Khet Mein Chudai – बाजरे के खेत में जमकर चुदी अनीता चाची
हेल्लो प्यारे मित्रों, आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiKahaniyan.com के Khet me chudai sex stories के नए एपिसोड में. आज हम आपके लिए लेकर आये है नवीन जी द्वारा भेजी गयी Khet Mein Chudai की कहानी. मित्रों ये Khet Ki Chudai कहानी मेरी सगी चाची अनीता के साथ की है जिसको मेने पिछले दिनों बाजरे के खेत में अपने लंड का मजा चखाया है.
अनीता चाची के बारें में आपको बताऊ तो दोस्तों वह अभी एक जवान लड़की है. तथा उसकी उम्र अभी 30 बरस के आसपास है लेकिन मेरे चाचा है जो विदेश में रहते है. इसलिए अब आप ही बताओ इस जवानी को वो बिना लंड के कैसे गुजारे?
शायद इसलिए उन्होंने चुदने के लिए मुझे चुना. और दोस्तों जब से मैंने उनकी चूत के दर्शन किये है मानों की मेरे दिमाग से अब उनकी चूत निकल ही नही पा रही है. इतनी रसीली चूत है मेरी अनीता चाची की. खैर दोस्तों मैं आपको अपने बारें में बताऊ तो मैं अभी एक 18 बरस का नौजवान लड़का हूँ. और अभी मैं अपनी कॉलेज की पढाई कर रहा हूँ.
और मेरे परिवार के बारें में बताऊ तो हम हरियाणा के झज्जर में एक छोटे से गाँव में रहते है. जहाँ हमारे घर का पेशा केवल खेती से सम्बन्धित कार्य ही है. और इसी से हमारा गुजारा चल जाता है. हमारे परिवार में मेरे पिताजी लोग 3 भाई है जिनमे से मेरे पिताजी सबसे बड़े है तथा उनसे छोटे भाई गोपाल चाचा की बीवी ही अनीता चाची है जिसने मेरे को चुदाई करना सिखाया है.
दरअसल दोस्तों गोपाल चाचा शुरू से ही विदेश में रहते है. और वहां पर वह एक मिस्त्री का काम करते है. तथा वह साल में कोई एक आध बार घर पर आते है. एवं घर जब आते है तो वो वापस 10-20 दिन रहकर चले जाते है. हालाँकि इनकी शादी अनीता चाची से अभी पांच बरस पहले ही हुई थी. और दोस्तों अनीता चाची को क्या पता था की एक बार उसे लंड की लत लग जाने के बाद बिना लंड के भी नही रहा जाएगा.
इसलिए दोस्तों एक दिन की बात है जब अनीता चाची खेत में गयी हुई थी और मैं भी रविवार का दिन था इसलिए खेत में चला गया. और वहां पर मैं भी ककड़ी वगेरह खाने में लग गया. इसी दौरान आपको बताऊ मेरी और अनीता चाची की बहुत बातें होती थी. क्योंकि वो दिन भर मेरे से बातें करती रहती थी. और जब मैं खेत में आया तो मेरी मम्मी ने मेरे को कह कर भेजा था की मैं अनीता चाची को घास की भरोटी मंगवा कर लाऊ.
इसलिए दोस्तों मैं अब अनीता चाची के साथ गप्पे लगाने में लग गया. इस दौरान चाची घास खोद रही थी और फिर मेरे से सामान्य बातें कर रही थी. तभी दोस्तों अनीता चाची को पता नही क्या सुझा की उन्होंने मेरे सामने ही थोड़ी दूर जाकर अपना सलवार खोलकर पेशाब करना शुरू कर दिया.
और जैसे ही मैंने दोस्तों उनके पीछे से गोरे-गोरे कुल्हे देखे तो मेरे तो मानों होश उड़ गये. यहाँ तक की मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया. मुझे ऐसा फील हुआ की अभी पीछे से जाकर अनीता चाची की चूत में अपना लंड घुसा दू. क्योंकि उसने मेरे सामने हरकत ही ऐसी की थी.
इसके बाद करीब 2 मिनट तक वो वैसे की वैसी ही बैठी रही और फिर धीरे-धीरे मुझे अपने कुल्हे दिखाते हुए खड़ी होकर अपना सलवार पहन ली. तथा दोस्तों आपको बताऊ इस दौरान हम खेत के एकदम बीच में थे जहाँ चारों ओर केवल बाजरा था. इसके अलावा वहां पर कोई इन्सान आना तो दूर की बात है परिंदा भी नही था.
क्योंकि ये शाम के 5 बजे का समय था और इस दौरान पक्षी भी अपने अपने घरों में घुसने में लग जाते है. इसलिए दोस्तों जब से मैंने उनकी वो गांड तो मेरे से अब रहा नही जा रहा था. तो अब चाची फिर से घास खोदने में लग गयी. और मैं बाजरे में थोड़ी दूर जाकर चाची की गांड को याद करके अपना लंड हिलाने में लग गया. आपको बताऊ दोस्तों मैं पिछले 2 बरसों से लंड को हिला रहा हूँ.
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इसलिए दोस्तों मुझे ऐसा लगा की इधर केवल मैं ही हूँ चाची नही है. लेकिन मेरी अनीता चाची तो मानों चुदाई की खिलाड़ी थी. क्योंकि उसे पता था की मैं उसकी गांड देखकर कुछ न कुछ हरकत तो जरूर करूँगा. इसलिए वो चुपके से मेरे को मूठ मारता हुआ देख रही थी. और फिर मैंने अपना लंड झाड़कर पीछे देखा तो अनीता चाची मुस्कुराते हुए मेरे को देखे जा रही थी.
तभी दोस्तों मैं एकदम से हक्का बक्का रह गया. क्योंकि में इस दौरान डर सा गया था की चाची अब किसी को बोल न दे की मैं बाजरे में मूठ मार रहा था. इसलिए मैंने चाची से कहा- सॉरी चाची, प्लीज आप किसी को बता मत देना वरना मेरे को बहुत पिटाई पड़ेगी.
चाची बोली- अरे अरे नवीन तुम डरो मत प्लीज….. मैं किसी ने कुछ भी नही बताउंगी. तुम ये बताओ कब से मूठ मार रहे हो?
मैं- आप किसी को बताओगी तो नही ना? पहले आप मेरी कसम खाओ.
चाची- तेरी कसम बताओ तो अब.
मैं- पिछले दो साल से मार रहा हूँ.
चाची- अच्छा तो मूठ मारते समय किसे याद करते हो?
मैं- सच बताऊ?
चाची- हाँ बताओ यार इसमें क्या डरने वाली बात है तुम कुछ भी खुलकर मेरे साथ शेयर कर सकते हो?
मैं- ज्यादातर मैं आप ही को याद करके मूठ मारता हूँ. लेकिन चाची जब से मैंने आपको पीछे से गांड के दर्शन किये है तब से मेने अपना कण्ट्रोल खो दिया और अब मेरे को मूठ मारना पड़ा.
चाची- अच्छा, तुम मेरी चुदाई के बारें में भी सोच लेते हो.
मैं- हाँ, प्लीज आप किसी को घर पर मत बता देना वरना बखेड़ा खड़ा हो जाएगा.
चाची- किसी को नही बताउंगी…. तू चिंता मत कर मेरी जान.
मैं- जान?
चाची- हाँ, जब से मैंने तेरे इस लंड को देखा है तब से मैं इसकी दीवानी हो चली हूँ. अब से तुम मेरी जान हो और ये बात ध्यान रखना की किसी को पता न चले घर पर.
मैं- ओके चाची, अब चलें घर पर?
चाची- अभी कहाँ, अभी इस लंड को मजा भी तो देना है इसे देखकर मेरी चूत में भी खुजली मच गयी है. तू एक काम कर निचे बैठ जा और अपनी पेंट उतार.
इतना सुनते ही दोस्तों मैंने अपनी पेंट उतारकर अपना लंड चाची के सामने ला दिया. और चाची मेरे को खेत में लेटा कर आराम से लंड की टोपी को चूसने में लग गयी. मेरे को ऐसा लग रहा था की मैं कोई सपना देख रहा हूँ. क्योंकि दोस्तों जिसको चोदने के मैं सपने लेता था वो आज मेरे से चुदने के लिए खुद मेरा लंड चूस रही है…. आई कांट बिलीव..
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करीब 5 मिनट तक मेरे झड़े हुए लंड को चूसकर मेरी चाची ने फिर से खड़ा कर दिया. और अब मेरा लंड पूरा 6 इंच का लम्बा हो चला था. मेरे लंड को देखकर चाची बोली- इतनी सी उम्र में इतना बड़ा लंड कैसे कर लिया?
मैं- बस आपकी दुआ है.
चाची बोली- मेरी दुआ कैसे?
मैं- आपको याद कर-करके हो रखा है इतना बड़ा.
इतना सुनते ही चाची हंसने लग गयी और बोली- कभी तुमने असल में चूत देखी है?
मैं- नही चाची.
चाची- कोई बात नही मेरी जान मैं दिखाउंगी तुमको अपनी चूत. तुम भी क्या याद रखोगे. लेकिन तुम मेरे को चाची मत बोलो बहुत बुरा लग रहा है.
मैं- फिर क्या बोलू?
चाची- तुम मेरे को जान कह सकते हो.
मैं- जान तो आप गोपाल चाचा की हो ना.
चाची- नही आज से मैं सिर्फ तुम्हारे इस लंड की जान हूँ. क्योंकि तेरे गोपाल चाचा ने मेरे को बहुत तडपाया है और तेरे को सच बताऊ तो तेरे लंड के मुकाबले उसका लंड कुछ भी नही लगता है. इत्तू सा तो लंड है उसका.
इतना कहकर अनीता चाची अब खुद जमीन पर लेट गयी. तथा निचे इस दौरान अपनी चुन्नी बिछा रखी थी ताकि चुदते समय उसको मिटटी न लगे. क्योंकि चाची चुदने के लिए पहले से प्लान कर रखी थी इसलिए तो उन्होंने मेरे सामने पेशाब वाला नाटक किया था.
अब वह लेटकर अपने सलवार का नाड़ा खोलने में लग गयी. और थोड़ा निचे सरका दिया…. और जैसे ही मैंने उनकी पेंटी के दर्शन किये सामने से तो मेरे से बिलकुल भी रहा नही जा रहा था. और अब मैं खुद से ही उनके सलवार को उतार फेंका साइड में. तथा अब वह केवल पेंटी में थी.
अब दोस्तों मेरा मन केवल उनकी चूत को देखने का था. लेकिन अब मैं पागल हुआ जा रहा था क्योंकि मेरे सामने उनकी वो गोरी-गोरी जांघे जो नजर आने लगी थी. इसलिए अब मैं उनकी जांघों पर किस किए जा रहा था. और साथ मैं अपने हाथों से चाची के गोरे बदन को सहला रहा था.
इसी दौरान अब मैं चाची की पेंटी की तरफ अपना मुह ले गया जहाँ मेरे को उनकी चूत की गजब की खुशबु सूंघने को मिली. और जैसे ही मैंने उनकी चूत की खुशबु को सुंघा मैं एकदम में मदमस्त हो चल दिया. और अब धीरे-धीरे करके अनीता चाची की चड्डी को उनके बदन से आजाद कर दिया. अब मेरे सामने उनकी एकदम चिकनी चूत थी.
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मतलब आपको बताऊ चाची की चूत पर एक भी बाल नही था. और दोस्तों उनकी चूत की लकीर में से हल्का-हल्का पानी भी आ रहा था. तो अब मैंने चाची को बिना कुछ कहे ही उनकी चूत को चौड़ा किया और अपनी जीभ टिका दी. क्योंकि मैंने आजतक चुदाई ही नही की थी बाकी ब्लू फिल्मे बहुत देखी थी. इसलिए मेरे को भली भांति सब पता था की क्या करने से क्या होता है.
और जैसे ही मैंने चाची की चूत पर जीभ रखी. चाची एकदम से मचल उठी. और अब वो आह….. नवीन….. आह…. मेरी जान जोर से चाटो…. आह…. बहुत मजा आ रहा है…. उनकी ये आवाज मेरे को इतनी भा रही थी की मैं लगातार अब पागल होकर उनकी चूत के पानी को पी रहा था. और वो सिसकारियां लेती जा रही थी.
इस दौरान मानों चाची ऐसी आवाजें ले रही थी जैसे किसी मर्द ने पहली बार उनकी चूत को चाटा हो. इसलिए वो अब मेरे सर को पकड़कर अपनी चूत में लगाने में लग गयी. और वह मजा आया … आहाहाह… आहाहहः…. नवीन….. प्लीज…..ऐसे ही करो…. बहुत मजा आ रहा है.
तभी दोस्तों ये सब करते-करते मेरे को करीब 5 मिनट हो चले थे और अनीता चाची की चूत में से रसीला पदार्थ निकले ही जा रहा था. तो मैंने पूछा- चाची कितने दिन हो गये चुदे हुए?
चाची- करीब 5 महीने से प्यासी हूँ. जब से तेरे चाचा मेरे को अकेला छोड़कर गये है तब से मेरी चूत प्यासी है.
इतना सुनते ही दोस्तों अब मैंने अपने लंड को उनकी चूत के सामने ला दिया. और फिर चाची की चूत के सामने अपने लंड के टोपे को मसलना शुरू कर दिया. और जैसे ही मैंने अपने लंड के टोपे को चाची की चूत पर टच किया. फिर से चाची की आह…आह…ऊऊ…ईई…. निकलने लग गयी. तथा इस दौरान उनकी चूत इतनी गीली हो रखी थी की अब मेरा लंड भी फिसल रहा था.
तभी दोस्तों चाची ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और अपनी चूत पर सेट करके बोली- अब प्लीज कुछ भी मत करो इस लंड को जाने दो मेरी चूत की गहराई में मेरे से बिल्कुल भी नही रहा जा रहा है… प्लीज नवीन….प्लीज.
मैं बोला- मैं तो खुद चाची कब से आपको चोदने के लिए उतावला हो रखा हूँ.
चाची- हाँ तो फिर देर किस बात की है, जाने दो लंड को मेरी चूत में.
इतना सुनते ही मैंने चाची की चूत में अपने लंड का धक्का दे मारा और जैसे ही मेरा लंड अनीता चाची की चूत में घुसा चाची एकदम से चिल्लाई- आए…. मर…गयी….नवीन….धीरे…. डाल…. पागल.
लेकिन दोस्तों जब से मैंने लंड डाल तब मेरे लंड को उनकी चूत का ऐसा स्वाद मिला की अब मैं उनकी एक भी बात नही सुन पाया और अब खुद से ही बिना बोले चाची की चूत में आगे-पीछे करता रहा.. और अब करीब 2 मिनट तक चिल्लाने के बाद चाची खुद ब खुद शांत हो गयी. और वह मेरे लंड को अंदर तक लेने के लिए मेरे से अनुरोध करने में लग गयी.
चाची इस दौरान बोल रही थी…. मजा आ रहा है… मेरी जान….. काश तू मेरा पति होता…. और ये लंड फिर मेरा होता…. ओह्ह्ह्हह….. सीसीसिसिसिस…… ऐसे ही चोद मेरे को बहुत मजा आ रहा है.
चाची की ये मादक आवाज मेरे को पागल किए जा रही थी इसलिए दोस्तों अब मैंने अपनी स्पीड को दोगुना कर डाला और साथ मैं इस दौरान मैं चाची को बहुत से किस भी कर रहा था. क्योंकि मेरे को उनके होठ पिने में बहुत मजा आ रहा था. इसलिए अब किस करते हुए चुदाई का मजा डबल हो चला था.
तथा चुदाई का 15 मिनट होते ही अब मेरा लंड झड़ने के लिए चला था. तो मैंने बोला- चाची मेरा लंड झड़ने वाला है क्या करू?
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चाची- झाड़ दे मेरी चूत में ही बुझा दे इस चूत की प्यास अपने लंड को मेरी चूत की गहराई में ले जाकर.
इतना सुनते ही दोस्तों अब मैंने अपने झटकों की स्पीड और तेज कर डाली और अब चाची की जाँघों को पकड़कर मैं जोर से आह… आह्ह…. मेरी जान….आह…आहाहाह… करते हुए अपने लंड का पानी चूत में ही निकाल फेंका और करीब 5 मिनट तक चाची के ऊपर ही लेटा रहा.
अब तक दोस्तों हमको चुदाई का मजा लेते हुए करीब 1.30 घंटा हो चला था. तथा इस दौरान शाम के 7 बज चुके थे. इसलिए वहीँ पर मेरा मन तो एक बार फिर चाची को चोदने का था. लेकिन वक्त की नजाकत को देखते हुए अब मैंने अपने आप पर कण्ट्रोल किया और चाची को एक किस करके बोला- चाची अब हम घर पर चलकर आराम से करेंगे रात को.
चाची- हाँ लेकिन जरूर, कहीं तू मेरे को विश्वास में ही रख दे.
मैं- ऐसी रसीली चूत देखने के बाद आपको लगता है क्या मैं इसे फिर से चोदे बिना रह पाउँगा?
चाची- हाँ लेकिन याद रखना….. आई लव यू नवीन.
मैं- आई लव यू मेरी चाची जान.
इतना कहकर हम दोनों ने कपड़े पहने तथा घर की तरफ चलने लग गये. और अब हम दोनों ही रास्ते में आगे की चुदाई का प्लान बनाने में लग गये. तथा आपको बताऊ दोस्तों अब करीब 3 महीने हो गये है मेरी अनीता चाची को चुदाई का पूरा मजा देता हूँ. इससे मेरी अनीता चाची भी खुश है तथा मैं भी खुश हूँ. फिर कभी आपको आगे की चुदाई के बारें में बताऊंगा.
ये Khet me chudai कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Desi chudai khet mein बहुत पसंद आई होगी. अगर आपको मेरी Gandi Kahaniyan पसंद आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. हम आपके लिए ऐसे ही मजेदार कहानियां लेकर आते रहेंगे.