Mama Bhanji Sex Story – मेरा गोरा बदन देख फिसला मामू का मन
हेल्लो दोस्तों, आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiKahaniyan.com के Bathroom Sex Stories के नए एपिसोड में. पेश है आपके सामने एक बार फिर से शबनम जी द्वारा भेजी गयी Mama Bhanji Sex Story लेकर. दोस्तों यह Mama bhanji ki chudai ki kahani मेरे सबसे छोटे मामा अनवर के साथ की है जिन्होंने मुझे बाथरूम में नंगा देख चुदाई का मजा दिया है.
हम लोग तेलंगाना के हैदराबाद के रहने वाले है और अक्सर में मामा के घर आती जाती रहती हूँ. क्योंकि दोस्तों मैं अपने मामा लोग की एकलौती भांजी जो हूँ. इसलिए वो लोग मेरे को समय-समय पर बुलाते रहते है. मेरे कुल 4 मामा है जिनमे से अनवर मामा सबसे छोटे है. तथा अभी तक आपको बताऊ तो निकाह भी नही हुआ है. क्योंकि दोस्तों वो अभी 25 बरस के हुए है और अपनी पढाई पर लगे हुए है.
तथा मेरी उम्र दोस्तों अभी 19 बरस की हो चली है. तथा मेरा रंग गेंहुआ एवं मेरी हाइट 5 फिट 2 इंच है. दिखने में मैं एकदम स्लिम टाइप की लड़की हूँ जिस पर गली के लड़के मरते है. क्योंकि दोस्तों मैंने नोटिस किया है की जब मैं बाजार की तरफ जाती हूँ तो कई पड़ोस के लड़के मुंह निकालते रहते है. हालाँकि ये बात अलग है की मैंने कभी उन लोगों पर ध्यान नही दिया.
क्योंकि दोस्तों मुझे नही पता था की चुदाई भी एक ऐसी मजेदार चीज है जिसे करने के बाद इन्सान को जीवन का सबसे बड़ा सुख मिलता है. शायद इसलिए मैंने अब 1 बॉयफ्रेंड बना लिया है जो मेरे को समय-समय पर पेलता रहता है. और जो मामू के संग मेरी पहली चुदाई हुई थी वो आज के डेढ़ बरस पहले की बात है.
दरअसल दोस्तों हमारे मामू लोग का घर तीन मंजिला है तथा निचे वाले फ्लोर में केवल बड़े मामा और मामियां सेट है. एवं ऊपर वाले में केवल अनवर मामा रहते है. और आपको बताऊ मेरे को भी ऊपर ही रहना पसंद है इसलिए मैंने भी इस बार ऊपर के कमरे में रहना ही पसंद किया. इस दौरान दोस्तों अब ऊपर मैं और अनवर मामा ही रहने लग गये.
अब दोस्तों एक दिन की बात है जब मेरे अनवर मामा की इंस्टिट्यूट से छुट्टी पड़ गयी थी. और वो अब घर पर ही पढाई करने में लग गये. इसी दरमियान दोस्तों मैं बाथरूम में पेशाब करने के लिए चली गयी. और मैंने देखा की इधर कोई आता तो है नही इसलिए केवल बाथरूम के किवाड़ को ढक ही लिया. मैंने इस दौरान कुण्डी नही लगाई.
तभी दोस्तों मैं अब अपना सलवार खोलकर पेशाब करने के लिए बैठ गयी. और अचानक से मेरे अनवर मामा आ गये. और उन्होंने बाथरूम का दरवाजा खोला तो सामने मेरे को नंगा पाया. और दोस्तों वो इस दौरान ऐसा नही की वापस चले जाए. उल्टा वो मेरे नंगे बदन जांघ वगेरह को आराम से देखे जा रहे थे. और मैं शर्म के मारे ये सोच रही थी की, कब मामू वापस जायेंगे.
लेकिन दोस्तों वापस जाना तो दूर मामू तो अब मेरे को झुक-झुक कर देखने में लग गये. मानों की उन्होंने कभी कोई नंगी लड़की नही देखी हो. तभी वो मेरी गांड की तरफ आ गये और पीछे से कुर्ते को ऊपर करके मेरे कूल्हों पर हाथ फेरने में लग गये. तभी मैंने कहा- क्या कर रहे हो मामू?
मामा- कुछ नही देख रहा हूँ…. कितनी हॉट हो यार तुम शबनम.
मैं- शर्म करो डरो अल्लाह से.
मामा- अल्लाह ने कौनसा मना कर रखा है देखने से, लेकिन तुमने कुण्डी क्यूँ नही लगा रखी थी?
मैं- मुझे क्या पता था की आप आओगे.
मामा- हाँ ये बात तो सही है, लेकिन शबनम जब से मैंने तुमको इस रूप में देखा है मेरे अंदर कुछ-कुछ होने लग गया है.
मैं- क्या होने लग गया है? जरा बताओ मामू.
इतना कहते ही मामा अब बिना बोले ही मुझे खड़ा कर दिए और वहीँ पर मेरी गांड पर हाथ सहलाने में लग गये. और उनका ये रूप देखकर दोस्तों मेरे अंदर भी अब अजब सी झुनझुनी होने लग गयी. तथा मैंने नोटिस किया की, मामा के भी हाथ पैर फुल रहे थे. और वो लगातार बोलने में हकलाते जा रहे थे. मानों की ये कोई चुदाई की आग हो.
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तभी मुझे भी अब उनकी हरकतों से इतना मजा आने लगा की मैं उनको मना नही कर सकी. और वो जो करना चाह रहे थे वो किए जा रहे थे. कभी वो मेरे 34 के बूब्स को दबाते थे. कभी वो मेरी जांघों पर हाथ फेरते थे. तभी करीब 5 मिनट तक ये करने के बाद मामा बोले- चलो मेरे बेडरूम में.
मैं- वहां क्यूँ क्या करना चाहते हो?
मामू- तेरे को मजा देना चाहता हूँ.
मैं- अच्छा, चलो फिर देखते है मजा कैसे मिलता है. मुझे भी यहीं देखना है.
इसके बाद दोस्तों मामू मेरे को पास में ही बेडरूम था जिसमे ले गये. और फिर मेरे को उन्होंने गोद में बिठा लिया. तथा थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगे. मैं पूरी तरह सिहर गई थी क्योंकि इस उम्र में पहली बार सब कुछ हो रहा था और मुझे पता ही नहीं था कि आगे क्या होगा?
फिर उन्होंने मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया और सलवार नीचे सरका दी. वे खुद नीचे आ गए और मेरे पेट, नाभि और जांघों को चाटने लगे. इस दौरान मैं कांप गई थी और कुछ बोल भी नहीं पा रही थी.
अब दोस्तों मैंने इस दौरान सफ़ेद रंग की पेंटी पहन रखी थी. जो की मामू की इन हरकतों की वजह से पूरी तरह गीली हो चुकी थी. क्योंकि जैसे ही वो मेरे पर हाथ सहला रहे थे मेरे को चुदाई जैसा फील हो रहा था. इसलिए मेरी चूत से लगातार पानी निकले जा रहा था.
अचानक उन्होंने मेरी पैंटी निकाल दी और नीचे से बिल्कुल नंगी कर दिया. और उन्होंने फिर मेरी चूत की पंखुड़ियों को फैलाकर देखा तो उसमे काफी गीला-गीला पदार्थ दिखाई दिया. जिसके बाद मामू बोले- शबनम तेरी चूत तो पहले से ही काफी गीली हो रखी है.
मैं- पता नही मामू इसमें से ऐसा पानी क्यूँ निकलने लग रहा है. जब से आप मेरे साथ ये सब कर रहे हो तभी से मेरे अंदर कुछ-कुछ होने को लग रहा है.
मामू- चिंता मत करो मेरी जान अभी तुम्हारी इस कुछ-कुछ को मिटा दूंगा.
इतना कहकर मामू ने अपना मुंह मेरी चूत पर टिका दिया. और फिर मामू ने मेरी कुंवारी, बिना बालों वाली चूत को चाटना शुरू किया. जैसे ही उन्होंने अपनी जीभ मेरी चूत पर टिकाई मेरी तो मानों झुनझुनी और बढ़ गयी. और मैं अब आह…. आह…… आहाहहह्हः……. आहाह्हहाह्हा…….. आह्हहाहा….. मेरी तो जान निकले जा रही थी.
और अब मैं तेज-तेज सिसकारियां लेने में लग गयी. तथा मामू मेरी इस तड़प को देखकर मेरी चूत को दम लगाकर चाटे जा रहे थे. और मैं अब उनका सर पकड़कर हटाने की कोशिश कर रही थी. लेकिन मामू कहाँ हटने वाले थे . क्योंकि उन्होंने इतनी कच्ची चूत के दर्शन जो पहली बार किए थे. वो तो समझों इस दौरान मेरी चूत में खो से गये थे.
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और अब लगातार करीब 10 मिनट से मेरी चूत को चाटे जा रहे थे. और मैं आह… मामू…. आहाहहः….. आह्हहः…..अहाह्हाह….. किये जा रही थी. आपको सच बताऊ तो दोस्तों मैंने आज तक अपनी चूत को हाथ तक नहीं लगाया था और मामू किसी पागल कुत्ते की तरह चुत चाट रहे थे.
इसके बाद उन्होंने कहा- शबनम कुर्ता उतार दे!
इतना सुनते ही मैंने मामा का हुक्म माना और अब मैं अपना कुर्ता उतार दी. और साइड में पटक दी. तथा इस दिन मैंने ब्रा नही डाल रखी थी. इसलिए मेरे तने हुए बूब्स अब मामा के सामने थे और वो मेरे बूब्स को देखकर मदमस्त हुए जा रहे थे. तभी उन्होंने मेरे एक बूब्स पर हाथ रख दिया. और जैसे ही उन्होंने मेरे बूब्स को छुआ फिर से मेरी आह….आह… आह…. निकलने लग गयी.
क्योंकि अब वो मेरे बूब्स को भी दबाये जा रहे थे. तथा एक हाथ से मेरी चूत को भी सहलाये जा रहे थे. आपको बताऊ मामू इस दौरान मेरे को इतना मजा दे रहे थे की मैं बयाँ नही कर सकती. शायद इसलिए मेरी चूत से अब पानी ही पानी निकल रहा था. और वो मेरे इस पागलपन को देखकर खुद भी काफी पागल हुए जा रहे थे.
इसी दरमियान मामू बोले- शबनम तुम किसी को कहोगी तो नही ना?
मैं- क्या नही कहूँगी?
मामा- यहीं की मैंने तुम्हारी चुदाई की है.
मैं- चुदाई कहाँ की है अब तक जो मैं किसी से कहूँगी.
मामा- इसका मतलब तुम भी चुदवाने के लिए तैयार हो.
मैं- तैयार नही मामू पागल हो प्लीज अब जल्दी से करो जो भी करना है वो क्योंकि मेरे से अब रहा नही जा रहा है.
इतना सुनते ही फिर वे मेरे होंठ चूसने लगे, चूची पीने लगे और उन्होंने अपना अंडरवियर उतार दिया. अब मामू ने अपना 7 इंच का लंड मेरे हाथ में पकड़ा दिया. आपको सच बताऊ दोस्तों तो मैंने पहली बार इतना बड़ा लंड देखा था. उस जैसा लंड मैंने आज तक नहीं देखा.
इसके बाद मामू बोले- प्लीज इसे चुसो शबनम.
इतना कहते ही मैंने मामू के लंड को चूसने का फैसला किया. और उनका लंड काफी बड़ा था तो उनके लौड़े का टोपा ही मेरे मुँह में नहीं जा रहा था. मेरी कलाई से मोटा उनका लंड था. किसी तरह से मैं जीभ से टोपा चाटने लगी और मुँह खोल कर लंड को अन्दर लेने की कोशिश करने लगी. इस तरह से मैंने 5 मिनट तक मामू का लंड चूसा.
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मेरे लंड चूसने की वजह से मामू का लौड़ा एकदम सख्त हो चला था. मानों की कोई लौहे की रॉड हो. इसके बाद उन्होंने फिर से मेरी चूत को चाटा और लंड पर थूक लगाकर चूत पर रगड़ने लगे. मैं जवान चुत वाली करारी लौंडिया थी तो चाटे जाने से मेरी चुत में भी सुरसुरी होने लगी थी. इस दौरान मुझे भी लंड चुत में लेने की चुल्ल हो उठी थी. मैंने चुत फैला दी थी.
इसके बाद मामा ने चुत की फाँकों में लौड़े को रगड़ कर थोड़ा सा अन्दर पेला तो मेरी जान हलक में आ गई. मोटे लौड़े के घुसने से मैं रोने लगी. मामा जी मेरे दूध को चूसने लगे और अचानक से एक तेज झटका दे मारा. उनके लंड का टोपा अन्दर घुस गया और चूत से खू:न आने लगा.
मैंने दर्द से कराहते हुए कहा- आह मामू मर गई … बहुत दर्द हो रहा है … प्लीज छोड़ दो … मत करो. इस दौरान मैं गिड़गिड़ाने लगी लेकिन मामू ऐसे ठरकी टाइप के थे की मेरे होंठ चूसते रहे और थोड़ी देर तक टोपे को अन्दर-बाहर करते रहे.
मेरी चुत से कुछ नमी सी निकलने लगी थी तो लौड़े को चिकनाहट मिलने लगी थी. अचानक से उन्होंने मुझे टाइट पकड़ लिया और होंठ चूसते हुए एक जोरदार झटका दे मारा. इस प्रहार से उनका लगभग आधा लंड मेरी कुंवारी चूत में फँस गया.
मेरी आंखों के सामने अंधेरा छा गया, मैं बेसुध हो गई. इसके बाद मामा ने लौड़े को आगे पीछे करना चालू कर दिया. एक दो मिनट बाद मुझे दर्द का अहसास हुआ और मैं चिल्लाने लगी. मामा को मेरे दर्द की कोई परवाह नहीं थी और वे एक सांड की तरह बिना रहम किए मेरी चुत में अपने लंड को अन्दर-बाहर करने लगे.
कुछ मिनट बाद मुझे थोड़ा आराम मिला ही था कि मामा ने पूरा जोर लगाकर अपना पूरा लंड अन्दर सरका दिया. मुझे ऐसा लग रहा था मानो किसी ने मूसल मेरी चूत में डाल दिया हो. मेरी दर्द भरी आवाज के साथ चूत फट चुकी थी और मैं पूरी ताकत से छुड़वाने की कोशिश कर रही थी. लेकिन उन जैसे सांड के सामने मैं एक बकरी सी मिमिया रही थी.
अब उन्होंने मेरे मुँह पर हाथ रख लिया और चोदने लगे. लगभग 20 से 25 मिनट तक धकापेल चुदाई के बाद उन्होंने लंड बाहर निकाला और उसे बिस्तर की चादर से पौंछ कर मेरे मुँह में डाल दिया. इसके थोड़ी देर बाद वे मेरे मुँह में वीर्य की पिचकारी मारने लगे और हाथ की दो उंगलियों से मेरी नाक बंद करके बोले- शबनम पी जा इस अमृत को!
और दोस्तों मैं उनका पूरा वीर्य पी गई. तथा मेरे को उनके वीर्य का स्वाद इतना पसंद आया की मैं बोली- मामू ये एक बार और पीना है.
तभी मामू लेट गये और फिर से बोला की अब फिर से मेरे लंड को चुसो तभी ये फिर से निकलेगा. तथा मैं अब फिर से उनके लंड को चाटने में लग गयी. और करीब 20 मिनट तक लंड चाटने के बाद फिर से उनका लंड खड़ा हुआ. और फिर से उन्होंने मेरे को घोड़ी बना लिया. तथा अब पीछे से मेरी चूत को चाटने में लग गये.
ताकि मेरी चूत फिर से गीली हो सके और फिर उन्होंने ठीक वैसा ही धक्का मारा जैसा की उन्होंने पहले राउंड के दौरान मारा था. तभी मेरे को इस बार वैसा दर्द नही हुआ जैसा की पहली बार हुआ था. और अब मैं मजे से चुदाई करवा रही थी. और मामू मेरे कंधों को पीछे से पकड़कर लगातार चोदे जा रहे थे. तथा उनका ये चुदाई का अंदाज देखकर मैं आह…. आहाहाहा…. अहहहः…. अहहहहः….अह्गाह्हहहः….. किये जा रही थी.
तथा अब मुझे पीछे से चुदाई करवाते हुए करीब 15 मिनट हो चले थे. और मेरी चूत से अब ढेर सारा पानी निकल रहा था. इसलिए अब मामू जैसे ही झटके मारते थे मेरी चूत से फच…. फच…. फच….फ्छ… जैसी आवाजें सुनाई दे रही थी. जो मेरे कानों को इतना भा रही थी की पूछो मत. अगर हम इस दौरान निचे वाले फ्लोर पर होते तो कब का ही दूसरों को पता चल गया होता.
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इसलिए अल्लाह का शुक्र है की हम ऊपर वाले फ्लोर पर चुदाई कर रहे थे. और दोस्तों आपको बताऊ इस दुसरे राउंड में मैं करीब 3 बार झड़ चुकी थी. लेकिन मेरे अनवर मामा का स्टेमिना इस लेवल का था की वो लगातार मेरी चूत को बजाये जा रहे थे. और मैं मजे से चुदवा रही थी. करीब 1 घंटे तक उसी पोजीशन में चोदने के बाद अब उनका फिर से झड़ने वाला था. इसलिए उन्होंने अपने धक्के तेज कर दिए.
और फिर एकदम से अपना लंड बाहर निकालकर बोला- ले पी ले फिर मेरे माल को.
इतना सुनते ही मैं बैठ गयी. और मामू के लंड को हिलाते हुए उनका पूरा माल अपने मुंह में ले गयी. आपको बताऊ मामू के संग हुई वो पहली चुदाई मेरे को आज भी याद आती है तो मेरी चूत से पानी बहने लगता है. क्योंकि इसके बाद जैसा की मैंने बताया एक बॉयफ्रेंड बनाया था जो लगातार मेरी चुदाई करता है. लेकिन वैसी चुदाई उससे नही हो पाती है. जैसी की अनवर मामा ने की थी. इसलिए जब भी मेरे को दमदार चुदाई करवानी होती है तब दोस्तों मैं मामा के घर चली जाती हूँ ढंग से चुदकर वापस आती हूँ.
ये Mama bhanji ki chudai कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Mama ne bhanji ko choda कहानी बहुत पसंद आई होगी. अगर आपको मेरी Gandi Kahaniyan पसंद आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. हम आपके लिए ऐसे ही मजेदार कहानियां लेकर आते रहेंगे.