् तुम?
मैं- हाँ चाची…. मैं ही हूँ…. हाहाहा.
चाची- पागल तुमने ये क्या कर डाला?
मैं- मैंने कुछ नही किया चाची आपने ही करवाया है.
चाची- अरे मैं तो समझी थी की तेरा चाचा आया है बारात से. वो क्यों नही आए?
मैं- वो सुबह दुल्हे के साथ आएँगे.
चाची- ओह्ह… माय…. गॉड… शिवम् तुम इस प्रकार की ताबड़तोड़ चुदाई करना भी जानते हो?
मैं- जब आपके जैसी खुबसूरत लड़की हो तो बन्दा खुद ही सबकुछ सिख जाता है. आपको मजा आया क्या?
चाची- मजा तो आया, लेकिन हुआ ये सब धोखे से है. इसलिए किसी को बताना मत. बाकी सच में तुम दमदार आदमी हो तेरे चाचा के मुकाबले तो बहुत दमदार हो. मुझे आजतक तेरे चाचा ने इस कदर चुदाई का मजा कभी नही दिया.
मैं- मुझे भी चाची बहुत मजा आया है. ऐसा मजा आया है की मैं आपसे बया नही कर सकता. यहाँ तक की मेरा मन फिर से आपकी चूत को चोदने का हो चला है.
चाची- हाँ तो चोद लो जब तक तुम्हारे चाचा न आए तब तक.
मैं- अभी तो 1 बजा है चाचा तो सुबह 6 बजे आयेंगे.
चाची- हां तब तक तुम मेरे को ऐसे ही चोदो… बहुत मजा दिया है तुमने शिवम्… आई लव यू… रियली… आई लव यू… आज से तुम मेरी जान बन गये हो.
इतना कहकर अब चाची मेरे को लिप्स किस करनी शुरू कर डाली. और लगातार पिछले 10 मिनट से किस करते हुए मेरे लंड को हाथ में लेकर सहलाये जा रही थी. जिसकी वजह से मेरा लंड फिर से तनकर खड़ा हो गया. और इधर मैं भी कौनसा कम था. मैं भी एक हाथ से चाची की चूत पर ऊँगली सहला रहा था. जिसकी वजह से हम दोनों ही फिर से चुदाई के लिए तैयार होने लग गये.
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और अब चाची ने अपना कुरता भी उतार फेंका. और अपने दूध पिने को मेरे से अपील करने में लग गयी. तो मैंने भी एक हाथ से उनका वो 34 की साइज़ वाला दूध पकड़ा तथा एक दूध पर अपना मुंह टिका डाला और लगातार काटे जा रहा था. जिसकी वजह से चाची की भी आह…. आह….आह्ह्ह….. ऐसे ही करो मेरी जान बहुत मजा आ रहा है….. तुमने तो पूरी सर्दी उड़ा दी मेरी…. आई लव यू शिवम्.
इतना कहते-कहते अब चाची खुद से ही बेड पर एक हल्की सी रौशनी वाली लाइट जलाकर कुतिया बन गयी. और बोली- शिवम् तुम मेरे को पीछे से चोदो मेरे को पीछे से चुदवाने में मजा बहुत आता है. और प्लीज चोदते वक्त मेरी कमर को कसकर पकड़ना जिसकी वजह से तेरा लंड मेरी चूत की जड़ तक अहसास करके आये… प्लीज.
मैंने भी अब ममता चाची की बात मानते हुए उनके पीछे हो गया. और पहले तो उनके गोरे-गोरे कूल्हों को निहारता रहा. दोस्तों ममता चाची की गांड इतनी चिकनी है की बस जी कर रहा था देखता ही रहू. इसलिए मैं लगातार उनके कूल्हों पर अपने लंड की टोपी को फेर रहा था. और मेरा लंड उनके कूल्हों की चिकनाहट से ही फिसलता चला जा रहा था.
इसके बाद दोस्तों अब चाची बोली – अब चोदो यार शिवम्, मेरे से रहा नही जा रहा है. तो मैंने भी इसके बाद चाची की बात मानते हुए पीछे से उनकी चूत में अपना लंड डाल दिया. और अब उनकी पतली सी कमर को जोर से पकड़कर पीछे से लगातार धक्के पर धक्के दिए जा रहा था. जिसकी वजह से चाची भी लगातार आह… आह्हह… अहहह्हा…. आह्हह… अहहहा… करके चुदाई का भरपूर मजा लिए जा रही थी.
और अब करीब आधे घंटे से हम सिर्फ इसी पोजीशन में चुदाई कर रहे थे. यहाँ तक की ये सर्दी के दिन थे लेकिन हमारी सर्दी तो चुदाई के दौरान उड़े जा रही थी. तो दोस्तों अब मैं आपको बताऊ आधे घंटे की चुदाई में ही चाची करीब 3 बार अपनी चूत (chachi ki chut) के पानी को झाड़ चुकी थी. और उनकी जांघ से लगकर सीधा बेड पर पानी आते जा रहा था.
इस दौरान मैं अब समझ चूका था की चाची अब निढाल हो चुकी है तथा आज उसे वो मजा मिल चूका है जो वो आजतक नही पाई थी. इसलिए फिर मैंने भी अपने लंड के माल को चाची की चूत में ही झाड़ दिया. और फिर से हम लेटकर बातें करने में लग गये. तो चाची ने बोला की, अब मैं उसकी चुदाई हमेशा करूँगा.
तो मैं भी कहाँ अब ना करने वाला था. मैंने भी चाची से हामी भर दी. क्योंकि मेरे को भी ममता चाची को चोदने में इतना मजा आया था की अब उसकी चूत को भुला पाना मेरे लिए भी नामुमकिन सा था. इसलिए दोस्तों अब तक मैं पीछले 3 महीने से ममता चाची को लगातार चोद रहा हूँ. और मुकेश चाची अब दुसरे राज्य में कमाने के लिए गये हुए है. इसलिए मेरे तो मजे ही मजे हो रखे है.
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