Train Me Chudai Story – फर्स्ट एसी में कविता भाभी की चोदी चूत
नमस्कार दोस्तों, आप सभी का स्वागत है आपके फेवरेट ब्लॉग GandiKahaniyan.com के Train me chudai sex stories के नए एपिसोड में. पेश है आपके सामने एक बार फिर से रोशन जी द्वारा भेजी गयी Train Me Chudai Story लेकर. दोस्तों यह Train me chudai kahani मेरी सगी जवान और सेक्सी भाभी कविता के साथ की है.
जिन्होंने मेरे को चुदाई का पूरा ज्ञान ट्रेन के अंदर दिया था. मेरी ये खुबसुरत सी कहानी आज भी मेरे जहन में रहती है इसलिए सोचा की आपको भी शेयर कर ही दूं. और Gandi Kahaniyan मेरे को एक ऐसा पोर्टल मिला है जहाँ पर मैं अपने मन की बात आपको बताने जा रहा हूँ.
दरअसल दोस्तों मेरा नाम रोशन है और मैं उत्तरप्रदेश के मेरठ का रहने वाला हूँ. तथा फ़िलहाल मेरी उम्र 22 बरस की हो गयी है. लेकिन आपको सच बताऊ तो दोस्तों मैंने अभी तक चूत के दर्शन भी नही किये थे. हालाँकि फिल्मो में देखा है लेकिन कभी वास्तविक जिन्दगी में नही देखा. और मैं पिछले 6 बरस से मूठ मारने की आदत में पड़ चूका हूँ.
क्योंकि दोस्तों अब आप ही जानते है ये उम्र चुदाई के बिना नही कट सकती है. हालाँकि मैं दिखने में काफी हेंडसम टाइप का लड़का हूँ. लेकिन शायद मेरे को लड़की पटाना ही नही आता है. इसलिए मेरी आजतक कोई गर्ल फ्रेंड नही बनी है. फिर दोस्तों एक बार मेरे को अपनी भाभी को उसके पीहर जो की वेस्ट बंगाल में है वहां पर छोड़ के आना था.
और हम लोग ट्रेन में जाना ही प्रेफर करते है. इसलिए दोस्तों भैया ने मेरे को बोला की तुम ही अकेले अपनी भाभी को उसके पीहर छोड़कर वापस चले आना. अब दोस्तों ये सफर था तो काफी मुश्किल क्योंकि वहां जाने में ही 1 दिन लग जाता है. लेकिन मुझे क्या पता था की मेरे को चूत चोदने के लिए मिल जाएगी. फिर हुआ ये की कविता भाभी और मेरी एक दूसरे से अच्छे से बनती थी. भाभी हमेशा मुझ पर लाइन मारती और मजाक करती रहती थी.
हमारी ट्रेन रात 10 बजे की थी और मैं और भाभी समय पर प्लेटफार्म पहुँच गए. हमने फर्स्ट एसी का टिकट लिया था ताकि हमें कोई डिस्टर्ब न कर सकें. भाभी मुझे पहले से ही बहुत मस्त लगती हैं. उनकी उम्र 30 साल है, पर वह अभी भी 21-22 की लगती हैं. वह एकदम गोरी चीटी और स्लीम फिगर वाली है. अगर कोई मर्द उन्हें नंगा देख ले तो दोस्तों उसका बिना चूत में डाले ही पानी निकल जाए. इतनी हॉट है मेरी कविता भाभी इसलिए तो मैं भी उनके पीछे लगा रहता हूँ.
उनका फिगर 34-30-36 है और उस दिन भाभी ने लाल साड़ी और लाल लिपस्टिक लगाई थी, जिसमें वह बेहद सुंदर लग रही थीं. और फिर दोस्तों ट्रेन आ गयी तथा हम ट्रेन में अपने डिब्बे में बैठ गये. जहाँ फर्स्ट एसी कोच में कोई और मौजूद नही था. यहाँ तक की हमने फिर गेट के भी कुण्डी लगा ली थी. क्योंकि आपको तो पता ही है इस डिब्बे में टीटी भी टिकट चेक करने के लिए कम ही आता है.
फिर दोस्तों ट्रेन चलना शुरू हुई और मैं तथा कविता भाभी लग गये अपनी-अपनी बातें बतलाने को. फिर काफ़िर देर बाद भाभी अपना फोन चलाने लगीं और मैं भी लेटकर फोन देखने लगा. भाभी भी पास में ही लेट गईं, अभी लाइट ऑन थी. हम दोनों के शरीर एक-दूसरे को छू रहे थे.
मैंने भाभी से पूछा, “लाइट बंद कर दूं?”
भाभी ने ‘हाँ’ में सिर हिलाया और मैंने लाइट बंद कर दी.
अब भाभी मेरी तरफ पीठ करके लेटी थीं. भाभी बोलीं- “नींद नहीं आ रही और गर्मी भी लग रही है”
मैं- “भाभी AC ऑन है, कुछ देर में ठंडक हो जाएगी.”
अब मैं दोस्तों अँधेरे में ही भाभी की कमर पर हाथ रखा और सोने की कोशिश करने लगा.भाभी को नींद नहीं आ रही थी तो वह सीधी हुईं. ऐसा करने पर मेरा हाथ उनके पेट पर चला गया. इसके बाद मुझे शरारत सूझी और मैं उनके पेट पर हाथ फेरने लगा. उन्हें गुदगुदी होने लगी और वह हँसने लगीं. उन्होंने मुझे पकड़ लिया और मुझे भी गुदगुदी करने लगीं.
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इसी छीना-झपटी के बीच कविता भाभी मेरे ऊपर आ गईं. उनका पल्लू सीने से हट गया और मेरा मुँह सीधे उनके बूब्स पर आ गया. वह वैसे ही मेरे ऊपर लेटी रहीं और मैं उन्हें पकड़े रहा. फिर मैंने भाभी के लिप्स पर किस कर दिया.
मेरी ये हरकत देख भाभी बोली- देवर जी इतने प्यासे हो क्या? ये क्या कर दिया आपने?
मैं- अब आप मेरे ऊपर आकर नौटंकी करोगी तो मुझे भी कुछ तो करना पड़ेगा ना. ताकि आप फिर मेरे साथ ऐसा न कर सकों.
भाभी- वो सब तो ठीक है लेकिन यार ये गलत है आप मेरे देवर हो. पता है ना आपको?
मैं- हाँ सब पता है. ज्यादा मत सिखाओ. इतना कहकर मैं मुह बनाकर बैठ गया.
और फिर मेरा ये अंदाज देखकर भाभी बोली- इतनी सी बात पर कोई नाराज होता है क्या देवर जी?
मैं- नही खुश होता है, आपको बस एक किस करने के कारण ही आपने मुझे कितना सूना दिया, कैसी भाभी हो आप?
भाभी- अच्छा ठीक है बाबा अब कुछ नही बोलूंगी. तुमको जो अच्छा लगे वो कर लेना. लेकिन प्लीज रोशन जी आप नाराज मत होवो. मेरे को बिलकुल भी अच्छा नही लगता इस प्रकार आप मुह बनाकर बैठोगे तो.
इतना सुनते ही मैंने कहा- भाभी अब मैं फिर किस कर लू आपको जमकर?
भाभी- इतने प्यासे हो क्या?
मैं- आपको देखकर प्यास अपने आप जग जाती है.
ये सुनते ही भाभी मुस्कुराने लग गयी और फिर मैंने उनको अपनी गोद में लिटा कर किस करना शुरू कर दिया. और हम दोनों किस करते-करते एक दुसरे में खोने लग गये. और ये रात का समय था इसलिए किस करने का मजा कुछ और ही ज्यादा आ रहा था. मेरे किस करने का अंदाज देखकर भाभी बोली- खेले हुए खिलाड़ी लगते हो?
मैं- नही आपकी कसम मैंने पहली बार किसी को किस किया है.
फिर भाभी बोली- तो इतना हार्ड किस कैसे कर रहे हो? जैसे पहले कभी किया हुआ हो.
मैं- ऐसा कुछ नही है भाभी, आपको मजा आ रहा है ना?
भाभी- मजा तो आ रहा है, लेकिन अब मुझे कुछ चुभने भी लग गया है.
मैं- क्या?
भाभी- ये जो आपकी पेंट में है.
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इतना सुनकर हम दोनों ही जोर-जोर से हंसने में लग गये. और फिर मैं धीरे-धीरे भाभी के बूब्स को मसलना शुरू कर दिया. और जैसे ही मैंने कविता भाभी के बूब्स को छुआ. वो एकदम से आह… आह…आह…आह…आह…आह… जैसी मादक आवाजें निकालना शुरू कर दी.
और उनकी ये आवाजें मेरे को इतना भा रही थी की मैं लगातार उन्हें किस करता हुआ उनके बूब्स को दबाए जा रहा था. भाभी पूरी गर्म हो गई थीं और पागलों की तरह किस कर रही थीं. भाभी ने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और हाथ से मेरे लंड को सहलाने लगीं.
मेरा लंड देखकर भाभी बोली- इतना बड़ा लंड है आपका? ओह माय गॉड.
मैं- क्यूँ भैया का नही क्या इतना बड़ा?
भाभी- आपके भैया का तो इससे आधा भी नही है.
मैं- चलो भाभी अब मेरे लंड को चुसो प्लीज मेरे को बहुत मजा आएगा.
इतना सुनते ही भाभी मानों लंड चूसने के लिए तैयार ही बैठी थी क्या उन्होंने झट से मेरे 7 इंच के लंड को अपने मुह में टिका दिया. और आह…ऊऊ….आआऊ…. करते-करते आइसक्रीम की तरह मेरे लंड को चुसना शुरू कर डाला.
करीब 10 मिनट तक मेरा लंड चूसने के बाद मेरा माल भाभी के मुँह में ही निकल गया और वह उसे पूरा पी गईं. फिर मैंने भाभी के सारे कपड़े उतार दिए और उन पर टूट पड़ा. मैं उनके बूब्स को दबाने और चूसने लगा. साथ ही एक हाथ से भाभी की चुत में उंगली डालकर आगे-पीछे करने लगा. और जैसे ही मैंने ऊँगली डाली भाभी की चुदाई की आग और भड़क उठी और वो आह…आह…आह… करते-करते मेरे को किस करने में लग गयी.
भाभी की ये तड़प देखकर मैंने बोला- भाभी लगता है भैया आपको कई दिनों से नही चोद पाए है.
भाभी- चोदते तो हमेशा है लेकिन आप जो हरकतें कर रहे हो ना ये सब उनसे नही हो पति है. वो सिर्फ लंड डालते है और 2 मिनट आगे-पीछे करके वापस मेरे को तड़पती छोड़ जाते है.
मैं- टेंशन मत लो मेरी भाभी जान आज आपको असली लंड का मजा दूंगा. मेरे को आपकी ये चूत बहुत रसीली लग रही है. क्या मैं आपकी चूत को पी लूँ?
भाभी- प्लीज जल्दी करो.
इतना सुनते ही मैंने भाभी के दोनों टांगों को फैला दिया और उनके सामने आकर उनकी गुलाबी चूत को चाटने में लग गया. और करीब 5 मिनट तक उनकी चूत को चाटता ही रहा. मुझे उनकी चूत का वो नमकीन पानी इतना अच्छा लग रहा था की मन कर रहा था इसे पीता ही रहू. लेकिन अब भाभी को लंड डलवाने की बेताबी हो चली थी.
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इसलिए वो अब जल्दी से अपने अंदर लंड डलवाने की अपील किए जा रही थी. और मेरे से भी उनकी ये तड़प देखी नही जा रही थी. इसलिए अब मैंने अपने लंड का टोपा भाभी की चूत पर फिसलाना शुरू कर दिया. और उनकी चूत काफी गीली होने के कारण मेरा लंड फिसलता ही जा रहा था. अब ये सब होता देख भाभी ने मेरे लंड को अपनी चूत के छेद परा सेट किया और बोली- अब मारो धक्का देवर जी.
इतना सुनते ही मैंने एकदम से धक्का दिया और मेरा लंड कविता भाभी की चूत को चीरता हुआ एकदम अंदर जा घुसा. और पूरा लंड जाते ही भाभी एकदम से चिल्लाई- आह……आहाहहहः…… ऊऊऊऊऊ……… ऊऊऊईईई…. प्लीज ऐसे भी कोई अंदर घुसाता है क्या?
आपका लंड है या कोई लौहे की रॉड? बहुत अंदर चला गया है…. प्लीज इसे बाहर निकालो प्लीज…..प्लीज….प्लीज.
भाभी का ये अंदाज देखकर मैंने अपने लंड को उनकी चूत बाहर निकालना ही बेहतर समझा और फिर मैंने लंड को बाहर निकालकर फिर से धीरे-धीरे घुसाना शुरू कर दिया. तथा अब भाभी बोली- हाँ ये सही है पूरी रात पड़ी है आराम से चोद लेना. एकदम से मत फाड़ो मेरी चूत को …. बस ऐसी ही धीरे-धीरे अपने लंड को मेरे अंदर आगे-पीछे करते रहो.
इतना सुनते ही मैंने भाभी की जांघों को अपने हाथों में लिया और अब मैंने अपने लंड के झटकों की स्पीड को दोगुना कर दिया. और मेरी स्पीड देखकर भाभी बोली- मेरे को आपसे यहीं उम्मीद थी…. प्लीज ऐसे ही चोदो रोशन जी बहुत मजा आ रहा है…. प्लीज…. आह… आह्ह….आहाह्हा….अहहहा….अहहाह…. ओह्ह्ह…ओह्ह्ह्हह….ओह्ह्ह्ह.
भाभी का ये अंदाज देखकर मेरे से भी रुका नही जा रहा था और मैं साथ में भाभी के गोरे-गोरे गालों पर किस किए जा रहा था. तथा साथ में जोर-जोर से झटके दिए जा रहा था. और ये सब करते-करते मेरे को करीब 10 मिनट हो चले थे. लेकिन मैंने अपनी स्पीड को वैसे का वैसा ही रखा. क्योंकि दोस्तों मेरे को भी इस टाइम पर चुदाई का खुमार जो चढ़ गया था.
और जैसा की मैंने आपको बताया मैंने कभी चूत के दर्शन भी नही किये थे और आज एक खुबसुरत सी चूत मेरे से चुदने के लिए सामने थी. तो मेरे से बिलकुल भी कण्ट्रोल न हो रहा था. और फिर दोस्तों अब मेरा फिर से झड़ने का समय हो चला था तो मैंने भाभी को बोला- भाभी मेरा लंड फिर से माल निकालेगा.
भाभी- प्लीज इसे माल निकाल लेने दो लेकिन लंड को बाहर मत निकाल देना…. बहुत मजा आ रहा ….. आई लव यू रोशन जी काश आप मेरी पति होते…. कितनी हसीन मेरी जिन्दगी होती… मेरे को आज पता चला है की, आप इस कदर भी चुदाई कर सकते हो…. आह… आह…आह…आह.
मैंने कहा- भाभी माल अंदर रह जाएगा तो कोई बच्चा लग जाना है.
भाभी- लग जाने दो कम से कम बच्चा को ढंग का होगा जो अपनी गर्ल फ्रेंड को ढंग से चोदेगा. आपके भैया की तरह तो नही होगा जिनके कारण किसी और से ही चुदाई करवाकर मजा लेना पड़ेगा.
भाभी के मुंह से ये बात सुनकर पहले तो मैं काफी मुस्कुराया और फिर मैंने अब अपने झटकों की स्पीड बढ़ा डाली और करीब 20-30 झटके और जोर-जोर से देने के पश्च्यात मैंने अपने लंड का माल भाभी की चूत की गहराई में ही आह…आह्हह….आहाह्हा….अहहाह…. करके छोड़ दिया.
और मैं इसके बाद भाभी के ऊपर ही लेट गया. मेरी चुदाई को महसूस करके भाभी अब मेरे से पहले से ज्यादा प्यार करने में लग गयी. और बोली- आपको एक बात बताऊ देवरजी?
मैंने कहा- बोलो भाभी क्या बात है?
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भाभी- मुझे पहली बार किसी मर्द ने झाड़ा है वरना आज तक आपके भैया तो खुद का ही पानी निकालने में लगे रहते थे. लेकिन आपकी चुदाई का कोई जवाब नही. थैंक्स देवरजी.
मैं- इसमें थैंक्स वाली कौनसी बात है भाभी मैं भी आपको कई दिनों से चोदने के बारें में सोच रहा था लेकिन आप हो की कभी मेरे को भाव ही नही देती हो.
भाभी- सॉरी देवरजी आज से कभी भी ऐसी गलती नही होगी.
इतना कहकर भाभी फिर मेरा लंड चूसने में लग गयी. और अब कुछ देर बाद मेरा लंड फिर से फनफनाने में लग गया. फिर भाभी ने बेग में से एक कपडा निकाला और अपनी चूत को साफ़ करके बोली- आप लेट जाओ देवरजी अब मेरे को आपके ऊपर चढ़कर चुदना है.
इतना सुनते ही मैंने लेट गया और भाभी अब मेरे लंड पर चढ़कर आगे पीछे हुए जा रही थी. और उन्होंने करीब आधे घंटे तक एक ही स्पीड में मेरे लंड को अपनी चूत में आगे पीछे किया और वो आह…आह..आः…आहाहहः….आहाहहः… करके इस दौरान अब 2 बार और झड़ चुकी थी.
फिर दोस्तों अब करीब रात के 1 बज चुके थे और हम चलती ट्रेन में चुदाई (chalti train mein chudai) का भरपूर आनद ले रहे थे. इसी दौरान अब भाभी बोली- देवरजी आपको कैसा लगा मेरी चूत की चुदाई करके.
मैं- भाभी मुझे तो ऐसा लगा की जैसे मैं जन्नत में हूँ. क्योंकि मैं आपकी चूत की पहली चुदाई कभी नही भूल पाऊंगा.
भाभी- बस पहली ही याद रखना बाकी आखिरी तो बहुत मुश्किल से होगी. क्योंकि आज से ये आपका 7 इंच वाला लंड सिर्फ मेरा है.
मैं- ठीक है भाभी.
इतना कहकर फिर से हम दोनों चुदाई के अभियान में जुट गये. और पूरी रात सोने की बजाय हम चुदाई ही करते रहे. और आपको बताऊ दोस्तों मैंने उस रात कविता भाभी को करीब 7 बार चोद दिया था. तथा मेरी चुदाई से आख़िरकार उनका हाल ऐसा हो गया था की उन्हें चलने में भी समस्या महसूस हो रही थी. आज भी जब हम चुदाई करते है तो उस रात को जरूर याद करते है. ताकि हम दोनों में और जोश आ सकें.
ये Train mein bhabhi ki chudai कहानी आप हमारी वेबसाइट gandikahaniyan.com/ पर पढ़ रहे है. उम्मीद है आपको यह Train me chudai kahani बहुत पसंद आई होगी. अगर आपको मेरी Gandi Kahaniyan पसंद आती है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है. हम आपके लिए ऐसे ही मजेदार कहानियां लेकर आते रहेंगे.