Muslim Sex Kahani – लंड की प्यासी रेशमा चाची ने शौहर के सामने चुदवाया
आदाब सभी को, आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiKahaniyan.com के Muslim Sex Stories के नए एपिसोड में. पेश है आपके सामने एक बार फिर से शाहरुख़ जी द्वारा भेजी गयी Muslim Sex Kahani लेकर. दोस्तों यह Muslim chudai kahani मेरी पड़ोस में रहने वाली रेशमा चाची के संग की है जिनको मैंने चोदकर ऐसा मजा दिया है की वो आज के समय मेरी गर्लफ्रेंड है.
दरअसल दोस्तों हम लोग पाकिस्तान के लाहौर में एक छोटे से कस्बे में रहते है. जहाँ हम सब पड़ोसी एक दुसरे के घर पर आते जाते है. और एक दुसरे के दुःख दर्द को समझते है. अब दोस्तों आपको तो पता ही है जवान लड़कों की नियत कैसी होती है?
आज के दौर में कोई खुबसुरत सी बला बस दिखनी चाहिए लड़के लाइन मारना शुरू कर डालते है. लेकिन दोस्तों मेरी इस कहानी में ट्विस्ट कुछ अलग ही लेवल का है. क्योंकि मैं तो ठहरा एक जवान लड़का 21 बरस का और मेरे सामने जो रेशमा चाची रहती है वो 30 बरस की है. तथा उनके शौहर मुस्ताक खां अभी 45+ हो चुके है.
ऐसा समझों की अब उनसे रेशमा चाची की प्यास नही बुझ पाती है. और दोस्तों वैसे तो मैंने हमेशा अपने मन में रेशमा चाची के विचार लेकर मुठ मारता था लेकिन मुझे क्या पता था की रेशमा चाची एक दिन मेरे को खुद बुलवाकर चुदवा लेगी. दरअसल दोस्तों इस कपल को थ्रीसम फेंटेसी में कुछ ज्यादा ही इंटरेस्ट था. और अपनी इच्छा अब कब तक छुपाये.
इसलिए दोस्तों एक दिन मुस्ताक चाचू मेरे से मजाक-मजाक में अपनी बेगम के बारें में सेक्सी बातें बतलाने में लग गये. और दोस्तों मेरे को उनकी वो बातें इतनी पसंद आई की मैं अब उनसे खोद-खोद कर रेशमा चाची के बारें में पूछने लग गया. तब मुस्ताक चाचू बोले – शाहरुख़ अब मेरे से तेरी चाची की चुदाई नही हो पाती है. और वह हमेशा कोई जवान लड़का चुदवाने के लिए ढूंढती है. इसलिए अगर तू मेरी मदद कर दे तो अल्लाह तेरा भला करेगा.
मैंने कहा- मैं कैसे आपका भला कर सकता हूँ.
चाचू- अगर तू तेरी रेशमा चाची की चुदाई कर दे तो मैं तेरे को उसकी चुदाई के बदले पैसे भी दे दूंगा.
मैं बोला- अरे नही…नही…चाचू कैसी बातें कर रहे हो. वो मेरी चाची है ऐसा भी हो सकता है क्या?
चाचू- धीरे बोलो कोई सुन लेगा, प्लीज समझो मेरी बात को और चलो मेरे घर अपनी बात एकदम सीक्रेट रहेगी.
इतना सुनने के बाद अब दोस्तों लड्डू तो मेरे मन में फुट गये थे. लेकिन आपको तो पता ही है थोड़ी नौटंकी भी करनी जरूरी होती है. वरना कोई वार उल्टा भी पड़ सकता है. अब मैं दबे पाँव से रेशमा चाची के घर चला गया. और अब हम उनके घर पर सोफे पर बैठे-बैठे चाय पिने में लग गये. तभी रेशमा चाची मेरे को देखकर स्माइल देनी शुरू कर दी.
अब दोस्तों उनकी स्माइल इतनी प्यारी लग रही थी मेरे को की जी कर रहा था अभी इसकी चूत को मार लू. क्योंकि चाचू को रेशमा चाची ने ही मेरे पास भेजा था. इसलिए चाचा-चाची की पहले से सेटिंग थी. अब दोस्तों मैंने भी गलती नही की और रेशमा चाची को सामने से स्माइल देनी शुरू कर दी.
ये सब देखकर मुस्ताक चाचू बोले- अरे तुम लोग बस एक दुसरे को स्माइल ही दोगे क्या आज या फिर कुछ करोगे भी. बेगम तुमको तो पता है ना कितनी मुश्किल से शाहरुख़ को पकड़कर लाया हूँ. उल्टा इसको मैंने पैसे भी दूंगा तुम्हारी चुदाई करने के लिए. इसलिए तुम वक्त को जाया मत करो अब जाओ बेडरूम में.
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चाची- अच्छा पैसे की कहकर शाहरुख़ मेरे को चोदने के लिए आया है?
मैं- नही…. नही चाची ऐसी कोई बात नहीं है, चाचू तो ऐसे ही खामखा बोले जा रहे है.
चाची- चलो फिर शाहरुख़ बेडरूम में चलते है.
इतना कहकर दोस्तों हम तीनों बेडरूम में चले गये और आपको बताऊ इस दौरान शाम के 5 बज चुके थे और ये शाम की नमाज पढने के बाद का समय था. इसलिए अब सब नार्मल था. और हम तीनों एक साथ बेडरूम में चले आए थे.
इसी दौरान अब दोस्तों चाचू पास में पड़े एक सोफे पर बैठ गये. और बोले- चलो तुम लोग करो और मैं सिर्फ देखूंगा.
चाची- हाँ ये सही रहेगा. कम से कम आपको पता तो लगेगा चुदाई कैसे होती है. वरना आजतक बस अपना माल निकालकर राजी हो जाते हो.
इतना कहकर चाची ने मेरे को लिटा दिया और अब चाची मेरे ऊपर आकर मेरे को प्यार करने लग गयी. जैसे कोई माँ अपने बच्चे से खूब सारा प्यार करती हो ठीक वैसे ही मेरी रेशमा चाची मेरे से प्यार किये जा रही थी. कभी वो मेरे इस गाल पर पप्पी दे रही थी तो कभी उस गाल पर.
और दोस्तों इस दौरान उन्होंने एक इतर लगा रखा था जो मेरे को मदमस्त किये जा रहा था. मेरे को उनके इतर की खुशबु इतनी भा रही थी की चाची मेरे को और भी हसीन नजर आने लगी थी. तभी चाची ने अब गालों को छोड़कर मेरे लिप्स पर अपने लिप्स लगा डाले और अब वो मेरे को लिप्स किस किए जा रही थी. और करीब 10 मिनट तक एक ही अंदाज में मेरे साथ लिप्स किस किये जा रही थी.
मेरे को उनके रसीले होठ पीकर इतना मजा आ रहा था की मैं आपसे बयाँ नही कर सकता. इस दौरान दोस्तों अब मेरा लंड भी पजामे में पूरा 7 इंच का लम्बा हो चूका था. क्योंकि चाची ने मेरे साथ हरकतें ही ऐसी की थी की लंड को तो सख्त होना ही था. और अब चाची बोली- तू मेरे ऊपर आ जा और मेरे बूब्स से खेलो.
इतना सुनते ही मैंने चाची को लिटा दिया और अब मैं उनके ऊपर आकर कुरते के ऊपर से ही बूब्स को मसलने लगा था. रेशमा चाची के बूब्स इतने मुलायम थे की जी कर रहा था अब तो बस दबाये जाऊ… और वो मेरी इस हरकत से आह… शाहरुख़…. आहाहहहः….. आहाहहः…. अह्हहहः…… मेरी जान…… आह्हहाह…. किये जा रही थी.
अब उनकी ये चुदाई वाली भूख जैसी आवाज सुनकर दोस्तों मेरे से भी रहा नही जा रहा था. इसलिए अब मैंने रेशमा चाची को बिठाया और उनका कुरता खोल डाला तथा साथ में उनकी ब्लैक कलर की ब्रा भी उतार फेंकी. अब मेरे सामने उनके वो तने हुए बूब्स ही नजर आ रहे थे. और दोस्तों उनके बूब्स की साइज़ थी पूरी 38 की मोटे-मोटे एक दम गोल मटोल.
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अगर आप भी देख लो तो रेशमा चाची के बूब्स को मसले बिना नही रह पाओगे. इसलिए दोस्तों अब मैंने भी चाची के बूब्स को जोर-जोर से मसलना शुरू कर दिया. और वो साथ में आह… आह…आह्ह…..आआआ………ऊऊऊ………ईईईईई………..आह्हह्हहहा…. करती रही. तथा सामने बैठे मेरे मुस्ताक चाचा ये सब देखकर एकदम मुस्कुरा रहे थे.
लेकिन दोस्तों अब मेरे को मुस्ताक चाचा की बिलकुल भी शर्म नही आ रही थी. और अब रेशमा चाची ने जोश में आकर खुद ही अपने सलवार का नाड़ा खोल डाला और थोड़ा सा निचे सरका डाला. अब दोस्तों मेरे को रेशमा चाची के वो गोरे-गोरे कुल्हे दिखे जिन्हें देखने के लिए मैं काफी दिनों से बैचेन था. इस दिन मानों मेरे को जन्नत जैसा अहसास हो रहा था.
क्योंकि जिस चाची को मैं याद करके मूठ मारता था वहीँ चाची आज मेरे सामने नंगी हो रही थी. अब दोस्तों मैंने अब उनसे बिना कुछ बोले ही उनका सलवार और निचे सरका दिया. तथा अब रेशमा चाची केवल लाल रंग की पेंटी में ही नजर आ रही थी. और उनकी चूत के सामने पानी भी निकल रहा था. मुझे लगा की रेशमा चाची का पेशाब निकल गया होगा.
लेकिन दोस्तों जब मैंने उनकी चूत के सामने हाथ लगाया तो मेरे को कुछ चिपचिपा जैसा फील हुआ. तभी मैं समझ गया की अब चाची चुदने के लिए तैयार है. लेकिन मैं कहाँ चाची को इतनी जल्दी चोदने वाला था. मैंने अब चाची की पेंटी को हटाया और अब उनकी गुलाबी चूत के दर्शन कर डाले. आये हाय…. रेशमा चाची की चूत ऐसी दिख रही थी मानों की वो खुद मेरे लंड को अपने पास बुला रही हो.
उनकी चूत देखकर मैं बोला- चाची मेरे को आपकी चूत को चाटना है.
चाची- हाँ तो चाटो मना किसने किया है…. प्लीज जल्दी आओ मेरी जान..
इतना सुनते ही दोस्तों मैंने अपना मुह चाची की चूत पर टिका दिया. वाह क्या खुश्बू थी और फिर में चाची की चूत को ऊपर से ही चाटने लगा तो वो मदहोश होने लगी और जांघो को मेरे सर पर दबाने लगी और वो मोन कर रही थी….. आहाहह्हा…अहहहहः….आआआआआअ………ऊऊऊऊउ………..ईईईईइ..
उनकी ये तड़प देखकर मेरा और आत्मविश्वास बढ़ता चला गया और मैं लगातार उनकी चूत को चाटे जा रहा था. इतना सब होता देख चाची की चूत में से काफी पानी बहने लग गया था. और वो काफी पागल होकर बोली- मेरे राजा देर ना करो.. डालो अपनी रानी की चूत में अपना लंड और बना दो अपनी चाची की चूत का भोसड़ा.. कर लो आज मज़ा अपनी चाची की चूत के साथ.. ज़ोर जोर से चोदो मुझे आज से यह चूत तुम्हारे लंड की गुलाम है और तुम्हारा लंड बस मेरे ही चूत में जाना चाहिए.
मैं- हाँ चाची मेरा लंड तुम्हारा है.. चूसो इसे.
चाची- हाँ मेरे राजा इसका मज़ा मुझे भी लेने दो.
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तभी चाची की यह बात सुनकर मेरा लंड और खड़ा हो गया.. तो मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उनके हाथ में दे दिया. तो वो कहने लगी कि आह मेरे राजा का लंड बहुत मस्त है मुझे चूसने दो इसे.
इतना कहकर रेशमा चाची मेरे लंड को लगातार कुल्फी की तरह चूमने में लग गयी. और अब मेरा लंड भी मानों 5 मिनट चुसवाने के बाद चूत की डिमांड करने में लग गया. इसलिए मैंने अपने लंड को चाची के मुंह से निकाला और अब मैं उनको सुलाकर उनके सामने आ गया. तथा मैंने उसकी चूत की गुलाबी पंखुड़िया खोली और अपने लंड को उनकी चूत पर फिस्लाने में लग गया.
मेरे लंड की टोपी को अपनी चूत पर महसूस करके चाची की आह…. निकल पड़ी. और वो फिर से उसी अंदाज में तड़पने में लग गयी. तथा बोली- आज सिर्फ ये सब ही करेगा या अपने लंड को अंदर भी जाने देगा?
इतना सुनते ही दोस्तों अब मैंने ज्यादा वक्त जाया नही किया और तुरंत चाची की चूत के छेद पर अपना लंड सेट कर डाला और एक जोर का झटका मारा. और मेरा लंड चाची की चूत को चीरता हुआ गहराई तक पहुँच गया…. लंड अंदर जाते ही चाची- उउफफफ्फ़ मर गयी प्लीज़ धीरे डालो.
लेकिन में नहीं माना और ज़ोर ज़ोर से धक्के देता रहा और थोड़ी देर बाद सब ठीक हो गया और मेरा लंड उसकी चूत में आसानी से अंदर बाहर हो रहा था. इसी दौरान वो भी अपनी गांड उछाल उछालकर साथ दे रही थी और फिर मैंने उसे डॉगी स्टाईल में चोदना शुरू किया और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मेरा वीर्य निकलने वाला था तो मैंने उससे कहा कि कहा गिराऊँ?
चाची बोली- मेरे राजा अपना वीर्य मेरी चूत में डालकर इस चूत की प्यास बुझा दो.. कितने दिन से प्यासी है यह और तेरे चाचा ने मुझे पिछले एक साल से छुआ तक नहीं है ऊओह माँ मर गयी और ज़ोर से चोद मुझे हाँ और ज़ोर से और चोदो मुझे आहहाा मज़ा आ रहा है. इतना कहकर दोस्तों मैंने जोर लगाकर अपने लंड का माल चाची की चूत में ही छोड़ दिया.
और पास बैठे चाचा अब सबकुछ देखे जा रहे थे. अब दोस्तों मैं इस राउंड के दौरान करीब 1 घंटे तक चाची की चुदाई करने के बाद काफी थक गया. और फिर मेरे पास अम्मीजान का कॉल आ गया. इसलिए मैं बोला- चाची अम्मीजान बुला रही है इसलिए जाना पड़ेगा.
चाची- चले तो जाओ लेकिन वापस लौटकर जरूर आना.
मैं- जरूर चाची, इतना कहकर मैंने अपने कपड़े पहने और घर चला गया. तथा फिर से रात को चाचा का कॉल आता है तेरे को तेरी चाची याद कर रही है. प्लीज घर आ जा.
इसलिए दोस्तों मैं घरवालों से छुपकर फिर से चाची के घर पर चला गया और उनको पूरी रात बारी-बारी से चूत चुदाई का मजा देता रहा. मेरे से चुदकर चाची मानों की मेरे लंड की दीवानी हो गयी थी. इसलिए अब वो मेरे को 2 साल से चुदवाने के लिए हर रोज याद करती है. और दोस्तों मैं भी उनकी गुलाबी चूत का इतना दीवाना हूँ की मेरे से भी उन्हें चोदे बिना नही रहा जाता है. तथा सबसे बड़ी बात तो ये है की मुस्ताक चाचू को इससे कोई आपति नही है. इसलिए हमारा ये चुदाई का सिलसिला लगातार 2 बरसों से चला आ रहा है.
ये Muslim sex story आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Muslim chudai kahani बहुत पसंद आई होगी. अगर आपको मेरी Gandi Kahaniyan पसंद आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. हम आपके लिए ऐसे ही मजेदार कहानियां लेकर आते रहेंगे.