Bhanje Ne Mami Ko Choda – नया मकान दिखाने के बहाने चुदवाने लगी मामीजी
हेल्लो & नमस्कार सभी प्यारे पाठकों को, दोस्तों ये चुदाई भी क्या कमाल की चीज होती है, जब खुद पर गुजरती है तो ढंग से पता लग पाता है. क्योंकि जब चुदाई की आग लग जाती है तो रिश्ते-नाते सब भूल भुलाकर पहले इसे ही बुझाया जाता है. और ठीक ऐसा ही मेरे साथ मेरी इस Bhanje Ne Mami Ko Choda कहानी में हुआ है.
जहाँ मैंने अपनी सुंदर और प्यारी सी रेखा मामी को चुदाई का मजा चखाया है. मेरी इस Mami ki chudai story में मेरी रेखा मामी मेरे को बहाने से बुलाकर चुदवाने लगी थी. और ये वाक्या अभी पिछले ही दिनों का है. फ़िलहाल दोस्तों मैं एक जवान और दिखने में काफी हेंडसम टाइप का लड़का हूँ. तथा मैंने अपने शरीर को मेंटेन रखने के लिए जिम भी ज्वाइन किया हुआ है.
और इसलिए मेरी रेखा मामी मेरे पर मरने लगी है. हालाँकि मेरी रेखा मामी भी कम नही है लेकिन दोस्तों वो ही बात है की वो आज तक मेरे कालू मामा से कभी भी संतुष्ट नही हो पाई. क्योंकि कालू मामा मजदूरी का काम करते है. इसलिए पुरे दिन थके हारे हुए घर पर आते है. अब आप ही बताओ बीवी को सम्भाले या फिर नींद को?
और इसी से दुखी होकर रेखा मामी ने मेरे से चुदवाना शुरू कर दिया है. दरअसल हुआ यूँ की दोस्तों मैं भी मामा के घर पर शहर में गया हुआ था. जहाँ मामा ने नया मकान बनवाया था. और फिर मैं उसी को देखने में जुट गया. इसी बीच अब मेरी रेखा मामी भी साथ में मेरे को मकान के बारें में बता रही थी. और बताते-बताते वो मेरे को बेडरूम में ले गयी.
जहाँ पर वह बारी-बारी घोड़ी बनकर मेरे को अपनी नागिन जैसी गांड दिखाने लगी. और साड़ी के ऊपर से उनकी गांड इतनी स्लिम नजर आ रही थी की मेरा जी कर था अभी मामी को पकड़कर चोद लू. लेकिन फिर डर भी था मेरे मन में की कहीं ये दाव उल्टा पड़ गया तो लेने के देने पड़ जाएंगे. इस बीच मैं और मामी बेडरूम में ही बातें करने लग गये.
और फिर मैंने नोटिस किया की रेखा मामी अब मेरे को देख देखकर काफी मुस्कुराकर बातें कर रही है. क्योंकि इस दौरान कालू मामा नही थे वो मजदूरी पर गये हुए थे. इसलिए घर में केवल मैं और रेखा मामी ही मौजूद थे. इसलिए मामी ने सही मौका देखते हुए मेरे साथ ये अपनी प्यार भरी हरकतें करनी शुरू कर दी. और फिर मेरे से भी रहा नही जा रहा था. इसलिए मैंने भी झूठ मूट का मुस्कुरा ही दिया.
अब दोस्तों यहीं से बैठे-बैठे प्यार का अगला सिलसिला शुरू हो चूका था. क्योंकि हमको बातें करते-करते करीब 30 मिनट होने को आए थे. और फिर मैंने बोला- मामी घर तो आपका बहुत अच्छा है. और घर में जब आप मौजूद हो तो और भी खिल रहा है.
मामी बोली- कैसे?
मैं- अगर आपके जितनी कोई सुंदर लड़की यहाँ पर निवास करती है तो घर खुद ब खुद खिलने लग जाता है.
मामी- पागल, मैं कहाँ पर सुंदर हूँ.
मैं- नही मामी आप बहुत सुंदर हो, आई लाइक यू…
मामी- अच्छा तुम मेरे को पसंद भी करते हो..?
मैं- हाँ, आपको बुरा लगा तो मेरा आई लाइक यू वापस दे दो.
मामी- नही ऐसी कोई बात नही है लेकिन मुझे यकीन नही हो रहा न की मैं तेरे को पसंद भी आई हूँ.
मैं- क्यूँ कितनी देर से आप मुस्कुरा-मुस्कुरा कर मेरे अंदर जो प्यार भरे जा रही थी. इसके बाद भी आपको यकीन नही है.
मामी- अच्छा, इसका मतलब तुम समझ गये हो मेरे इरादे?
मैं- पुरे 22 बरस का हो चूका हूँ, क्या सही क्या गलत है सब भली भांति समझ लेता हूँ.
मामी- ओह्ह्ह माय गॉड, इतने होशियार कब से हो गये तुम?
मैं- जब से आपको देखता हूँ होशियारी अपने आप दीमाग में भर जाती है.
मामी- तो फिर अब क्या करना है?
मैं- जो आपकी इच्छा हो, मैं आपके लिए सब कुछ करने को तैयार हूँ.
इतना सुनते ही मामी ने पहले तो मेरे को एक हल्की सी मुस्कान दी और फिर मेरे को खड़ा कर दिया. तथा खुद भी खड़ी होकर मेरे गाल पर एक प्यारी सी पप्पी दे डाली. तो मैंने भी रिप्लाई देते हुए मामी के गोरे से मुलायम से गाल पर एक पप्पी सामने से दे डाली.
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और अब ये ही Mami bhanje ki chudai कहानी की शुरुआत थी. क्योंकि अब हम दोनों ही खुल चुके थे. और अब हम वापस बैठ गये तथा अब मेरे को मामी मामा के किस्से बताने में लग गयी. और बता रही थी की, तेरे मामा किसी काम के नही है. इससे अच्छा तो मैं किसी और से शादी कर लेती. क्योंकि अब उनसे कुछ होता तो है नही. और बस शाम को घर पर आकर नींद लेने में लग जाते है.
इसलिए मनोज मैं बहुत तड़पती हूँ. प्लीज तुम मेरे साथ सेक्स करो क्योंकि मैं सेक्स के लिए बहुत दिनों से तड़प रही हूँ. और तुम मेरे को एक हट्टे-कट्टे नौजवान लगे इसलिए मैं तुमको ये बोल रही हूँ. ध्यान रखना मेरी बात किसी को बता मत देना.
मैं बोला- मेरी जान आपके जितनी हॉट लड़की ही सेक्स के लिए तडपेगी तो फिर हमारा क्या होगा? आप भी छोटी-छोटी बातों की परवाह करती रहती हो. इधर देखो मेरे पेंट के सामने मेरा हथियार कब से आपको चोदने के लिए बेताब हो रखा है.
इतना सुनते ही मामी ने मेरे पेंट की तरफ देखा तो पाया की मेरा लंड पेंट से बाहर आने के लिए तड़प रहा था. इसलिए मामी भी सब कुछ समझ गयी. और अब उनको भी जल्दी से चूत चुदवाने की चुल हो चुकी थी. तथा अब मामी आकर मेरी गोद में बैठ गयी. और मैंने पाया की इतनी स्लिम मामी का बोझ कुछ भी नही है. इसलिए वो अब अपनी गांड को मेरे लंड का फील दिलवा रही थी.
और इस रगड़ के कारण मेरे को भी खूब मजा आने लगा था. अब हम दोनों लिप्स किस करने में जुट गये. और एक दुसरे को किस करते-करते खोने में लग गये. हमको पता भी नही चला की कब 10 मिनट हो गये हमको किस करते-करते. दोनों के दोनों एक दुसरे के होठों का रस पिने में व्यस्त होने लग रहे थे. तभी अब मामी ने मेरे एक हाथ को उठाया और अपने एक बूब पर रख दिया.
और मैंने महसूस किया की मामी का बूब 34 की साइज़ का था. जो की अब इस समय काफी तन चूका था. इसलिए अब मैंने ब्लाउज का हुक खोलना शुरू कर दिया. और फिर मामी की ब्रा में से उनके एक बूब को निकालकर मसलना शुरू कर दिया. और जैसे ही मैं मामी का बूब मसलने में लगा मामी की आआअह्ह…आआअ.आया……….आआआआआआअ…. मनोज…….आआआआआएईईईई करने में लग गयी.
क्योंकि मेरी हरकतों से रेखा मामी अब चुदाई के जोश में आ चुकी थी. तथा अब वो अपने दुसरे बूब को भी ब्रा में से निकालकर मेरे को हाथ में देने लगी और बोली- इसे भी प्लीज ऐसे ही दबाओ जैसे पहले वाले को दबा रहे थे.
मामी के मुंह से ये शब्द सुनकर अब मैं पागल हुआ जा रहा था. और सोच रहा था की आज तो भगवान ने मेरी भी सुन ली है. क्योंकि मैं आपको सच बताऊ तो घर पर हमेशा मामी को याद करके अपना लंड जरूर हिला लेता था. और आज देखो मेरा नसीब खुद रेखा मामी मेरी गोद में बैठी हुई थी. और चुदने का इंतजार किए जा रही थी.
इसलिए अब मैंने मामी के दोनों बूब्स को मसलना शुरू कर डाला. और अब वो गर्म-गर्म सिसकरिया लेने में लग गयी. और आआआआ…..ऊऊऊऊउ……..सीईइसिसिसिसिसीस्स…….सिसिसिस्सीसिसी….. करने में लग गयी. अब उनका ये रूप देखकर मेरे से भी कण्ट्रोल नही हो रहा था. इसलिए अब मैंने बोला- मामी लंड चुसना पसंद है क्या आपको?
मामी बोली- पंसद तो नही है, लेकिन तुम चुस्वाओगे तो जरूर चूस लुंगी.
और फिर मैंने अपनी पेंट से अपने लंड को आजाद कर दिया. और अपना 7 इंच का तना हुआ लंड मामी के मुंह के सामने ला दिया. जिसके बाद मामी ने बड़े प्यार से सहलाते हुए मेरे लंड को अपने मुंह में लेना शुरू कर दिया. और अब मेरे को इतना मजा आने लगा की मानों मैं कोई चूत ही चोद रहा हूँ. क्योंकि मामी पूरा 7 इंच का लंड अंदर तक लिए जा रही थी.
करीब 10 मिनट तक लंड चूसने के बाद मामी बोली- मेरे को ही चुस्वाओगे या खुद भी चूत को चूसोगे?
मैं बोला- जरूर मेरी मामी जान…. आप तो साड़ी उतारो.
इसके बाद मामी ने धीरे-धीरे करके अपनी साड़ी व पेटीकोट को उतारकर साइड में रख दिया. और अब वो केवल अपनी हरे रंग की पेंटी में ही मौजूद थी. और अब मेरे को उनका वो गोरा बदन मदहोश करने में लग गया. क्योंकि मैंने आज तक किसी लड़की को इस रूप में नही देखा था. और लंड तो मानों की खुद ही पानी छोड़ने में लग गया.
इसलिए अब मामी खुद से ही बेड पर लेट गयी. और अब मैं धीरे-धीरे उनकी टांगों पर किस करते हुए ऊपर की ओर बढ़ने लग गया. और मामी की आः…आहाहहः…अहहः…आहाहाहा….आहाहाह बढ़ने लग गयी. तथा मैंने नोटिस किया की मामी की चड्डी के किनारों से हल्के भूरे बाल निकले हुए थे. इसलिए अब मैंने मामी को चड्डी से आजाद कर दिया.
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और अब मेरे सामने उनकी दो लकीर वाली गुलाबी चूत थी. जिसे देखकर मैं तो पागल सा हो गया था. क्योंकि उसमे से इतनी गजब की खुशबु आ रही थी की जी कर रहा था अभी इस चूत को खा जाऊ. लेकिन फिर मैंने देखा की ये चूत बालों से ढकी हुई है.इसलिए पहले तो मैंने बालों को सही किया और चूत को अंदर से देखने में लग गया. फिर मामी से बोला- आप बाल क्यूँ नही काटती है?
मामी- किसके लिए काटू? तेरे मामा को तो इस चूत से कोई मतलब नही है. इसलिए अब से ध्यान रखूंगी.
इतना सुनते ही अब मैं अपनी मामी की चिकनी चूत की गुलाबी गुलाबी फांको को अपने मुह से चूसने लगा… चूत चाटने के कारण मेरी मामी अब काफी एक्साईटेड हो गयी थी और अपने भांजे से चुदने के लिए मचल रही थी. करीब 10 मिनट तक चूत चूसने के बाद अब मैंने अपना 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लंड अपनी मामी की चिकनी चूत में सेट किया.
और फिर एक शॉट मारा. मेरे पहले शॉट मारने के कारण ही लंड मामी की चिकनी चूत को चीरता हुआ आधा अंदर चला गया और दर्द के मारे मेरी मामी की चीखे निकल आयी. फिर मैंने लंड को पूरा बाहर निकाला और लम्बा शॉट मारा.मेरा 7 इंच लम्बा लंड अब पूरा का पूरा मेरी मामी की चिकनी चूत में जा चूका था… मैंने जोरदार शॉट लगाना शुरू कर दिया, मेरे लंड से चुदवाने चुदवाते मेरी मामी की आँखों से आंसू निकलने लगे.
मैं बोला- मामी आप रो क्यूँ रही हो?
मामी बोली- पागल ये ख़ुशी के आंसू है जो तेरा मामा आजतक नही निकाल पाया. तुम तो बिना कोई परवाह किये चालू रखो अपने मिशन को बहुत मजा आ रहा है…. काश ये लंड मैं पहले ही ले चुकी होती तो क्या मजा आता.
मैं थोड़ी देर की चुदाई के बाद अपना 7 इंच लम्बा लंड मामी की चिकनी चूत में धीरे धीरे लंड अंदर बाहर करने लगा.जिससे मामी को भी अब खूब मजा आने लगा था. फिर मेरी मामी बोलने लगी आह्ह्हह्ह्ह्ह उउउउउ……. आआआआआआ……..आआआआआआ……. मनोज मेरी जान आ प्लीज साथ में मेरे को किस भी कर बहुत दिनों से प्यासी हूँ. पि ले मेरे होठों का पानी.
इतना सुनते ही अब मैं मामी के दोनों जाँघों को कसकर पकड़ दिया और अब उनको किस करने में लग गया. इधर पीछे से मैं उनकी चूत को लगातार बजाये जा रहा था. तथा करीब 5 मिनट चुदने के बाद ही मामी की चूत पानी छोड़ने में लग गयी. और अब मामी आआ..अ.अ..आ..अ.अ.अ.अ.अ.अ.अ.अ.अ.अ.अ.अ.अ..अ.अ.अ.अ…..आया.अ.अ…अ… करके झड़ गयी. और निढाल होकर सो गयी.
लेकिन मैं कहाँ इतनी जल्दी झड़ने वाला था क्योंकि मेरे को तो मामी की चूत को तहस नहस करने का भुत तो संवार हो चूका था. इसलिए मैंने लगातार मामी को धक्के पर धक्के दिए जा रहा था. और वो आराम से लेटे-लेटे मुस्कुराते हुए लंड को अंदर तक लिए जा रही थी.
करीब अगले 10 मिनट बाद मैं भी झड़ने पर आ गया. और फिर मैंने मामी से बोला- मामी मेरा लंड का पानी निकलने वाला है?
मामी- इसे बाहर मत निकाल देना, वरना मारूंगी साले को, प्लीज इस पानी को इस चूत की गहराई में जाने दो…. बहुत मजा आ रहा है…मनोज…. आई लव यू….आहाहाहा…अहहः…अहहहः…अहहाह…. ऐसे कहकर मामी फिर से चुदने के जोश में आ गयी.
क्योंकि अब मैं फिर से अपनी स्पीड बढ़ा चूका था. इसलिए मामी को तो फिर से जोश में आना ही आना था. अब मामी ने मेरे लंड के झटके जोर जोर से महसूस किए और अब वो तेज-तेज चुदने लगी. तथा अपनी चूत से पानी पर पानी बहाए जा रही थी. यहाँ तक की मेरे को अब हर धक्के में फट…फट.ट….फट…फट..फट..फ.ज….. की आवाजे सुनाई दे रही थी.
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जो मेरे लंड को और चिकना किए जा रही थी. इसलिए अब मैंने लगातार झटके देकर आ…आ.अ.अ.अ.अ..अ..अ.अ.अ.अ.अ.aa.अ.अ.अ. मामी….. करके मामी की चूत की गहराई में ही अपना लंड का पानी निकाल फेंका… और फिर काफी देर तक मामी को जकडकर रखा.
तथा इस दौरान मामी भी मेरे पर अपना प्यार भरा हाथ सहला रही थी. क्योंकि मामी अब काफी संतुष्ट थी इसलिए वो पागलों की तरह मेरे से खुलकर सामने आ रही थी. और बोली- वाह मनोज, चुदाई हो तो ऐसी वरना हो ही नही…. क्योंकि तुम मेरे को काफी दिन से पसंद थे. लेकिन अब तुमने वो कर दिखाया है जिसकी मेरे को तुमसे बहुत उम्मीद थी.
मैं बोला- अभी कहाँ मामी अभी तो आपको मैं जब तक मामा घर पर नही आ जाते तब तक चोदुंगा.
मामी- अभी तेरा मन भरा नही क्या?
मैं- आपको देखकर कौन पागल इतनी जल्दी हार मानेगा. मेरा तो फिर से चुदाई का मन हो गया है.
मामी- चलो फिर मैं एक बार बाथरूम में जाकर आती हूँ.
इतना कहकर मामी बाथरूम में जाकर अपनी चूत (mami ki chut) को साफ करके वापस चली आई. और मेरे पास लेट गयी और फिर मेरे को किस करने में लग गयी. मैं बोला- आपको और करने का मन नही कर रहा क्या?
मामी- कर तो रहा है, लेकिन कण्ट्रोल कर रखी हूँ.
मैं- मेरी प्यारी मामी इतना कण्ट्रोल अच्छा नही है, ये जवानी नही मिलेगी दोबारा. इसलिए हो सके जितना चुदने का मजा लिया करो.
और फिर मामी बैठकर मेरे लंड को फिर से चूमने में लग गयी. और मैं अब उनके बूब्स से खेलने में लग गया. और करीब 5 मिनट बाद ही मेरा लंड फिर से सख्त हो गया. और पूरा 7 इंच का हो चूका था.
तो मैंने अब पूछा- मामी आपको कौनसी स्टाइल में चुदना ज्यादा पसंद है?
मामी बोली- मेरे को खड़े-खड़े गोद में लेकर अगर तू चोद सके तो चुदाई में चार चाँद लग जाएगे.
इतना सुनते ही मैंने मामी को बेड से उतारा और अब मैं उनको गोद में लेकर निचे से अपना लंड सेट कर चूका था. तथा मामी मेरे कंधों को पकड़कर खुद का कण्ट्रोल बना रही थी. इसी दौरान अब मैंने झटके पर झटके देने शुरू कर दिया. और कसम से ऐसे झटके लगे की मामी के आंसू पर आंसू निकलने शुरू हो चुके थे.
तथा अब वो मेरे को निचे उतरने के लिए कहे जा रही थी. लेकिन मैं मामी की एक न सुना और लगातार आधे घंटे तक गोद में लेकर झटके पर झटके देते रहा. मेरे ऐसे झटकों को मामी करीब आधे घंटे में 4 बार झड़ चुकी थी. और निचे फ्लोर पर अपना पानी छोड़े जा रही थी. लेकिन अभी भी मैं उनका पीछा नही छोड़ रहा था. और लगातार उनकी चूत को बजाये जा रहा था. फिर अंत में मैंने कसकर पकड़कर मामी की चूत में ही फिर से अपना वीर्य निकाल फेंका. और तब जाकर रेखा मामी को निचे उतरने का मौका मिला.
और अब तो आलम ये हो चूका था की मामी से चले भी नही जा रहा था. क्योंकि उन्होंने पहली बार इतना अंदर लंड को लिया था. वो भी पूरा आधा घंटा इसलिए उनकी चूत काफी लाल हो चुकी थी अंदर से. इसलिए मैं बोला- मामी आप आराम करो…. मैं आपका काम में हाथ बटाउंगा.
मामी बोली- मेरे को काम करवाने की कोई इच्छा नही है तुम तो मेरे को ऐसे ही चोद लिया करो. काम मैं खुद कर लुंगी.
इतना कहते ही मैं और मामी फिर से एक दुसरे को चूमना शुरू कर दिए. और फिर से चुदाई की तैयारी करने में लग गये. तथा शाम तक जब मामा आये तब तक मैंने मामी को 5 बार चोद लिया था. तथा इसके अगले दिन मैं अपने घर चला आया. अब दोस्तों मामी मेरे को बहुत मिस करती है. और अपने घर बुला रही है. अब मैं जब भी उनके घर जाऊंगा तो आपको अगली कहानी जरूर बताऊंगा.
ये Bhanje ne mami ko pela कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Mami ki xxx कहानी बहुत पसंद आई होगी. अगर आपको मेरी Gandi Kahaniyan पसंद आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. हम आपके लिए ऐसे ही मजेदार कहानियां लेकर आते रहेंगे.