Bhabhi Aur Devar Ki Chudai – दीपावली की सफाई के बहाने घर बुलाकर लिया मजा
दोस्तों किसी को इस दुनिया में क्या पता चल पाता है की जिसे हम पंसद करते है वो हमसे ज्यादा हमे पसंद करता है. और ऐसा ही आज मेरी इस Bhabhi Aur Devar Ki Chudai कहानी में हुआ है. क्योंकि मेरी पड़ोस की भाभी जिसका नाम आशा है वो मेरे को जब से ब्याहकर गोपाल भैया के यहाँ आई थी तभी से में उन्ही को याद कर करके अपने लौड़े को थका चूका था.
हालाँकि मैं समय-समय पर आशा भाभी को लाइन भी देता था. लेकिन कभी मेरे को इसका कोई पोजिटिव रेस्पोंस नही मिलने के कारण अपने मन को मूठ मारकर बहला लेता था. फिर अभी पिछले ही दिनों दीपावली की सफाई के दौरान कुछ ऐसा हुआ जो मैं जिन्दगी भर नही भुला सकता. और यहीं मैं मेरी इस Devar bhabhi ki chudai ki kahani के दौरान आपको बताऊंगा.
क्योंकि मैं इस पोर्टल पर हमेशा लोगों द्वारा भेजी गयी सेक्सी कहानियां पढता हूँ. और ऐसा मानों की मेरे को लोगों दे द्वारा भेजी गयी ये कहानिया इतनी पसंद आई की अब मेरे को भी मजबूरन अपनी कहानी बतानी पड़ रही है. क्योंकि मैं भी चाहता हूँ की इस पोर्टल के पाठक भी मेरी कहानी का मजा ले और वो भी इसके लिए कभी मौका मिले तो कोशिश जरूर करें.
सबसे पहले मैं आपको आशा भाभी के फिगर के बारें में बताऊ तो दोस्तों उनका फिगर 34-28-36 का है. और इसी वजह से वो मेरे दिल को इतना भायी हुई है की पुरे दिन आशा भाभी ही आशा भाभी घुमती रहती थी. क्योंकि उनका वो गोरा रंग और गुलाबी गाल मेरे को जब भी दिखाई देते थे तो मैं बावला हो जाता था. और इसी वजह से मैं आशा भाभी कहीं भी मिल जाती थी तो उनसे खूब बातें किया करता था.
और वो भी मेरे से इतनी घुली मिली हुई है की खूब बातें करने की शौक़ीन है. उनकी शादी को 6 बरस हो गये है. और आशा भाभी को अभी एक 3 बरस की बच्ची भी है. तथा वो भी एकदम आशा भाभी की तरह ही दिखती है. और दोस्तों मेरे जो गोपाल भैया है ना वो अक्सर काम के सिलसिले में गुजरात गये हुए रहते है. और महीने 2 महीने से घर आते है. तथा इसी का फायदा अब मेरे को उठाने को मिला है.
क्योंकि मैं अभी एक जवान लड़का महज 18 बरस का हुआ हूँ. और अभी से ही मेरा लंड फनफनाने के लिए तैयार हुआ है. अब दोस्तों आप ही बताओ इस उम्र में किस स्वस्थ आदमी से बिना चुदाई करे जाए? इसलिए वैसे तो मैं पहले से ही आशा भाभी के पीछे पड़ा हुआ था. लेकिन जब से उन्होंने मेरी इस फीलिंग्स को पहचाना तभी से उन्हें भी इस पर दया आ गयी और अब वो मेरे से चुदवाने के लिए लग गयी.
दरअसल हुआ यूँ की अभी पिछले ही दिनों मेरी भी कॉलेज की छुट्टी थी. और ये दिन रविवार का था इसलिए आशा भाभी घर पर अकेली थी. हालाँकि उनकी बच्ची भी थी लेकिन वो किस काम की? क्योंकि घर की सफाई में वो को योगदान नही दे सकती. इसलिए आशा भाभी मेरे घर पर आई और मम्मी को बोली- नीरज जी को मेरे घर पर भेजना क्यूंकि मेरे को बेड वगेरह भारी सामना इधर उधर करवाना है. और ये सब मेरे से अकेली से नही हो रहा है.
इसलिए मेरी मम्मी ने भी अब मेरे को आशा भाभी के घर पर जाने के लिए बोल दिया. और फिर मैं उनके घर उनके साथ चला गया. और फिर जाते ही हम सफाई के लिए लग गये. अब दोस्तों वहां पर आशा भाभी अब पल्लू को हटाकर सफाई कर रही थी. इसलिए अब मेरे को उनका पीछे का वो गोरा बदन साफ़ – साफ दिखने में लग गया.
और मैं कुछ देर तो कण्ट्रोल किया. और मन ही मन में सोचा की अब भाभी को कम से कम छु तो लू. लेकिन मेरे को बहुत डर भी लग रहा था. इसलिए मैंने अब मैं लगातार भाभी के बूब्स को देखे जा रहा था. तथा पीछे से उनकी कमर की ओर मेरी निगाह टिके हुई थी. इसलिए अब मेरा कण्ट्रोल रख पाना भी मुश्किल हो रहा था.
इसी दौरान अब मेरे को मूठ मारने की जच गयी. तो मैं पास के ही एक कमरे में गया और अपने लंड को हिलाने में लग गया. मैं सोचा की अभी मूठ मारकर बाहर आ जाऊंगा. लेकिन भाभी को लगा की मैं कहीं सफाई से डरकर वापस भाग न जाऊ इसलिए वो अब मेरे को खोजने में लग गयी. और फिर वहीँ हुआ जिसका मेरे को डर था.
वो अचानक से उस कमरे में आ धमकी जहाँ पर मैं अपना लंड निकालकर हिलाने में लगा हुआ था. और जैसे ही वो आई मैं एकदम से डर गया. और इस दौरान मेरा लंड पेंट से बाहर निकला हुआ था. यहाँ तक की मेरे लंड को इस अंदाज में खड़ा देख आशा भाभी भी हक्की-बक्की रह गयी. और कुछ देर तो कुछ नही बोली. इसके बाद आशा भाभी- यहाँ क्या कर रहे हो देवर जी?
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मैं- सॉरी भाभी, मेरे से रहा नही जा रहा था. आप प्लीज मेरी मम्मी को मत बता देना. आपको मेरी कसम है आप जो चाहोगी वो काम में आपको करवा दूंगा.
भाभी- वो बात तो ठीक है लेकिन आप कब से ये सब हरकते करने में लग गये. इतने हेंडसम लड़के होकर भी आपको मूठ मारना पड़ रहा है. और ये आपका लंड इतना बड़ा कैसे हो रखा है. मैंने तो कभी इतना बड़ा लंड नही देखा.
मैं- भाभी ये सिर्फ आपको देखकर बड़ा हो गया है. इसलिए मैंने अपना कण्ट्रोल खोकर मुठ मरना पसंद किया.
भाभी- अच्छा, तो आप मेरे बारें में चुदाई की बातें सोचते हो?
मैं- सॉरी भाभी, लेकिन आप हो ही इस टाइप की सेक्सी लड़की की मेरे लंड से रहा नही जाता है. जब भी मैं आपको देखता हूँ तब मेरे को बस आपकी चुदाई के ही ख्याल आते रहते है.
इतना कहकर अब मैं अपने लंड को पेंट के अंदर डालने में लग गया. तो भाभी ने बोला- अब अंदर क्यूँ डाल रहे हो? देख लेने दो मेरे को भी पहली बार इतना बड़ा लंड देखने को मिला है. थोड़ी आँखें मेरे को भी सेक लेने दो.
मैं बोला- भाभी आपको मेरा लंड पसंद आया?
भाभी- हाँ यार ऐसा लंड किसको पसंद नही आता है. आपके गोपाल भैया का तो इससे आधा भी नही है. इसलिए मेरी भी कई दिनों से इच्छा थी की कभी न कभी किसी 7 इंच के लंड वाले लड़के से चुदुंगी जरूर.
मैं- इसका मतलब अभी आप चुदाई के लिए तैयार हो?
भाभी- ये भी कोई पूछने की बात है अभी तो 2 मिनट ही हुए है आपके लंड को देखते हुए मुझे और आपको पता है इतने में ही मेरी पेंटी गीली होनी शुरू हो चुकी है.
मैं- सच में भाभी?
भाभी- हाँ यार यकीन न हो तो अभी दिखा दूंगी. लेकिन पहले मेरे को अपना लंड सहलाने दो.
मैं- ओके, आप पहले मेरे लंड को सहलाओ ताकि मेरे को भी खूब मजा आए.
इतना सुनते ही भाभी अब मेरे और करीब आ गयी और अब मैं खड़ा था तथा भाभी घुटनों के बल बैठकर मेरे लंड को चारों तरफ से देखने में लग गयी. और अब मेरा लंड 1 इंच और बड़ा और सख्त हो गया. क्योंकि भाभी का हाथ इतना कोमल और मुलायम था की मेरे लंड को ऐसा लगा जैसे उन्होंने अपनी चूत में लंड डाल लिया हो.
इसलिए अब मेरा लंड पूरा 7.5 इंच का हो चूका था. और अब भाभी भी हल्के-हल्के हाथ से मेरे लंड को सहलाने में लग गयी. करीब 2 मिनट सहलाने के बाद ही अब भाभी ने मेरे लंड की टोपी की चमड़ी को पीछे किया और अब वो लंड की टोपी पर अपनी जुबान घुमाने लगी थी. मुझे नही पता था की भाभी को इस प्रकार की अदाएं भी आती होंगी.
क्योंकि वो वहीँ हरकतें किए जा रही थी जैसी गंदी फिल्मों में लड़कियां लड़कों के संग करती है. इसी वजह से मेरे को डबल मजा आने लगा था. फिर भाभी ने अपना मुंह खोलकर मेरे लंड को मुंह के अंदर लेना शुरू कर दिया. और अब मेरे को ऐसा लगने लगा की जैसे भाभी अब चुद रही हो. इसलिए दोस्तों अब मैं लगातार उनके बूब्स को ब्लाउज के अंदर से देखे जा रहा था. और भाभी मेरे लंड को मुंह के अंदर जोर-जोर से लेने लगी थी. तभी मैंने अपना धैर्य खो दिया.
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और अब भाभी को करीब 10 मिनट तक लंड चटवाने के बाद अपना माल भाभी के मुंह में ही छोड़ दिया. और कमाल की बात तो ये की आशा भाभी ने भी मेरे लंड के माल को पूरा गटक लिया. और डकार भी नही ली. और अब भी वह लगातार मेरे लंड को चुसे जा रही थी.
तथा मैं बोल रहा की- भाभी मैं झड़ गया हूँ अब रहने दो.
भाभी बोली- अभी फिर से खड़ा हो जाएगा चिंता मत करो.
मैं- ठीक है भाभी लेकिन माल तो थूक दो मुंह से.
भाभी- वो तो मैंने पहले ही गटक लिया है. इतना स्वादिष्ट माल कोई थूकता है क्या पागल देवरजी.
इतना कहकर भाभी फिर पहले अपनी साड़ी उतारी और साथ मैं अपना पेटीकोट और ब्लाउज भी उतार फेंकी. अब वह केवल ब्रा और पेंटी में थी. और मेरे को किसी रशियन लड़की से कम नही लग रही थी. इसलिए अब उनको देखकर मेरे लंड को फिर से मजा आने लगता. तथा भाभी फिर से घुटनों के बल बैठकर मेरे लंड को चूसने में लग गयी.
और करीब 5 मिनट ही चूसने के बाद मेरा लंड फिर से तनकर सख्त हो चला था. इसलिए अब मेरे से रहा नही जा रहा था. और अब मैंने भाभी के सर को पकड़कर बोला- अब मेरे को आपकी चूत चाटनी है, लंड खड़ा हो गया है…. प्लीज भाभी… प्लीज.
भाभी- ठीक है चलो फिर दुसरे कमरे में.
और फिर हम पास के ही एक दुसरे कमरे में चले गये जहाँ एक बेड था वहां पर भाभी लेट गयी. और अब मैंने उनकी जाँघों को अपने प्यार भरे हाथ से सहलाना शुरू किया. और जैसे ही मैं अपनी उँगलियाँ उनकी चूत की तरफ ले गया तो एकदम से भाभी के मुंह से आह…आः.आआआअ….आः… निकल पड़ी.
और मैंने देखा की भाभी एकदम सच बोल रही थी. उनकी चूत में से काफी गीला पानी निकल रहा था. इसलिए अब मैंने देर न करते हुए उनकी नील रंग की पेंटी को उतार फेंका. और देखा की भाभी ने एक दो दिन पहले ही अपनी चूत के बालों को साफ़ किया हुआ था. क्योंकि उनकी चूत काफी नरम और सेक्सी लग रही थी.
ऊपर से उनकी चूत की पंखुडियां भी साफ-साफ़ खिली हुई नजर आ रही थी. जिन्हें देखकर अब मेरे से रहा नही जा रहा था. इसलिए अब मैंने भाभी के टांगों को फैलाकर उनकी चूत के ऊपर अपना मुंह टिका दिया. और एक हाथ उनके ब्रा के उपर से ही उनके बूब्स पर टिका दिया. जिसकी वजह से आशा भाभी काफी मचल गयी. और अब वो उछल-उछलकर अपनी चूत को मेरे मुंह की तरफ द्खेलने में लग गयी.
तथा साथ में आआआ……… ईईईईईईई………. ईईईईईई……….. आआआआआआअ……… ऊऊऊऊऊउ…….. अहहाईऐऐऐऐ ……….ईईईईईए……… सिसिसिसिसिसिसिसिस… जैसी आवाजें निकालने में लग गयी. फिर उन्होंने अपना बढ़ा हुआ मजा देखकर खुद ही अपनी ब्रा को खोल डाला.
और अब मैं एक हाथ से उनके 36 के बूब्स को हाथ में पकड़ रखा था. तथा लगातार दबाये जा रहा था. मेरे को इस दौरान बहुत ही अच्छा लग रहा था. और अब मैं खुद बेकाबू होते जा रहा था. क्योंकि ऐसी रसीली चूत जब मेरे सामने हो तो आप ही बताओ मेरे से कैसे रहा जाए?
इसलिए दोस्तों अब मैंने भाभी की चूत को चुसना छोड़ा और अब अपने लंड को उनकी चूत के ऊपर फेरने में लग गया. अब ये सब करता फील करके आशा भाभी तो फिर से आह…आह…आह….आह्ह्ह…. चोद भी लो देवरजी…. प्लीज….. बहुत तड़प हो रही है…. आःह…आह्हाहः….अहहहः….अहहहः…. किए जा रही थी.
अब भाभी की इस तपड़ को मैंने फील किया और अब मैंने अपने लंड को चूत पर सेट करने की कोशिश की लेकिन मेरा लंड भाभी की चूत में नही घुस रहा था. इसलिए आशा भाभी मेरे लंड को पकड़कर बोली- अब मैंने छेद पर सेट कर दिया है आप प्लीज अब धक्का दो.
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भाभी के मुंह से इतनी प्यार भरी बात सुनकर मैंने भी झट से भाभी की चूत में धक्का दिया. और मेरा लंड एकदम से भाभी की चिकनी चूत में आधा घुस गया. और घुसते ही भाभी की आह्ह्हा…. मार डाला…… लंड है या कोई लौहा….. आआआआआआआ….. देवरजी…… धीरे-धीरे डालो….. क्या बना रखा है आपने इस लंड को.
भाभी लगातार इस प्रकार की बातें किये जा रही थी. इसलिए अब मुझसे भी कहाँ रहा जा रहा था. तो मैंने अब भाभी के लिप्स को चुसना शुरू कर दिया. जिसकी वजह से करीब 2 मिनट बाद ही भाभी का दर्द अब मजे में बदल गया. और अब वो पूरा लंड लेने के लिए तैयार हो चुकी थी. तथा मेरे से बोल रही थी- अब आप प्लीज मेरे को तेज-तेज चोदो बहुत मजा आ रहा है.
इतना सुनते ही मैंने तेज-तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए. और अब मेरा लंड भी भाभी की चूत के काफी अंदर तक प्रवेश किए जा रहा था. तो कभी भाभी आआआआ …. आआआआआआ……. सिसिसिसिसिसिसिसी……. सिसिसिसिसिसिसी…… सिसिसिसिसिसिस….. किये जा रही थी. तो कभी मेरे को अपने हाथ के नाखूनों से छिले जा रही थी.
क्योंकि उन्होंने पहली बार इतना बड़ा लंड लिया था अपनी चूत में इसलिए उनसे बिलकुल भी कण्ट्रोल नही हो पा रहा था. और वो लगातार मेरे को काटे जा रही थी. और मुझे भी पहली बार आशा भाभी की चूत देखने को मिली थी. इसलिए मेरे लंड का जोश भी कुछ अलग ही लेवल का था. और इसलिए मैं भी भाभी को लगातार पिछले 15 मिनट से एक ही पोजीशन में चोदे जा रहा था.
और फिर अब मुझे लगा की मेरा झड़ने का समय आ चूका है. इसलिए अब मैंने भाभी की जांघों को कसकर पकड़ लिया और अब अपने झटकों को तेज-तेज करने में लग गया. जिसकी वजह से भाभी की चूत में से भी फट…फक…फक….फट…फक….फक… जैसी आवाजें आने लग गयी थी. क्योंकि मेरी इस 15 मिनट की चुदाई में भाभी 1 बार तो झड़ चुकी थी.
और वो अब लगातार अपनी चूत से पानी बहाए जा रही थी. इसलिए भाभी की चूत का पानी भी मेरे लिए लुब्रीकेंट्स का काम कर रहा था. और इसलिए मेरे लंड को काफी चिकनाहट महसूस होने लगी और अब मैं भाभी की चूत में ही आह….आहाहाह… मेरी जान…. आई लव यू…. भाभी…. कहके झड़ गया. और अब मैं उनके ऊपर ही पसर गया.
तथा मेरी चुदाई से भाभी इतनी खुश हुई की अब वो मेरे को अपने उपर से उठने भी नही दे रही थी. तथा लगातार मेरे को पप्पी पे पप्पी दिए जा रही थी. और बोल रही थी की- मानना पड़ेगा देवरजी आपको जैसा सोचा था ठीक वैसे ही चोदते हो आप. आपकी चुदाई को फील करके अब मुझे आपके भैया का लंड तो फीका ही लगने लगेगा.
इसलिए अब आप मेरे को जब भी आपका मन हो चोदने के लिए घर पर चले आया करो. क्योंकि मैं भी आपसे सच कहूँ तो बहुत दिनों से चुदवाने की कोशिश कर रही थी. लेकिन आपको कह नही पाई.
भाभी के मुंह से ये प्यार भरी बातें सुनकर दोस्तो अब मेरा लंड फिर से फनफनाने में लग गया. तो मैंने बोला- भाभी इतनी प्यार से बात मत करो मेरा लंड फिर से खड़ा हो चला है.
भाभी- हो जाने दो, चोदेगा ही, जान थोड़ी लेगा. ये जवानी है ही चोदने के लिए खूब मजे करो.
इतना कहकर भाभी ने मेरे को ऊपर से हटाया और अब खुद बैठ गयी. तथा फिर से मेरे लंड को चूसने में लग गयी. और अब मेरे को सामने से उनके लटके हुए बूब्स दिखाई दे रहे थे. जीसकी वजह से कुछ ही देर में मेरा लंड फिर से वैसा ही हो चला था जैसा पहले हो गया था.
इसके बाद अब भाभी बेड से उतरी और बोली इधर आ जाओ अब आप मेरे को खड़े-खड़े एक टांग उठाकर चोदो. क्योंकि मेरे को इस पोजीशन में बहुत मजा आता है. और मैंने भी ठीक वैसे ही भाभी को चोदना शुरू कर दिया. तथा अब मैं भाभी के कूल्हों पर हाथ सहलाते हुए लगातार उनको दनादन तरीके से चोदे जा रहा था. और वो भी अब मेरे को लिप्स किस किए जा रही थी.
हम दोनों इस राउंड में इतना खो गये थे की पता ही नही चला और हम करीब पिछले 30 मिनट से चुदाई ही कर रहे थे. तथा अब मेरा फिर से झड़ने के लिए मन हो गया. तो मैंने फिर से झटकों की स्पीड बढ़ा डाली और एक बार फिर से भाभी की चूत में ही अपना माल छोड़ दिया.
अब हम दोनों एक दुसरे से अलग हुए. और फिर भाभी बोली- अब सफाई कर ले घर की?
मैं बोला- हाँ भाभी, सफाई को तो भूल ही गये थे हम,,, हाहाहाह!
इतना कहकर हम दोनों ने खूब चुदाई का मजा लेते हुए अपने-अपने कपड़े पहने और सफाई में लग गये. तथा अब आगे की चुदाई का प्लान बनाने में लग गये. और दोस्तों अभी पिछले 4 दिन से मैं लगातार आशा भाभी को चोद रहा हूँ. और भाभी भी बोल रही है की, मेरे को आपके जैसा हेंडसम बच्चा ही चाहिए इसलिए आप माल को अंदर ही छोड़ा करो. इसलिए मैं भी ठीक वैसा ही कर रहा हूँ. अब मैं आपको आशा भाभी के साथ फिर किसी जबरस्त कहानी के साथ मिलूँगा तब तक लिए आप मेरा इंतजार कीजिए.
ये Devar aur bhabhi ki chudai कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Devar bhabhi ki chudai ki kahani बहुत पसंद आई होगी. अगर आपको मेरी Gandi Kahaniyan पसंद आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. हम आपके लिए ऐसे ही मजेदार कहानियां लेकर आते रहेंगे.