Didi Ki Chudai Kahani – क्राइम पेट्रोल देखते-देखते चुदने लग गयी मनीषा दीदी
नमस्कार आप सभी दोस्तों को, दोस्तों मेरा नाम अवकाश है और मैं पंजाब के खन्ना का रहने वाला हूँ. तथा आज के इस Didi Sex Stories के नए एपिसोड के अंदर मैं आपके लिए लेकर आया हूँ मेरी एक सच्ची घटना Didi Ki Chudai Kahani. मेरी यह कहानी अभी पिछले ही दिनों की है जब मैं और मेरी बड़ी दीदी जिसका नाम मनीषा है, घर पर टीवी सीरियल देखते-देखते कब चुदाई पर उतर गये पता ही नही चला.
और अब जब पता चला है तो हम दोनों अब एकदम खुल चुके है. तथा अब जब भी मन करता है मैं तथा मनीषा दीदी आराम से मजे से चुदाई का आनंद लेते है. क्योंकि इस Didi ki chudai story की शुरुआत मेरी दीदी ने ही की थी. इसलिए अब मुझे उनसे कोई डर नही लगता है. हालाँकि इससे पहले मेरे को वो बहुत ही डेंजर टाइप की लड़की लगती थी. क्योंकि वो मेरे को पढाई के लिए मारती थी.
लेकिन अब मैं उनकी चूत मारकर सामने से मजा दे देता हूँ. जिसकी वजह से अब वो भी मेरे से इतना खुश रहती है की मेरे तो मानों मजे ही मजे हो गये है. तथा पिछले 6 महीने से मैं मनीषा दीदी की लगातार चूत मार रहा हूँ. आपको मैं मनीषा दीदी के बारें में बताउ तो वो एक हॉट और स्लिम टाइप की गोरी-चीटी लड़की है. और रिश्ते में वो मेरे ताउजी की लड़की है.
तथा उसका बदन ऐसा है की कोई मुर्दा भी मनीषा दीदी को चोदने के लिए एक बार तो जिन्दा हो जाए. लेकिन अभी 24 बरस की होने के बावजूद भी घरवाले उसका विवाह तक नही कर रहे है. बोलते है की अभी बेटी पढाई कर रही है. लेकिन उन घरवालों को कौन समझाए की अब मनीषा लंड लेने के लिए बावली होती जा रही है.
अब दोस्तों मैं आपको अपने बारें में बताऊ तो मैं भी अभी चुदाई वाली सीढियाँ चढ़ ही रहा था. क्योंकि अभी मैं महज 17 बरस का हुआ हूँ और मेरे को भी पिछले 2 बरसों से मूठ मारने की लत लग चुकी थी. क्योंकि स्कूल में जब लड़के लड़कियां किस करते थे तो मेरे मन में चुदाई वाले ख्याल आ जाते थे. इसलिए मैंने पिछले 2 बरसों में ही मूठ मारना सिख लिया है. जिसकी वजह से अब मेरा लंड भी पूरा 6.5 इंच का हो चूका है.
तथा अब तो मुझे भी मानों चूत चुदाई का भुत सा संवार हो चला था. इसी कड़ी में एक दिन दोपहर को घर में जब सब लोग आराम कर रहे थे तब मैं और मनीषा दीदी क्राइम पेट्रोल देखने में लग गये. और पिछले 1 घंटे से एक ही सीरियल देखे जा रहे थे. जिसमे लड़ाई, रोमांस और सेक्स सब मौजूद था. यहाँ तक की मेरे को और मनीषा दीदी को ये सीरियल बहुत अच्छा लगता है.
इसलिए हम इस सीरियल में खोए जा रहे थे. तो हुआ यूँ की इस सीरियल के दौरान इतने सेक्सी सीन आने लगे की मेरा लंड खड़ा होना शुरू हो चूका था. और अब मैं मनीषा दीदी की बाँहों में जाकर तकिया बनाकर इस सीरियल को देखे जा रहा था. मैं इस दौरान बेड पर ऐसे पड़ा था जैसे की कोई छोटा बच्चा अपनी माँ के पास सो रहा हो.
अब एक तो वो सेक्सी सीन आ रहे थे और ऊपर से अब मेरे को मनीषा दीदी के बदन की गर्मी भी महसूस होने लग गयी. जिसकी वजह से मेरा लंड पेंट के अंदर ही फनफनाने में लग गया. और अब पेंट के ऊपर तक लंड का उभार आने लग गया. जो अब मनीषा दीदी भी चुपके से देखकर मुस्कुराने लग गयी. हालाँकि मेरे को इस बात का पता चल चूका था की मनीषा दीदी ने सबकुछ देख लिया है. और वो अब देख-देखकर मुस्कुराने में लग गयी है. इसलिए अब मैंने आँखे बंद कर लिया और सोने की नौटंकी कर डाली.
जिसके बाद मनीषा दीदी समझी की मैं सो गया हूँ. इसलिए अब उन्होंने मौका देखकर मेरे लंड पर अपना हल्का सा हाथ लगाया और अब उनको इतना मजा आने लगा की वो अब मेरे लंड पर लगातार अपना हल्का-हल्का हाथ फेरने में लग गयी. और उनका ये हाथ लगाने का तरीका फील करके अब मेरा लंड भी पेंट के अंदर ही पानी छोड़ने में लग गया.
तथा अब सामने से मेरी पेंट तक गीली हो चुकी थी. क्योंकि एक तो लंड तना हुआ था. ऊपर से इतनी हॉट लड़की मेरे लंड को सहलाए जा रही थी. इसलिए लंड का झड़ना तो लाजमी था. अब दोस्तों मेरे लंड को झड़ता हुआ देख मनीषा दीदी ने भी मेरे को अपनी बाहों से हटाने की कोशिश की लेकिन मैं अब जोर से मनीषा दीदी को जकड़ रखा था.
क्योंकि अब मुझे पक्का-पक्का यकीन हो चला था की अब दीदी बाथरूम में जाकर या तो अपनी चूत में ऊँगली करके आएगी. या फिर साइड में होकर अपनी चूत को सहलाएगी. इसलिए अब मैं खुद ही दीदी की बाँहों में लिपट गया. और नींद का नाटक करते हुए ही दीदी को किस करने में लग गया. जिससे दीदी को अहसास नही हो की मैं अभी जग रहा हूँ.
मेरे को किस करता देख दीदी ने भी करवट ले ली और मेरी तरफ मुंह कर लिया और अपनी टांगों के बीच में मेरी एक टांग डाल ली. जिसकी वजह से अब मेरे घुटने को उनकी चूत की गर्मी फील होने लग गयी. और अब मैं लगातार नींद में दीदी को किस कर रहा था. कभी उनकी गर्दन पर तो कभी उनके गोरे गालों पर और दीदी मेरे किस को फील करके गर्म-गर्म सांसे छोड़ने में लग गयी.
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और वो भी अब मेरे को सामने से किस करने में लग गयी. ये सब होता देख अब दीदी ने खुद से ही मेरे लिप्स को किस कर डाला. जिसके बाद अब मेरे को भी मौका मिल चूका था. और फिर मैंने भी दीदी को लगातार लिप्स किस करने का मजा दिया. और आपको बताऊ हमने करीब 10 मिनट तक लिप्स किस का मजा लिया.
जिसके बाद दीदी ने मेरे हाथ को अपने बूब्स पर धर डाला. और अब मेरे को क्या चाहिए था मैंने भी उनके बूब्स को कुरते के ऊपर से ही मसलना शुरू कर दिया. अब दीदी की चुदाई की भूख और जागृत हो गयी. क्योंकि मेरी हरकतें ही इस टाइप की थी की कोई भी लड़की चुदाई के लिए प्यासी हो जाए. अब दीदी से बिलकुल भी रहा नही जा रहा था. इसलिए अब निचे से वो मेरे घुटने पर अपनी चूत को रगड़े जा रही थी. और वो हल्की-हल्की आवाज में आः…आहाहाह….आअहहह…. अहहह्हहाहा….हह्हहहहहहहा…. सिसीसिस्सी…आआ…. ईईइ….ईई….ईईइ…. अहहाह्हह्हहा…. किए जा रही थी.
अब मनीषा दीदी को इस प्रकार तडपता देख मेरे से भी रहा नही गया इसलिए अब मैंने अपना हाथ उसके सूट के नीचे डालकर घुमाने लगा और वहाँ मेरे लंड को उठाने लगा और अकड़ाने लगा. तो दोस्तों जैसे-जैसे हाथ घूमता रहा वैसे ही वो भी मस्ती में आने लगी और सेक्सी आहें भरने लगी. और अब वो तेज-तेज तरीके से आह…आहाहहहः…अहहहहः…..हहह्हहहहाह्हा…. करने में लग गयी.
तभी गलती से मेने अपनी आँख खोल दी. जिसके बाद मेरी खुली हुई आँखे देखकर दीदी बोली- अरे अवकाश तुम जग रहे हो?
मैं- नही आपने लगा दिया.
दीदी- मैंने कैसे जगाया तेरे को?
मैं- आपने जो अपना हाथ लगाया मेरी पेंट पर तभी से मेरे अंदर कुछ होने होने लग गया है.
दीदी- अच्छा, और जो तुमने नींद में मेरी चूत पर अपना हाथ लगाया उसका क्या?
मैं- सॉरी दीदी, गलती हो गयी तुम किसी से बता मत देना….. प्लीज.
दीदी- इसमें सॉरी की कोई बात नही गलती हम दोनों ने की है. अब चलो मजा भी दोनों साथ में लेते है.
मैं- ठीक है मेरी प्यारी बहना…. फिर मैंने एक किस दे डाली.
इतने में ही दीदी ने पहले कमरे की कुण्डी की तरफ नजर घुमाई और पता किया की कुण्डी लगी हुई है या नही. और उन्होंने पाया की कमरे की कुण्डी तो पहले से ही लगी हुई थी. इसलिए अब दीदी बोली- चलो अवकाश एक काम करो अब तुम अपनी पेंट उतार दो… मेरे को पता है तुम चुदाई के लिए उतावले हो रखे हो.
मैं बोला- कैसे पता चला?
दीदी बोली- जब मैंने तुम्हारे लंड को छुआ तब मेरे को सब पता चल चूका था.
इसके बाद मैंने अपनी पेंट व चड्डी उतार दी और अब निचे से एकदम नंगा हो चूका था. जहाँ अब मेरा लंड पहले से झड़कर फिर से खड़ा होने में लगा हुआ था. और इतने में ही मेरे साथ में मनीषा दीदी ने भी अपना सलवार निकाल दिया. और मैंने देखा की अब उनकी गोरी-गोरी गांड वह लाल रंग की चड्डी एकदम सूट हो रहे थे. मेरा मन अब उनकी जांघे चाटने का हो चला था.
क्योंकि मनीषा दीदी थी ही इतनी हॉट और सेक्सी की मेरे से बिलकुल भी कण्ट्रोल नहीं हो रहा था. इसलिए अब दीदी बेड पर लेट गयी और अब मैं उनके सामने आकर उनकी जाँघों पर अपना हाथ सहलाते हुए चूत की तरफ बढ़ने लग गया. और मुझे इस दौरान दीदी को इस रूप में देखकर बहुत ही अच्छा फील हो रहा था. इसलिए अब मेरा लंड भी पूरा 6.5 इंच का हो चला था.
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जिसके बाद अब मैंने देखा की दीदी की लाल रंग की पेंटी के ऊपर से भी पानी साफ-साफ़ दिख रहा था. तो जैसे ही मैंने उस पानी को टच किया दीदी एकदम से आआअह्ह्ह्ह….. आहाहह्हाहा….. अहहहहह्हाहा…. करने में लग गयी. और बोली- अवकाश तडपाओ मत.
मैं बोला- दीदी मेरे को हाथ लगाने दो, मेरे को आपकी चूत देखनी है.
इतना सुनते ही दीदी ने खुद से ही अपनी गांड उठाकर पेंटी को उतार फेंक दिया. और अब मेरे सामने उनकी पिंक कलर की चूत थी. जो की एकदम पतले पानी से सन्नी हुई थी. और अब उसे देखकर मेरा मन उनकी चूत पर जीभ फेरने को हो चला. इसलिए अब मैंने दीदी की दोनों टांगों को उठाया और अपना मुंह दीदी की चूत की तरफ ले गया.
पहले तो मैंने दीदी की चूत की खुशबु को महसूस किया जिसकी वजह से मेरे अंदर चुदाई की भूख और जाग गयी. क्योंकि दीदी की चूत की खुशबु मेरे को बेताब करने वाली थी. इसलिए अब मैंने चूत की दोनों लकीरों को चौड़ा किया और अब अपनी जीभ दीदी की चूत में लगा डाली. और जीभ लगाते ही दीदी पागल होने लग गयी. और वो इस दौरान ईईईईइ….. सीसिसिसिसिसिसीसी…… सिसिसिसिस्सिस्सीसिसी…… अवकाश…… प्लीज….. मत तडपाओ…. मेरी जान……..आहाहहह्हह्हाहा…. ऐसे कर रही थी.
और साथ मैं दीदी ने मेरे सर को पकड़ रखा था और अपनी चूत पर चिपकाये जा रही थी. तथा निचे से उछल-उछलकर अपनी चूत को मेरे मुंह की तरफ दखेले जा रही थी. ये सब करते-करते मेरे को करीब 10 मिनट हो चले थे की अब दीदी ने बिना लंड डाले ही खूब सारा पानी अपनी चूत से निकल फेंक दिया था. जिसे मैं लगातार पिए जा रहा था.
अब मेरे से भी रहा नही जा रहा था क्योंकि मेरी भी पहली बार की चुदाई थी. इसलिए अब मैं दीदी के दोनों टांगों को चौड़ा करके अपने लंड को दीदी की चूत के सामने ले आया. और मेरा लंड देखकर दीदी बोली- अब डाल भी दो…. रहा नही जा रहा है…..प्लीज.
मनीषा दीदी के मुंह से ये बात सुनकर अब मैं फिर लंड को चूत के मुँहाने पर टिका के एक जोर का झटका दिया लंड चूत के अंदर 4 इंच ही गुस्सा था कि वो चिल्ला उठी हूँहूँ अहहह्ह्ह…. अवकाश…….. तौबा…. तौबा…… मर गई. ऐसे चिल्लाते हुए पाकर अब मैंने दीदी को लिप्स किस करने में लग गया.
जिसकी वजह से उसके होंठ मेरे होंठों के कारण आवाज़ ज्यादा बाहर नहीं गई मैं उसकी किस लेता रहा और चूचीयों की मसलता करता रहा और धीरे-धीरे लंड को अंदर बाहर करने लगा. उसको दर्द से कुछ राहत मिली तो मैं एक और जोरदार झटका ले गया दिया अबकी बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अंदर गहराई तक जा पहुँचा.
वो फिर जोर से चीखी उईईई अहहह्ह्ह……… अहहहहहहह्ह……… पागल….. धीरे करो…..मर गई. लेकिन अब मैं उनकी एक न सुन रहा था और लगातार धक्के पर धक्के दिए जा रहा था. और मैं दीदी के लिप्स और गाल किस करता रहा साथ में चूचीयों को सहलाता रहा दीदी की आँखों से आँसू भी निकल गए. मैं आँसूओं को साफ किया और धीरे-धीरे लंड को अंदर बाहर करने लगा.
मैं बोला- दीदी आप पहली बार चुदवा रही हो क्या?
दीदी बोली- नही लेकिन तेरा लंड बहुत बड़ा है इसलिए बहुत दर्द कर रहा है…. अब तो जरूर मजा आने लगा है.
मैं- इसका मतलब आप पहले से चुदी हुई हो?
दीदी- हाँ मैंने अपने बॉयफ्रेंड राहुल से बहुत बार चुदवाया है…. लेकिन उसका लंड तेरे लंड के सामने फीका है…. तेरा लंड तो पूरा जड़ तक असर कर रहा है…. आह्हहः…अह्हाह्हा…. अहहाह…. अब मेरे को बहुत मजा आ रहा है. तुम तो चोदो अब मुझे बिना कोई परवाह किए.
इतना सुनते ही अब मैंने अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा डाली. और अब मैं अपने लंड को पूरा दीदी की चूत की जड़ तक डालने में लग गया. और करीब 15 मिनट तक एक ही पोजीशन में दीदी के ऊपर ही चुदाई करता रहा. जिसके कारण दीदी भी 1 बार तो फिर से झड़ चुकी थी. और वो भी अब मेरे को किस करने में लग गयी. और अब उनकी आँखों में ख़ुशी मेरे को साफ़-साफ नजर आने में लग गयी.
उनको खुश होता देख अब मेरा भी लंड झड़ने पर उतर आया और अब मैं तेज-तेज करते हुए जोर लगते हुए दीदी की चूत में ही अपने गर्म-गर्म माल को छोड़ दिया. और जैसे ही मेरा लंड लास्ट में दीदी की चूत में समाया तो दीदी ने मेरे को जकड़ लिया…. और वो आःह्ह्ह….. आज चुदी हूँ मैं ढंग से …. आहाहहाह…. आई लव यू अवकाश…. किए जा रही थी.
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इसके बाद मैं भी थककर दीदी के ऊपर ही करीब 5 मिनट तक लेटा रहा और साथ में दीदी को किस भी करता रहा. क्योंकि अभी भी मेरे अंदर दीदी को चोदने के लिए वो ही जोश मौजूद था जो पहले थे. इसलिए अब मेरा लंड खुद बी खुद दीदी की चूत में से निकला ही था की फिर से खड़ा हो गया.
और अब मैंने पास में पड़ा एक कपड़ा लिया तथा पहले तो दीदी की चूत को ढंग से साफ़ की और फिर मैंने अपने लंड को साफ किया. अब मैं लेट गया. और अब दीदी मेरे बिना बोले ही मेरे लंड को चूसने में लग गयी. और वो अब मेरे लंड को इस प्रकार चूस रही थी जैसे कोई चोकलेट चूस रही हो…. इसलिए करीब 5 मिनट चूसने के बाद ही मेरा लंड फिर से तनकर खड़ा हो चला.
जिसके बाद मैं बोला- दीदी ये फिर से खड़ा हो गया है.. बताओ आपको राहुल से किस टाइप से चुदना ज्यादा पसंद था उसी टाइप से मैं आपको चोदकर मजा दे दूंगा.
दीदी बोली- मेरे को लंड के उपर चढ़कर चुदना बहुत पसंद है.
मैं बोला- हाँ तो कोई बात नही मैं लेटा हुआ हूँ. आप आराम से मेरे लंड पर चदकर चुद लो.. ताकि मेरे को भी थोड़ा बहुत आराम मिल सकें.
इतना सुनते ही दीदी खड़ी हुई और अब मेरे लंड को अपनी चूत पर सेट करके खुद ही आगे पीछे होने लग गयी. और उनका आगे-पीछे होने का अंदाज देखकर मेरे को लग रहा था की दीदी है तो बहुत ही चुदक्कड लड़की. इसलिए अब मेरा लंड भी उनकी चूत की गहराई तक जाने लगा. और वो लगातार आः…आहाह्ह्हः….आह्हाह्हाहा….. अहहहाह्ह…. अहहहह्ह….. किए जा रही थी.
इसके बाद दीदी करीब 20 मिनट ऊपर चढ़कर चुदवाने के बाद बोली- अवकाश अब मैं थक गयी हूँ. इसलिए तुम अब मेरे को पीछे से कुतिया बनाकर चोदो.
इतना सुनते ही मैं खड़ा हुआ और दीदी को कुतिया बनाकर उनकी कमर पकड़कर अपने लंड को उनकी चूत में सेट कर डाला. और लगातार नॉनस्टॉप धक्के दिए जा रहा था. और इस दुसरे राउंड में अब मैं करीब 45 मिनट से मनीषा दीदी को चोदे जा रहा था. पीछे से चुदवाने की वजह से दीदी काफी बार झड़ चुकी थी. और लगातार आहा… मजा….आया…. आःह…. किए जा रही थी.
उनकी ये खुश होने वाली आवाज मेरे मन को बहुत भा रही थी. जिसकी वजह से मैंने एक बार फिर से अपने लंड का माल दीदी की चूत में छोड़ डाला. और अब हमें चुदाई करते हुए करीब 2.5 घंटे हो चले थे. तथा अब घरवालों के जगने का भी टाइम हो चला था. इसलिए पहले तो हमने अपने-अपने कपड़े पहने और इसके बाद कमरे की कुण्डी खोली.
तथा फिर दीदी ने बोला की आज से रात को तुम मेरे कमरे में ही सो जाना. ताकि हम दोनों रात को जमकर इसी अंदाज में चुदाई का मजा ले सकें. इतना सुनते ही मैंने भी हामी भर दी. और फिर उसी रात को करीब 5 बार दीदी को जमकर चोदा.
अब दोस्तों दीदी को मेरा लंड इतना पसंद आया की अब वो राहुल को तो मानो भूल ही चुकी है. और मेरे से करीब पिछले 6 महीने से लगातार चुदाई करवा रही है. और गनीमत ये रही की आज तक घरवालों को पता नही है. तथा हम दोनों भाई-बहन चुदाई करके एकदम खुश है. ऐसा ही चलता रहा तो मनीषा दीदी के संग हुई चुदाई की एक और मस्त कहानी में आपके सामने जल्द ही लेकर आऊंगा.
ये Didi sex kahani आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Didi ki chudai story बहुत पसंद आई होगी. अगर आपको मेरी Gandi Kahaniyan पसंद आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. हम आपके लिए ऐसे ही मजेदार कहानियां लेकर आते रहेंगे.